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एआई आधारित शिक्षा भविष्य की जरूरत : डॉ. अनुपमा सांगवान
Tue, 26 May 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 26 May 2026 03:07 AM IST
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आयोजित एनईपी अभिविन्यास एवं संवेदीकरण कार्यक्रम के पांचवें दिन शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कौशल विकास जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था में एआई आधारित तकनीकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है।
कार्यक्रम के पहले सत्र में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुपमा सांगवान ने एनईपी 2020 के तहत शिक्षण, सीखने और समग्र उत्कृष्टता के लिए एआई-संचालित रणनीतियाँ विषय पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि एआई तकनीक साहित्य समीक्षा, डेटा विश्लेषण, कंटेंट मैनेजमेंट और साहित्यिक चोरी की जांच जैसे कार्यों को अधिक प्रभावी बना रही है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के प्रो. दिनेश चहल ने कौशल विकास विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समग्र विकास पर केंद्रित है और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता और व्यावहारिक दक्षताओं को विकसित करें। संवाद
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कार्यक्रम के पहले सत्र में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुपमा सांगवान ने एनईपी 2020 के तहत शिक्षण, सीखने और समग्र उत्कृष्टता के लिए एआई-संचालित रणनीतियाँ विषय पर व्याख्यान दिया।
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उन्होंने कहा कि एआई तकनीक साहित्य समीक्षा, डेटा विश्लेषण, कंटेंट मैनेजमेंट और साहित्यिक चोरी की जांच जैसे कार्यों को अधिक प्रभावी बना रही है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के प्रो. दिनेश चहल ने कौशल विकास विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समग्र विकास पर केंद्रित है और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता और व्यावहारिक दक्षताओं को विकसित करें। संवाद
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