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Kurukshetra News: फिटनेस सर्टिफिकेट के बाद एक बार फिर चालू हुए झूले, मेले में लौटी रौनक
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लाडवा। मेले में खरीददारी करते श्रद्वालु। संवाद
लाडवा। सुरक्षा मानकों व फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिखाने पर आठ दिवसीय मेले में लगने वाले झूलों को एसडीएम अनुभव मेहता के आदेशों के बाद शुक्रवार को बंद करवा दिया गया था। शनिवार को ठेकेदार रमनजीत खुराना ने प्रशासन को फिटनेस सर्टिफिकेट सौंपा और उसी दिन मेले में पहले की तरह झूले चालू हो गए।
पंजाब से आए दुकानदार कोमलप्रीत, मनिंद्र सिंह, सुखप्रीत, राजसिंह आदि ने बताया कि वे पिछले कई साल से माता बाला सुंदरी मंदिर परिसर में मेले में दुकानें लगाने का काम करते हैं। पिछले कई साल से मेले के तीन चार दिन में किराया आदि का खर्चा निकल जाता था। उन्होंने बताया कि इस बार मेले में भीड़ जरूर है लेकिन ग्राहक नहीं हैं जिससे उन्हें दुकानों का किराया निकालना मुश्किल हो रहा है।
उपमंडल अधिकारी अनुभव मेहता ने बताया कि ठेकेदार रमनजीत खुराना की ओर से फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करवाने के बाद झूलों को सुचारू रूप से चालू करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
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दुकानदार बोले- नहीं दी जा रही सुविधाएं
दुकानदारों ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेले में उन्हें मंदिर कमेटी की ओर से न तो पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है और न ही भोजन। मेले में 10 हजार से लेकर 33 हजार तक दुकानों का किराया वसूला जा रहा है लेकिन उन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही। वहीं मंदिर कमेटी की ओर से ठेकेदार को मंदिर में लगने वाली दुकानों का जिम्मा सौंपा गया है। ठेकेदार बग्गा सिंह ने लोगों की सुविधा व शोर प्रदूषण को देखते हुए दुकानों के स्पीकरों को बंद करवा दिया है।
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पंजाब से आए दुकानदार कोमलप्रीत, मनिंद्र सिंह, सुखप्रीत, राजसिंह आदि ने बताया कि वे पिछले कई साल से माता बाला सुंदरी मंदिर परिसर में मेले में दुकानें लगाने का काम करते हैं। पिछले कई साल से मेले के तीन चार दिन में किराया आदि का खर्चा निकल जाता था। उन्होंने बताया कि इस बार मेले में भीड़ जरूर है लेकिन ग्राहक नहीं हैं जिससे उन्हें दुकानों का किराया निकालना मुश्किल हो रहा है।
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उपमंडल अधिकारी अनुभव मेहता ने बताया कि ठेकेदार रमनजीत खुराना की ओर से फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करवाने के बाद झूलों को सुचारू रूप से चालू करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
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दुकानदार बोले- नहीं दी जा रही सुविधाएं
दुकानदारों ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेले में उन्हें मंदिर कमेटी की ओर से न तो पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है और न ही भोजन। मेले में 10 हजार से लेकर 33 हजार तक दुकानों का किराया वसूला जा रहा है लेकिन उन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही। वहीं मंदिर कमेटी की ओर से ठेकेदार को मंदिर में लगने वाली दुकानों का जिम्मा सौंपा गया है। ठेकेदार बग्गा सिंह ने लोगों की सुविधा व शोर प्रदूषण को देखते हुए दुकानों के स्पीकरों को बंद करवा दिया है।

लाडवा। मेले में खरीददारी करते श्रद्वालु। संवाद