कुरुक्षेत्र। धान की रोपाई अब जोर पकड़ने लगी है, जिसके चलते प्रवासी मजदूर धान की रोपाई में जुटे नजर आते हैं। हालांकि धान की रोपाई 15 जून से शुरु हो चुकी थी, जिसके लिए बिहार, उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर हजारों किलोमीटर का सफर तय कर धान की रोपाई के लिए धर्मनगरी पहुंचे हैं। तीन दिन पहले हुई बारिश से जहां प्रवासी मजदूरों को धान की रोपाई करने में सहूलियत हुई तो वहीं बारिश होने से किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखने को मिली थी। बारिश होने से पहले प्रवासी मजदूरों को 45 डिग्री तापमान के बीच खुले आसमान में धान की रोपाई करने पर मजबूर होना पड़ रहा था, जिससे तापमान बढ़ने पर खेत में खड़ा पानी भी गर्म हो रहा था और प्रवासी मजदूरों को धान की रोपाई करने में दिक्कत उठानी पड़ रही थी।
पिछले दिनों भीषण गर्मी के चलते धान की रोपाई किए गए खेत भी बार-बार पानी देने के बावजूद सूख रहे थे, जिससे किसानों के चेहरे भी मुरझाने लगे थे। वहीं बिजली के कट भी किसानों के लिए समस्या बने हुए थे, लेकिन तीन दिन पहले हुई बारिश ने किसानों को राहत देने का काम किया था, जिससे भीषण गर्मी का असर कम हुआ तो धान की रोपाई में भी किसानों को फायदा मिला था। बारिश होने के बाद धान की रोपाई ने तेजी पकड़ी है, जिसके चलते अब हर ओर खेतों में धान की रोपाई का काम जोरों पर है, वहीं अभी भी किसानों को बारिश न होने की चिंता सता रही है। हालांकि कई किसान मानसून की बारिश होने पर ही धान की रोपाई करने का इंतजार भी कर रहे हैं।