फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   advocate, new bill, protest, kurukshetra

एडवोकेट एक्ट संशोधन बिल के विरोध में उतरे वकील, प्रतियां फूंकी

Sat, 22 Apr 2017 12:06 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Sat, 22 Apr 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
advocate, new bill, protest, kurukshetra
advocates protest against new bill - फोटो : अमर उजाला

एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को जिला भर के वकीलों ने आधा दिन वर्क सस्पेंड कर अदालती कामकाज का बहिष्कार किया। वकीलों ने प्रस्तावित एडवोकेट एक्ट संशोधन बिल की प्रतियां जलाकर अपने विरोध जताया।  

विज्ञापन


जहां वकील दिन भर संशोधित बिल को लेकर चर्चा करते रहे वहीं कुरुक्षेत्र बार एसोसिएशन के आह्वान पर प्रधान मनोज वशिष्ठ के नेतृत्व में भारी संख्या में वकील जिला उपायुक्त कार्यालय पर दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे एकत्रित हुए। जहां उन्होंने जोरदार रोष व्यक्त करते हुए संशोधन बिल की प्रतियां जलाई तो वहीं उपायुुक्त को ज्ञापन भी सौंपा।  उन्होंने कहा कि यदि एडवोकेट एक्ट में संशोधनों का प्रस्ताव नामंजूर नहीं किया गया तो 2 मई को पूरे देश के वकील दिल्ली में जुटेंगे व विशाल विरोध रैली की जाएगी। इस दौरान उपप्रधान सहदेव रढान, महासचिव संदीप मढान, संयुक्त सचिव रेखा देवी, कैशियर अंकुर सूरी के अलावा वरिष्ठ वकील केके वशिष्ठ, पूर्व प्रधान मनोज कौशिक सहित भारी संख्या में अन्य वकील भी शामिल रहे। उधर बार एसोसिएशन पिहोवा के अध्यक्ष सुनील बंसल ने कहा कि यदि एडवोकेट एक्ट में कोई बदलाव किया गया तो वकील जेल भरो आंदोलन भी शुरू करेंगे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि संशोधनों का प्रस्ताव जो केंद्र सरकार को भेजा गया है वह अति दुर्भाग्यपूर्ण है। वकीलों ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील बंसल के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय के माध्यम से केंद्रीय कानून मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर एस.डी. मुरार, गुरिंद्रजीत सिंह नत्त, नरेश भार्गव, डी.पी.दस्तूर, जे.बी.शर्मा, मोहित शर्मा, अनिल बागड़ी, बीएस मोमी, राजेश हरित, वीरभान बाखली, जेपी भट्टी, देवेंद्र सिंह, सोमनाथ गुलाटी, गुरनाम मलिक, सुरजीत शर्मा, राजेश शर्मा, सुरेश कौशिक, दलजीत मोर, अशोक भारद्वाज, संजीव कुश, राजकुमार भूस्थला, वीरेंद्र कौशिक, अनिल शर्मा दानीपुर सभी वकीलों ने एडवोकेट एक्ट में बदलाव के प्रस्तावों का विरोध किया।                  
विज्ञापन
विज्ञापन

     
वकीलों की संस्थाएं ऐसे लोगों के हाथ होंगी, जिनका वकालत से लेना-देना नहीं            

रोष जता रहे वकीलों ने कहा कि लॉ कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा एडवोकेट एक्ट में कई बड़े संशोधन करने की सिफारिश केंद्र सरकार को की गई है। इनमें जजों को वकीलों के लाइसेंस रद्द करने का अधिकार, काम में लापरवाही करने और अनुशासन तोड़ने पर वकीलों पर कड़ी कार्रवाई, वकीलों को उपभोक्ता फोरम द्वारा तय नियमों के मुताबिक मुवक्किलों को मुआवजा, हड़ताल करने पर वकीलों पर कार्रवाई और जुर्माना, राज्य बार काउंसिल में आधे से ज्यादा सदस्य उच्च न्यायालय द्वारा नामित किए जाएंगे जिनमे डॉक्टर, इंजीनियर व बिजनेसमैन शामिल होंगे। बीसीआई के सदस्य के लिए कोई चुनाव नहीं होगा।

वकीलों का मानना है कि वकीलों की संस्थाएं ऐसे लोगों के हाथ में देने का प्रयास किया जा रहा है जिनका वकालत से कोई लेना देना नहीं है। मौजूदा एडवोकेट एक्ट में वकीलों से जुड़े कार्य में कार्रवाई करने का अधिकार केवल राज्य बार काउंसिल व सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल को ही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed