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धरना दे रहे जाटों को मनाने में जुटा प्रशासन
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:23 AM IST
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ध्ारने पर बैठे जाट समुदाया के लाोग
- फोटो : amar ujala
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ठलाडवा-रायपुर रोडान रोड पर गांव जैनपुर में जाट समुदाय का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें जिलेभर से समाज के लोगों ने भाग लिया। धरने में महिलाएं भी शामिल हुई और लोगों की संख्या पिछले दो दिनों के मुकाबले अधिक देखी गई। जिससे पुलिस व प्रशासन और भी चौकन्ना हो गया है। प्रशासन की ओर से धरने के पहले दिन से ही उन्हें मनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जहां धरने से पहले ही उनसे धरना न दिए जाने की अपील की थी वहीं धरना शुरू होने के बाद भी प्रशासन की ओर से भरसक प्रयास किए गए, ताकि धरने को समाप्त करवाया जा सके। लेकिन प्रशासन के प्रयास सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। समाज के लोग अपनी मांग पर अड़े हुए हैं जबकि धरना अनिश्चित घोषित किया हुआ है।
मंगलवार सुबह जाट समुदाय के जिला स्तरीय धरने में गांव जैनपुर जाटान में तीसरे दिन जिले के विभिन्न हिस्सों से जाट समुदाय के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में धरनास्थल पर पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद शुरू किए गए तीसरे दिन के धरने में दोपहर होते-होते बड़ी संख्या में जाट समाज के पुरुष व महिलाएं धरनास्थल पर एकत्रित हो गए। धरना शाम लगभग 6 बजे तक जारी रहा। जाट नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जाट नेताओं व जाट अधिकारियों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर तुरंत विचार करे और उन मांगों को मानकर लागू करें। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा। जाट नेताओं ने धरने पर बैठे लोगों को आरक्षण की मांग के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि जाटों के खिलाफ दर्ज किए सभी मामले रद्द हो, जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद सहित सरकारी मदद की जाए तथा उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। गिरफ्तार किए गए जाट नेताओं को बिना शर्त किए रिहा किया जाए। आरक्षण को और मजबूत करने के लिए संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल किया जाए।
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आरक्षण पर हाई कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर सरकार ठोस कदम उठाए। इस अवसर पर चौ. कुड़ा राम गुहन, राजबीर गोबिंदगढ़, जस्सी बरोट, हरज्ञान बरोट, रामकुमार हलालपुर, बलदेव राठी, अशीष फौजदार, रामचंद्र जैनपुर, जोगिंद्र बारना, धर्मपाल नांदल, बलविंद्र लाडवा, अजमेर फोजी, धर्मपाल बपदी, मिहां सिंह जैनपुर, जयप्रकाश लाडवा, भुपेंद्र पप्पु, बलकार जैनरुप, रामसरुप बपदा, सौरभ धनौरा सहित भारी संख्या में पुरुष व महिलाएं धरने में उपस्थित रहीं।
बनाई जा रही है धरने पर बैठे लोगों की सूची
जाट समुदाय द्वारा दिया जा रहा धरना तीसरे दिन भी शांतिपूर्ण रहा। प्रशासन को दिए आश्वासन के अनुसार समाज के लोग शंातिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे रहे तो वहीं धरने में शामिल लोगों की समाज के लोगों द्वारा ही सूची भी बनाई जा रही है। प्रशासन की ओर से भी उनसे अपील की गई है कि वह अपना धरना शांतिपूर्ण रखे।
भारी पुलिस बल तैनात, अलर्ट जारी
जाट समुदाय द्वारा दिए जा रहे धरने के चलते जहां पुलिस बल गांव जैनपुर में धरनास्थल से कुछ दूरी पर तैनात रहा वहीं लाडवा में भी भारी पुलिस बल रिजर्व में रखा हुआ है। कस्बे के चौक व चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात किए हुए हैं तो वहीं लाडवा व पुलिस लाईन में डीएसपी के नेतृत्व में रिजर्व में रखी गई पुलिस फोर्स को पूरी तरह से अलर्ट किया हुआ है। सभी पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अशांति की सूचना मिलने पर आधा घंटे के अंतराल में मौके पर पहुंचना होगा। उधर एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है और कानून के साथ खिलवाड़ को सहन नहीं किया जाएगा। उन्हें पूरा भरोसा है कि धरना शांतिपूर्ण रहेगा।
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मंगलवार सुबह जाट समुदाय के जिला स्तरीय धरने में गांव जैनपुर जाटान में तीसरे दिन जिले के विभिन्न हिस्सों से जाट समुदाय के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में धरनास्थल पर पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद शुरू किए गए तीसरे दिन के धरने में दोपहर होते-होते बड़ी संख्या में जाट समाज के पुरुष व महिलाएं धरनास्थल पर एकत्रित हो गए। धरना शाम लगभग 6 बजे तक जारी रहा। जाट नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जाट नेताओं व जाट अधिकारियों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है।
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उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर तुरंत विचार करे और उन मांगों को मानकर लागू करें। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा। जाट नेताओं ने धरने पर बैठे लोगों को आरक्षण की मांग के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि जाटों के खिलाफ दर्ज किए सभी मामले रद्द हो, जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद सहित सरकारी मदद की जाए तथा उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। गिरफ्तार किए गए जाट नेताओं को बिना शर्त किए रिहा किया जाए। आरक्षण को और मजबूत करने के लिए संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल किया जाए।
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आरक्षण पर हाई कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर सरकार ठोस कदम उठाए। इस अवसर पर चौ. कुड़ा राम गुहन, राजबीर गोबिंदगढ़, जस्सी बरोट, हरज्ञान बरोट, रामकुमार हलालपुर, बलदेव राठी, अशीष फौजदार, रामचंद्र जैनपुर, जोगिंद्र बारना, धर्मपाल नांदल, बलविंद्र लाडवा, अजमेर फोजी, धर्मपाल बपदी, मिहां सिंह जैनपुर, जयप्रकाश लाडवा, भुपेंद्र पप्पु, बलकार जैनरुप, रामसरुप बपदा, सौरभ धनौरा सहित भारी संख्या में पुरुष व महिलाएं धरने में उपस्थित रहीं।
बनाई जा रही है धरने पर बैठे लोगों की सूची
जाट समुदाय द्वारा दिया जा रहा धरना तीसरे दिन भी शांतिपूर्ण रहा। प्रशासन को दिए आश्वासन के अनुसार समाज के लोग शंातिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे रहे तो वहीं धरने में शामिल लोगों की समाज के लोगों द्वारा ही सूची भी बनाई जा रही है। प्रशासन की ओर से भी उनसे अपील की गई है कि वह अपना धरना शांतिपूर्ण रखे।
भारी पुलिस बल तैनात, अलर्ट जारी
जाट समुदाय द्वारा दिए जा रहे धरने के चलते जहां पुलिस बल गांव जैनपुर में धरनास्थल से कुछ दूरी पर तैनात रहा वहीं लाडवा में भी भारी पुलिस बल रिजर्व में रखा हुआ है। कस्बे के चौक व चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात किए हुए हैं तो वहीं लाडवा व पुलिस लाईन में डीएसपी के नेतृत्व में रिजर्व में रखी गई पुलिस फोर्स को पूरी तरह से अलर्ट किया हुआ है। सभी पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अशांति की सूचना मिलने पर आधा घंटे के अंतराल में मौके पर पहुंचना होगा। उधर एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है और कानून के साथ खिलवाड़ को सहन नहीं किया जाएगा। उन्हें पूरा भरोसा है कि धरना शांतिपूर्ण रहेगा।