{"_id":"62cddca70f97536d4051294d","slug":"administration-sought-time-in-farmers-panchayat-kurukshetra-kurukshetra-news-knl1144632198","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की पंचायत में प्रशासन ने मांगा समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की पंचायत में प्रशासन ने मांगा समय
विज्ञापन
किसानों की बैठक को संबोधित करते जसबीर सिंह मामूमाजरा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। किसानों व भाकियू की एक बैठक शाहाबाद अनाज मंडी स्थित किसान विश्रामगृह में भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस व ब्लॉक कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने कथित सूरजमुखी घोटाले को लेकर चर्चा की। बैठक में पहुंचे मंडी के नोडल अधिकारी कपिल शर्मा ने बताया कि जांच जारी है और इसमें 4-5 दिन और लगेंगे, जिस पर किसानों ने प्रशासन को समय दे दिया। साथ ही 20 जुलाई को किसान पंचायत बुलाने का एलान कर दिया।
किसान नेता जसबीर सिंह ने आरोप लगाया कि पूरा प्रशासन इस मामले को दबाने में लगा है। वह मामले को तब तक उठाते रहेंगे, जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान निजी कंपनियों के चंगुल में न फंसें। निजी कंपनियां किसानों को लूट रही हैं और हर चीज के पैसे वसूल रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि डीएम व एसडीएम को मौके पर बुलाया जाए। इस पर मंडी के नोडल अधिकारी कपिल शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। नोडल अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है। उन्होंने जांच पूरी करने के लिए 4-5 दिन का समय मांगा। जिस पर किसानों ने प्रशासन को समय देते 20 जुलाई को पंचायत बुलाने का एलान कर दिया।
किसानों ने बैठक में नर्म रुख रखा, क्योंकि जिन किसानों ने सूरजमुखी बेची हुई है वह अभी मंडी में ही पड़ी है। जब तक सूरजमुखी का उठान नहीं हो जाता तब तक किसानों को भुगतान नहीं मिलता। यदि किसान कोई कदम उठाते हैं तो प्रशासन सूरजमुखी उठान व भुगतान करने में देरी कर सकता है, जिससे ऐसी आशंका थी कि आढ़ती किसानों को कहते कि यह भुगतान यूनियन के कारण अटका है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शाहाबाद की अनाज मंडी में सूरजमुखी घोटाले को लेकर खूब शोर मचा, लेकिन प्रशासन, किसानों, संबंधित अधिकारियों व आढ़तियों ने स्थानीय विश्रामगृह में बैठक कर मामले को शांत किया। भाकियू चढूनी ग्रुप ने मांग रखी थी कि सोसायटी के मैनेजर व रात के समय सूरजमुखी भरने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रशासन मामला दर्ज करवाए और जांच करे।
विज्ञापन
भाकियू चढूनी के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस व ब्लॉक कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह ने बताया कि बैठक में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया था और वहां सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, लेकिन संबंधित व्यक्तियों की ओर से माफी मांग लिए जाने से मामले को निपटा दिया गया था। इस अवसर पर ब्लॉक प्रधान हरकेश कुमार, पवन कुमार बैंस, सुखचैन सिंह, सतपाल सिंह, तरसेम सिंह, जोरावर सिंह, देवीलाल, बलविंद्र, बूटा सिंह, कुलदीप सिंह, अर्जुन सिंह भिंडर, राजबीर सिंह, बलवान सिंह, नसीब सिंह, महिंद्र सिंह रामनगर, केहर सिंह, विक्रम व रामचरण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शाहाबाद। किसानों व भाकियू की एक बैठक शाहाबाद अनाज मंडी स्थित किसान विश्रामगृह में भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस व ब्लॉक कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने कथित सूरजमुखी घोटाले को लेकर चर्चा की। बैठक में पहुंचे मंडी के नोडल अधिकारी कपिल शर्मा ने बताया कि जांच जारी है और इसमें 4-5 दिन और लगेंगे, जिस पर किसानों ने प्रशासन को समय दे दिया। साथ ही 20 जुलाई को किसान पंचायत बुलाने का एलान कर दिया।
किसान नेता जसबीर सिंह ने आरोप लगाया कि पूरा प्रशासन इस मामले को दबाने में लगा है। वह मामले को तब तक उठाते रहेंगे, जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान निजी कंपनियों के चंगुल में न फंसें। निजी कंपनियां किसानों को लूट रही हैं और हर चीज के पैसे वसूल रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि डीएम व एसडीएम को मौके पर बुलाया जाए। इस पर मंडी के नोडल अधिकारी कपिल शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। नोडल अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है। उन्होंने जांच पूरी करने के लिए 4-5 दिन का समय मांगा। जिस पर किसानों ने प्रशासन को समय देते 20 जुलाई को पंचायत बुलाने का एलान कर दिया।
विज्ञापन
किसानों ने बैठक में नर्म रुख रखा, क्योंकि जिन किसानों ने सूरजमुखी बेची हुई है वह अभी मंडी में ही पड़ी है। जब तक सूरजमुखी का उठान नहीं हो जाता तब तक किसानों को भुगतान नहीं मिलता। यदि किसान कोई कदम उठाते हैं तो प्रशासन सूरजमुखी उठान व भुगतान करने में देरी कर सकता है, जिससे ऐसी आशंका थी कि आढ़ती किसानों को कहते कि यह भुगतान यूनियन के कारण अटका है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शाहाबाद की अनाज मंडी में सूरजमुखी घोटाले को लेकर खूब शोर मचा, लेकिन प्रशासन, किसानों, संबंधित अधिकारियों व आढ़तियों ने स्थानीय विश्रामगृह में बैठक कर मामले को शांत किया। भाकियू चढूनी ग्रुप ने मांग रखी थी कि सोसायटी के मैनेजर व रात के समय सूरजमुखी भरने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रशासन मामला दर्ज करवाए और जांच करे।
विज्ञापन
भाकियू चढूनी के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस व ब्लॉक कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह ने बताया कि बैठक में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया था और वहां सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, लेकिन संबंधित व्यक्तियों की ओर से माफी मांग लिए जाने से मामले को निपटा दिया गया था। इस अवसर पर ब्लॉक प्रधान हरकेश कुमार, पवन कुमार बैंस, सुखचैन सिंह, सतपाल सिंह, तरसेम सिंह, जोरावर सिंह, देवीलाल, बलविंद्र, बूटा सिंह, कुलदीप सिंह, अर्जुन सिंह भिंडर, राजबीर सिंह, बलवान सिंह, नसीब सिंह, महिंद्र सिंह रामनगर, केहर सिंह, विक्रम व रामचरण आदि मौजूद रहे।