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Kurukshetra News: मंच पर अंतिम दिन भी दिखा विविध संस्कृतियों का संगम
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग हरियाणा व हरियाणा कौशल एवं औद्योगिकी प्रशिक्षण विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय इंटर स्टेट यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम-2025 का आयोजन किया गया, जिसका समापन शुक्रवार को हुआ। अंतिम दिन भी प्रस्तुतियों में विविध संस्कृतियों का संगम दिखा।
मुख्यातिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रहे। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवाओं को एक-दूसरे को जानने, एक-दूसरे की संस्कृति को समझने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास पैदा होता है और अनेकता में एकता के दर्शन होते हैं। जब देश का युवा एक सूत्र में बंधा नजर आएगा तब भारत विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरेगा।
इसमें 22 भाषाओं, 24 वेशभूषाओं, कला और संस्कृति का संगम ने धर्मनगरी में देश की अनेकता में एकता को प्रदर्शित किया। युवाओं द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति को प्रस्तुत किया गया। इसमें 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 600 से ज्यादा युवाओं ने अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया।
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अपने-अपने प्रदेश की वेशभूषा में कलाकारों ने सभी का मन मोह लिया। साथ ही सांस्कृतिक विविधता के तहत अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं को दिखाया। शुक्रवार को गुजरात का मणिहार नृत्य, झारखंड का जोहार, मेघालय का चौकबा, सिक्किम, त्रिपुरा और अन्य राज्यों के कलाकारों ने अपने लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।
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मुख्यातिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रहे। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवाओं को एक-दूसरे को जानने, एक-दूसरे की संस्कृति को समझने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास पैदा होता है और अनेकता में एकता के दर्शन होते हैं। जब देश का युवा एक सूत्र में बंधा नजर आएगा तब भारत विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरेगा।
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इसमें 22 भाषाओं, 24 वेशभूषाओं, कला और संस्कृति का संगम ने धर्मनगरी में देश की अनेकता में एकता को प्रदर्शित किया। युवाओं द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति को प्रस्तुत किया गया। इसमें 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 600 से ज्यादा युवाओं ने अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया।
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अपने-अपने प्रदेश की वेशभूषा में कलाकारों ने सभी का मन मोह लिया। साथ ही सांस्कृतिक विविधता के तहत अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं को दिखाया। शुक्रवार को गुजरात का मणिहार नृत्य, झारखंड का जोहार, मेघालय का चौकबा, सिक्किम, त्रिपुरा और अन्य राज्यों के कलाकारों ने अपने लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।