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दमनजोत कौर ने निट में हासिल किया 174 रैंक
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:39 AM IST
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शाहाबाद। गांव चनारथल की बेटी दमनजोत कौर ने नीट की परीक्षा में 174 रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल छा गया तो वहीं उन्हें देर शाम तक उन्हें बधाई देेने का सिलसिला जारी रहा।
दमनजोत कौर डीएवी रामप्रसाद स्कूल की छात्रा है और उसने बारहवीं मेडिकल की परीक्षा 91 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की, जबकि दसवीं कक्षा में दमन ने 10 ग्रेड प्राप्त किया था। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए दमनजोत ने यह उपलब्धि हासिल कर दिखा दिया है कि जज्बे के आगे साधनों का अभाव बाधा नहीं बन सकता। दमनजोत ने बताया कि इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए वह दिन में 8 घंटे मेहनत करती थी। इस परीक्षा के लिए करीब साढे़ 11 लाख बच्चों ने परीक्षा दी थी, लेकिन उसे खुशी है कि उसने 174 रैंक हासिल किया है।
दमन ने कहा कि बचपन से ही उसकी इच्छा चिकित्सक बनने की थी। अपनी उपलब्धि का श्रेय उसने अपने पिता बहादुर सिंह, माता नसीब कौर, भाई अमनदीप सिंह व स्कूल प्राचार्या डॉ. देवेंद्र वालिया व स्कूल स्टाफ को दिया। दमन ने कहा कि वह दिल्ली में एमबीबीएस करके चिकित्सक बनेगी और रोगियों की सेवा करना ही उसका लक्ष्य रहेगा। उन्होंने संदेश दिया कि आज ग्रामीण परिवेश में रहने वाली बेटियों में प्रतिभा कूट-कूट कर भरी है, इसलिए परिजनों को भी चाहिए कि बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दें। भाजपा नेता मुलख राज गुंबर, शहरी प्रधान अरुण कंसल, रविदत्त शर्मा, सुखविंद्र भसीन ने दमन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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बेटों की तरह की बेटी की परवरिश
दमनजोत के पिता बहादुर सिंह व माता नसीब कौर ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की परवरिश बेटों की तरह की है और हमेशा शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेटे व बेटी में कभी फर्क नहीं समझा। उसी की बदौलत दमनजोत ने उनका नाम रोशन किया है।
दमनजोत कौर डीएवी रामप्रसाद स्कूल की छात्रा है और उसने बारहवीं मेडिकल की परीक्षा 91 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की, जबकि दसवीं कक्षा में दमन ने 10 ग्रेड प्राप्त किया था। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए दमनजोत ने यह उपलब्धि हासिल कर दिखा दिया है कि जज्बे के आगे साधनों का अभाव बाधा नहीं बन सकता। दमनजोत ने बताया कि इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए वह दिन में 8 घंटे मेहनत करती थी। इस परीक्षा के लिए करीब साढे़ 11 लाख बच्चों ने परीक्षा दी थी, लेकिन उसे खुशी है कि उसने 174 रैंक हासिल किया है।
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दमन ने कहा कि बचपन से ही उसकी इच्छा चिकित्सक बनने की थी। अपनी उपलब्धि का श्रेय उसने अपने पिता बहादुर सिंह, माता नसीब कौर, भाई अमनदीप सिंह व स्कूल प्राचार्या डॉ. देवेंद्र वालिया व स्कूल स्टाफ को दिया। दमन ने कहा कि वह दिल्ली में एमबीबीएस करके चिकित्सक बनेगी और रोगियों की सेवा करना ही उसका लक्ष्य रहेगा। उन्होंने संदेश दिया कि आज ग्रामीण परिवेश में रहने वाली बेटियों में प्रतिभा कूट-कूट कर भरी है, इसलिए परिजनों को भी चाहिए कि बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दें। भाजपा नेता मुलख राज गुंबर, शहरी प्रधान अरुण कंसल, रविदत्त शर्मा, सुखविंद्र भसीन ने दमन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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बेटों की तरह की बेटी की परवरिश
दमनजोत के पिता बहादुर सिंह व माता नसीब कौर ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की परवरिश बेटों की तरह की है और हमेशा शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेटे व बेटी में कभी फर्क नहीं समझा। उसी की बदौलत दमनजोत ने उनका नाम रोशन किया है।