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910 औद्योगिक इकाईयां शुरु होते ही 8484 लोगों को फिर मिला रोजगार
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कुरुक्षेत्र। लॉकडाउन में मिली रियायतों से 910 औद्योगिक इकाईयों में फिर से कारोबार शुरु हो गया है। इन औद्योगिक इकाईयों के शुरू होने से 8484 लोगों को फिर से रोजगार मिल गया है। सरकार की रियायतों से जिले का औद्योगिक क्षेत्र धीरे-धीरे फिर से अपनी पटरी पर चलने लगा है। इन सभी औद्योगिक इकाईयों को प्रशासन ने ऑनलाइन अनुमति दी है। प्रशासन ने सरकार द्वारा दी रियायतों के बाद सबसे ज्यादा 383 फूड प्रोसेसिंग यूनिट को शुरू करने की अनुमति दी ताकि लोगों को खाद्य सामग्री नियमित रुप से मिलती रहे।
कोरोना वायरस ने जैसे ही प्रदेश में दस्तक दी तो राज्य सरकार ने लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के आदेश और सभी उद्योगों को बंद करने के आदेश जारी किए गए। वहीं खाद्य पदार्थों की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार के आदेशानुसार उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने सरल हरियाणा डाट जीओवी डाट इन पर आवश्यक वस्तुओं वाले उद्योगों को शुरू करने की पहल की थी। इस संबंध में एक कमेटी बनाई गई और जीएम डीआईसी को इसकी जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। सरकार के आदेशानुसार लॉकडाउन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण में उद्योगों को शुरू करने के लिए नीतियों में कुछ बदलाव किया गया और उद्योगों को कुछ शर्तों के साथ खोलने के आदेश भी दिए गए ताकि प्रदेश के उद्योग शुरू हो सके ।
उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं वाले उद्योगों को कुछ शर्तों के साथ शुरु करने के लिए आनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू की थी, इस प्रक्रिया में लॉकडाउन के 3 चरणों में 910 औद्योगिक इकाइयों ने आवेदन किया और प्रशासन ने इन सभी औद्योगिक इकाईयों को कुछ शर्तों के साथ कार्य शुरू करने की अनुमति दी है। इन 910 औद्योगिक इकाईयों के शुरू होने से 8484 लोगों को फिर से रोजगार के अवसर मिले है। इसमें सबसे ज्यादा 174 राइस मिल में 1984 लोगों को रोजगार दिया जबकि फुड प्रोसेसिंग की 383 यूनिट से 1942 लोगों को रोजगार मिला है। इस राज्य सरकार के इस फैसले से कुरुक्षेत्र के 8484 परिवारों को जहां फायदा मिला है वहीं कुरुक्षेत्र की औद्योगिक इकाईयों को भी एक नई संजीवनी मिली है।
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किन-किन उद्योगों को मिली अनुमति
जीएम डीआईसी सुषमा बवेजा का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान शुरुआती दौर में 724 औद्योगिक इकाईयां जिनमें कृषि से जुड़े सयंत्र बनाने वाली 26 इकाईयां, 174 राईस मिल, 52 रिपेयर एंड मैंटेनेस यूनिट, लकड़ी के फर्नीचर की 36, कंप्यूटर, फोटोस्टेट, मोबाइल सेन एंड रिपेयरिंग की 53, फूड प्रोसेसिंग की 383 इकाइयां शामिल है। उन्होंने बताया कि अब आनलाइन पर आटो परमिशन प्रणाली के तहत 186 यूनिट को 14 मई 2020 तक अनुमति दी जा चुकी है। इस प्रकार इस जिले में अब तक 910 इकाइयों को शुरू किया जा चुका है।
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कोरोना वायरस ने जैसे ही प्रदेश में दस्तक दी तो राज्य सरकार ने लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के आदेश और सभी उद्योगों को बंद करने के आदेश जारी किए गए। वहीं खाद्य पदार्थों की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार के आदेशानुसार उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने सरल हरियाणा डाट जीओवी डाट इन पर आवश्यक वस्तुओं वाले उद्योगों को शुरू करने की पहल की थी। इस संबंध में एक कमेटी बनाई गई और जीएम डीआईसी को इसकी जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। सरकार के आदेशानुसार लॉकडाउन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण में उद्योगों को शुरू करने के लिए नीतियों में कुछ बदलाव किया गया और उद्योगों को कुछ शर्तों के साथ खोलने के आदेश भी दिए गए ताकि प्रदेश के उद्योग शुरू हो सके ।
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उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं वाले उद्योगों को कुछ शर्तों के साथ शुरु करने के लिए आनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू की थी, इस प्रक्रिया में लॉकडाउन के 3 चरणों में 910 औद्योगिक इकाइयों ने आवेदन किया और प्रशासन ने इन सभी औद्योगिक इकाईयों को कुछ शर्तों के साथ कार्य शुरू करने की अनुमति दी है। इन 910 औद्योगिक इकाईयों के शुरू होने से 8484 लोगों को फिर से रोजगार के अवसर मिले है। इसमें सबसे ज्यादा 174 राइस मिल में 1984 लोगों को रोजगार दिया जबकि फुड प्रोसेसिंग की 383 यूनिट से 1942 लोगों को रोजगार मिला है। इस राज्य सरकार के इस फैसले से कुरुक्षेत्र के 8484 परिवारों को जहां फायदा मिला है वहीं कुरुक्षेत्र की औद्योगिक इकाईयों को भी एक नई संजीवनी मिली है।
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किन-किन उद्योगों को मिली अनुमति
जीएम डीआईसी सुषमा बवेजा का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान शुरुआती दौर में 724 औद्योगिक इकाईयां जिनमें कृषि से जुड़े सयंत्र बनाने वाली 26 इकाईयां, 174 राईस मिल, 52 रिपेयर एंड मैंटेनेस यूनिट, लकड़ी के फर्नीचर की 36, कंप्यूटर, फोटोस्टेट, मोबाइल सेन एंड रिपेयरिंग की 53, फूड प्रोसेसिंग की 383 इकाइयां शामिल है। उन्होंने बताया कि अब आनलाइन पर आटो परमिशन प्रणाली के तहत 186 यूनिट को 14 मई 2020 तक अनुमति दी जा चुकी है। इस प्रकार इस जिले में अब तक 910 इकाइयों को शुरू किया जा चुका है।