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आध्यात्म के क्षेत्र में योगदान के लिए डा. सिन्हा मातृभूमि गौरव सम्मान से विभूषित
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मातृभूमि सेवा मिशन फतुहपुर स्थित आश्रम में रविवार को अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. आरसी मिश्रा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गीता संघर्ष के लिए प्रेरित करती है। विश्व मानवता के संदर्भ में श्रीमद्भागवत गीता विषय पर संगोष्ठी में सूडान, अफगानिस्तान और बहरीन समेत कई देशों के स्कॉलर्स ने गीता पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। मिशन संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने गीता मर्मज्ञ विद्वान डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा को आध्यात्म के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए मातृभूमि गौरव सम्मान से विभूषित किया। गीता के आयामों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि गीता का प्रारंभ धर्म से और समापन कर्म से होता है। अध्यक्षीय संबोधन में असम के
कामाख्या पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी पंचानंद गिरि ने कहा कि गीता समानता के सिद्धांत को निष्काम करती है। सनातन धर्म के पतन के लिए छुआछूत जैसे षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। ग्रंथों का सम्मान करते हुए उनका सार जीवन में आत्मसात करना चाहिए। महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय मूंदड़ी के कुलपति डॉ. श्रेयांश द्विवेदी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में विचार रखे। डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा ने कहा कि गीता ज्ञान मार्ग को प्रशस्त करती है। उन्होंने निवृत्ति मार्ग और प्रवृत्ति मार्ग पर भी प्रकाश डाला और आचरण की शुद्धि का महत्व बताया। संगोष्ठी संयोजक एवं केयू हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा रानी ने विषय प्रतिपादन करते हुए गीता के कई बौद्धिक आयामों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। संगोष्ठी में देश-विदेश के कई स्कॉलर्स ने गीता के विभिन्न पहलुओं पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर जेल विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक हरीश रंगा, नार्थ ईस्ट हिल्स विश्वविद्यालय शिलांग के पूर्व कुलपति डा. केके शर्मा, एसपी त्रिपाठी, डॉ. बबलू वेदालंकार, पंडित जयनारायण शर्मा, एडवोकेट विवेक गोयल, डॉ. कप्तान सिंह, डॉ. अमरजीत सिंह, साहब सिंह ठेकेदार, नितिन भारद्वाज लाली, रामकुमार रंबा, कपिल मदान, जसबीर बाहरी, रमन कांबोज, धर्मपाल सैनी, विजय सैनी एवं रमन कांबोज सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। मातृभूमि सेवा मिशन फतुहपुर स्थित आश्रम में रविवार को अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. आरसी मिश्रा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गीता संघर्ष के लिए प्रेरित करती है। विश्व मानवता के संदर्भ में श्रीमद्भागवत गीता विषय पर संगोष्ठी में सूडान, अफगानिस्तान और बहरीन समेत कई देशों के स्कॉलर्स ने गीता पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। मिशन संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने गीता मर्मज्ञ विद्वान डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा को आध्यात्म के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए मातृभूमि गौरव सम्मान से विभूषित किया। गीता के आयामों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि गीता का प्रारंभ धर्म से और समापन कर्म से होता है। अध्यक्षीय संबोधन में असम के
कामाख्या पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी पंचानंद गिरि ने कहा कि गीता समानता के सिद्धांत को निष्काम करती है। सनातन धर्म के पतन के लिए छुआछूत जैसे षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। ग्रंथों का सम्मान करते हुए उनका सार जीवन में आत्मसात करना चाहिए। महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय मूंदड़ी के कुलपति डॉ. श्रेयांश द्विवेदी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में विचार रखे। डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा ने कहा कि गीता ज्ञान मार्ग को प्रशस्त करती है। उन्होंने निवृत्ति मार्ग और प्रवृत्ति मार्ग पर भी प्रकाश डाला और आचरण की शुद्धि का महत्व बताया। संगोष्ठी संयोजक एवं केयू हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा रानी ने विषय प्रतिपादन करते हुए गीता के कई बौद्धिक आयामों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। संगोष्ठी में देश-विदेश के कई स्कॉलर्स ने गीता के विभिन्न पहलुओं पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर जेल विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक हरीश रंगा, नार्थ ईस्ट हिल्स विश्वविद्यालय शिलांग के पूर्व कुलपति डा. केके शर्मा, एसपी त्रिपाठी, डॉ. बबलू वेदालंकार, पंडित जयनारायण शर्मा, एडवोकेट विवेक गोयल, डॉ. कप्तान सिंह, डॉ. अमरजीत सिंह, साहब सिंह ठेकेदार, नितिन भारद्वाज लाली, रामकुमार रंबा, कपिल मदान, जसबीर बाहरी, रमन कांबोज, धर्मपाल सैनी, विजय सैनी एवं रमन कांबोज सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी मौजूद रहे।
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