{"_id":"5bb668ba867a5528e13de310","slug":"81538681018-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फानों को आग लगाने की समस्या को मिलकर करना जड़ से खत्म : फुलिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फानों को आग लगाने की समस्या को मिलकर करना जड़ से खत्म : फुलिया
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया ने कहा कि किसानों को धान की फसल के अवशेषों को आग नहीं लगानी चाहिए। इससे पूरे राष्ट्र को नुकसान होता है, इसलिए किसानों को अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाह करने के लिए आगे आना चाहिए और फानों को आग न लगाने का प्रण भी लेना चाहिए। वे वीरवार को पंचायत भवन के सभागार में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खेतों में खड़े फानों को आग लगाने के मामले पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नजर रखनी होगी और गांव-गांव में जाकर लोगों को इस बारे जागरूक करना होगा। इतना ही नहीं किसानों को जानकारी देनी होगी की राज्य सरकार की तरफ से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए गांव के आसपास सीएचसी स्थापित किए गए है। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर इस समस्या को जड़मूल से समाप्त कर सकते है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वाह करना होगा। इस मामले में कोताही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारी को किसी भी कीमत बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्यक्रम में एसडीएम शाहबाद सतबीर कुंडू, डीडीए डॉ. कर्मचंद ने भी अपने विचार रखे।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया ने कहा कि किसानों को धान की फसल के अवशेषों को आग नहीं लगानी चाहिए। इससे पूरे राष्ट्र को नुकसान होता है, इसलिए किसानों को अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाह करने के लिए आगे आना चाहिए और फानों को आग न लगाने का प्रण भी लेना चाहिए। वे वीरवार को पंचायत भवन के सभागार में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खेतों में खड़े फानों को आग लगाने के मामले पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नजर रखनी होगी और गांव-गांव में जाकर लोगों को इस बारे जागरूक करना होगा। इतना ही नहीं किसानों को जानकारी देनी होगी की राज्य सरकार की तरफ से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए गांव के आसपास सीएचसी स्थापित किए गए है। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर इस समस्या को जड़मूल से समाप्त कर सकते है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वाह करना होगा। इस मामले में कोताही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारी को किसी भी कीमत बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्यक्रम में एसडीएम शाहबाद सतबीर कुंडू, डीडीए डॉ. कर्मचंद ने भी अपने विचार रखे।