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मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा अठारह दिवसीय विश्व कल्याण महायज्ञ का आयोजन
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:35 AM IST
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विश्व कल्याण महायज्ञ का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा आयोजित 18 दिवसीय विश्व कल्याण महायज्ञ के चतुर्थ दिवस गीता के चौथे अध्याय की आहुति दी गई। कुरुक्षेत्र संस्कृत वेदपाठशाला के ब्रह्मचारिायों ने मंत्रोच्चारण कर अग्नि में आहुति दी। मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि दैनिक गीता ज्ञान यज्ञ से मानव में आत्म विश्वास बढ़ता है और मनुष्य बड़े से बड़ा कार्य कर सकने में सक्षम होता है। गीता के अध्ययन से मनुष्य में नैतिकता और सदाचार का जन्म होता है। जीवन निर्माण के लिए आवश्यक है कि गीता को आत्मसात किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा आयोजित 18 दिवसीय विश्व कल्याण महायज्ञ के चतुर्थ दिवस गीता के चौथे अध्याय की आहुति दी गई। कुरुक्षेत्र संस्कृत वेदपाठशाला के ब्रह्मचारिायों ने मंत्रोच्चारण कर अग्नि में आहुति दी। मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि दैनिक गीता ज्ञान यज्ञ से मानव में आत्म विश्वास बढ़ता है और मनुष्य बड़े से बड़ा कार्य कर सकने में सक्षम होता है। गीता के अध्ययन से मनुष्य में नैतिकता और सदाचार का जन्म होता है। जीवन निर्माण के लिए आवश्यक है कि गीता को आत्मसात किया जाए।