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यहां बच्चों की छुटटी से लेकर प्रश्नपत्रों की जांच के भी है अपने कायदे

Sun, 26 Aug 2018 01:16 AM IST
Updated Sun, 26 Aug 2018 01:16 AM IST
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यहां बच्चों की छुटटी से लेकर प्रश्नपत्रों की जांच के भी है अपने कायदे
फोटो 55, 57
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यहां बच्चों की छुट्टी से लेकर प्रश्नपत्रों की जांच के भी हैं अपने कायदे
- विभाग को सूचना तक नहीं, तय समय से आधा घंटा पहले ही कर दी जाती है छुट्टी
- औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे डीईओ तो स्कूल के हालात देख चौंक गए
- समानी स्थित सरकारी स्कूल में बच्चों के प्रश्नपत्रों की जांच में भी मिली भारी कोताही
- झिरबड़ी स्कूल के हालात भी नहीं मिले बेहतर
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। यहां शिक्षा विभाग के नहीं बल्कि अपने ही कायदे चलते हैं। यही कारण है कि बच्चों की आधी छुट्टी से लेकर उनकी ली जाने वाली परीक्षा की जांच भी मनमाने ढंग से की जा रही है। बच्चों के फेल होने की भी कोई परवाह नहीं है। यह हालात जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर गांव समानी स्थित स्कूल के हैं। जिन्हें देख डीईओ चौंक गए।
डीईओ ने स्कूल मुखिया से लेकर अध्यापकों से भी सवाल किया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर स्कूल मुखिया को स्पष्टीकरण दिए जाने व संबंधित अध्यापक को चार्जशीट किए जाने की भी तैयारी कर ली गई है। यही नहीं इसी गांव के ही समीप स्थित झिरबड़ी स्कूल में भी बच्चों को सक्षम बनाए जाने की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं पाई गई। सरकारी स्कूलों के यह हालात ऐसे समय में सामने आ रहे हैं जब डीसी से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी तीसरी, पांचवीं व सातवीं कक्षा के बच्चों को सक्षम बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। डीसी ही अभी तक जिले के 22 से अधिक स्कूलों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। अन्य अधिकारी भी लगातार स्कूलों में दस्तक दे रहे हैं और लगातार अध्यापकों व स्कूल मुखियाओं की बैठकों में भी कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं। अब 14 अगस्त तक प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए थानेसर व बाबैन ब्लॉक पूरी तरह से सक्षम हो पाएंगे या नहीं, इस पर संशय होने लगा है।
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12 बजे की बजाय 11:30 बजे ही कर दी आधी छुट्टी
शिक्षा विभाग की ओर से तय शेड्यूल के अनुसार स्कूलों में दोपहर 12 से 12:30 बजे तक आधी छुट्टी यानी रिसेस की जाती है। लेकिन डीईओ के अनुसार वे 11:57 बजे स्कूल में पहुंचे तो रिसेस की हुई थी। उन्होंने जब स्कूल मुखिया व अन्य अध्यापकों से पूछा तो पता चला कि वे सामान्य तौर पर ही 11:30 से 11:50 बजे तक रिसेस करते हैं। उन्होंने स्टाफ को फटकार लगाई तो तत्काल ही छुट्टी बंद करने के आदेश भी दिए।
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पांच पेपर किए चेक, सभी में मिलीं खामियां
डीईओ ने तीसरी कक्षा के चार व 18 अगस्त को लिए गए पांच बच्चों के पेपरों की जांच की। इन सभी की अध्यापक द्वारा की गई जांच में बड़ी खामी पाई गई। कहीं प्रश्न चेक करने की ही जहमत नहीं उठाई तो कहीं गलत प्रश्नों को ठीक कर नंबर लगा दिए गए। कहीं सिलेबस भी अपटू मार्क नहीं था और आज तक तीसरी कक्षा में महज तीन पाठ ही पढ़ाए गए जबकि विभाग ने पढ़ाए जाने का शेड्यूल जारी किया हुआ है।

खाना खराब होने के भय के चलते की जाती थी पहले छुट्टी : स्कूल मुखिया
स्कूल मुखिया का कहना है है कि इस्कॉन ग्रुप की ओर से बच्चों के लिए खाना लाया जाता है। यह खाना खराब न हो जाए, इसी कारण आधा घंटा पहले रिसेस कर दी जाती थी। लेकिन डीईओ के आदेशों के बाद अब तय समय के अनुसार ही रिसेस की जाएगी। बच्चों के परीक्षा पत्र जांचने में लापरवाही बरतने वाले शिक्षक ने स्पष्ट किया है कि वह घरेलू गंभीर समस्या के चलते परेशान थे, जिसकी वजह से ही गलती रही है।

बेहद गंभीर मामला : डीईओ
जहां बच्चों को सक्षम बनाए जाने पर पूरा जोर लगाया जा रहा है वहीं उनके परीक्षा पत्र भी सही न जांचना व मनमाने समय के अनुसार छुट्टी करना बेहद गंभीर मामला है। यह देख मैं हैरान रह गया। विभाग को बिना सूचना दिए ही स्कूल में रिसेस का समय बदल दिया गया जबकि बच्चों का पढ़ाई का स्तर भी निराशाजनक पाया गया। इस लापरवाही पर जहां स्कूल मुखिया को स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तो संबंधित अध्यापक को जार्चशीट किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को कार्रवाई की जाएगी।
- अरुण आश्री, जिला शिक्षा अधिकारी

14 सितंबर को होनी है सक्षम योजना के तहत परीक्षा
बता दें कि थानेसर व बाबैन ब्लॉक को सक्षम बनाने के लिए अब शिक्षकों के पास सिर्फ 20 दिन का समय है। 14 सितम्बर को दोनों ब्लॉकों के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर जहां डीसी भी अनेकों स्कूलों का निरीक्षण कर चुके हैं तो अध्यापकों को कड़े निर्देश भी दे चुके हैं। हालांकि अनेकों स्कूलों के हालात में बड़ा सुधार भी सामने आया है, जिस पर अधिकारी संतोष भी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन अनेकों स्कूलों की स्थित में आज तक भी सुधार नहीं हो पाया है, जिसका खुलासा अधिकारियों के निरीक्षण में ही हो रहा है।

अधिकतर शिक्षकों में आया है बदलाव : दलबीर
ऐलीमेंटरी हेडमास्टर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दलबीर सिंह मलिक का कहना है कि सक्षम योजना शुरू करने के बाद अधिकतर शिक्षकों में बदलाव आया है। 90 फीसदी शिक्षक विभाग द्वारा तय समय से भी अधिक समय तक पढ़ाई करवा रहे हैं और बच्चों के स्तर में सुधार भी आया है। बच्चों के भविष्य को लेकर किसी भी प्रकार की लारवाही बरता बेहद गंभीर है।



फोटो 56
राजकीय स्कूल के बच्चों से डीसी ने चार घंटे गणित व हिंदी विषय पर किए सवाल-जवाब
डीसी डॉ. एसएस फुलिया रतगल सेक्टर-7 के राजकीय स्कूल और फिर गांव पलवल के राजकीय स्कूल में बच्चों से रूबरू हुए। दोनों स्कूलों में डीसी ने बच्चों से गणित व हिंदी विषय पर सवाल-जवाब करने व समझाने पर करीब चार घंटे बिताए। सभी बच्चों ने सटीक जवाब दिए और इन जवाब को सुनकर उपायुक्त के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।
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