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पर्यटक कर सकेंगे 48 कोस के तीर्थों के दर्शन : मनोहर
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:11 AM IST
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पर्यटक कर सकेंगे 48 कोस के तीर्थों के दर्शन : मनोहर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र की 48 कोस की भूमि में कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, जींद और कैथल जिले आते हैं। इसकी भूमि के कण-कण में गौरवशाली इतिहास छिपा हैं। इस इतिहास को विश्व के हर कोने में जाना जाता है। इसलिए राज्य सरकार दुनिया भर के पर्यटकों को 48 कोस के तीर्थों के दर्शन कराने के लिए एक परिक्रमा तैयार कर रही हैं। इस परिक्रमा तक पर्यटकों को लाने और ले जाने के लिए विशेष बस सेवा भी शनिवार से शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल शुक्रवार को 48 कोस में से कुरुक्षेत्र के 14 तीर्थों की परिक्रमा करने से पहले बीड़ पिपली के रणतुक यक्ष तीर्थ पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधायक सुभाष सुधा, लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा डीडी, केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा, जिला परिषद चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर ने सबसे पहले बीड़ पीपली के रंतुक यक्ष में चिट्टा मंदिर में पहुंच कर भगवान शिव की आराधना की। महंत अरविंद दास ने इस तीर्थ स्थल के इतिहास के बारे में बताया। यहां पर रणतुक यक्ष के आसपास वृद्ध कन्या, सरस्वती मंदिर के तीर्थों की परिक्रमा करने के साथ ही उनके इतिहास के बारे में भी मुख्यमंत्री ने जानकारी हासिल की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तीर्थों को विकसित करने के लिए एक नक्शा तैयार करने के निर्देश दे दिए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तीर्थ परिक्रमा के अपने दूसरे पड़ाव गांव अमीन के अभिमन्यु के टीले एवं तीर्थ स्थल का अवलोकन किया। इस तीर्थ के इतिहास को बड़ी उत्सुकता के साथ जाना। यहां पर मुख्यमंत्री ने गांव अमीन वासियों को सौगात देते हुए कहा कि गांव अमीन का नाम बदल कर अभिमन्यु पुर रखा जाएगा। अभिमन्यु पार्क का निर्माण कर उसमें युद्ध के दौरान अभिमन्यु के दृश्य को लेकर प्रतिमा स्थापित की जाएगी। थानेसर से लेकर गांव अमीन तक सड़क को 18 फुट से 22 फुट तक चौड़ा किया जाएगा। साथ ही मापदंडों को पूरा करने पर पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड किया जाएगा।
आज से परिक्रमा के लिए शुरू की जाएंगी दो बसें : सीएम ीमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। इस ऋषिमुनियों की पावन धरा का बहुत अधिक महत्व है और गौरवशाली इतिहास है। इस इतिहास को दुनिया के सामने लाने के लिए राज्य सरकार 48 कोस की परिक्रमा के लिए योजना तैयार कर रही हैं। इस योजना के तहत 48 कोस के 134 तीर्थों की पहचान कर ली गई है। इनमें से 15 तीर्थों का भ्रमण किया जा रहा है। 48 कोस के तीर्थों की परिक्रमा के लिए विशेष बस सेवा 14 अक्तूबर से शुुरू की जा रही है।
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सीएम ने केडीबी को दिए थे निर्देश
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने कुरुक्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विश्व के मानचित्र पर लाने के उद्देश्य से गीता जयंती समारोह को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का स्वरूप दिया जा रहा है। भविष्य में भी इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के रूप में ही मनाया जाएगा। उन्होंने गांव दयालपुर के बाणगंगा तीर्थ का अवलोकन करने के बाद कहा कि केडीबी की तरफ से सभी तीर्थ स्थलों के तालाबों का रख रखाव किया जाए। इनमें स्वच्छ पानी भरवाने की व्यवस्था की जाए।
काम्येक तीर्थ के विकास के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी
गांव कमोदा में पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। गांव कमोदा के काम्येक तीर्थ पर पहली बार किसी मुख्यमंत्री के पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी थी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती और जयराम विद्यापीठ संस्थाओं के संचालक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया। ब्रह्मचारी ने बताया कि इस तीर्थ स्थल पर पांडव आठ साल तीन माह यहां रुके थे। इस दौरान उन्होंने तपस्या की थी। मुख्यमंत्री ने काम्येक तीर्थ और कमौदा गांव की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
इन तीर्थों की परिक्रमा की, ब्रह्मसरोवर पर की महाआरती
मुख्यमंत्री ने अपनी तीर्थ परिक्रमा में कुरुक्षेत्र के गांव बीड़ पिपली के रणतुक यक्ष, अभिमन्यु पुर, अदिति तीर्थ गांव अमीन, गांव दयालपुर के बाण गंगा तीर्थ, गांव किरमिच के कुलतारण तीर्थ, गांव कमोदा के कामभ्येक तीर्थ, पिहोवा के गांव सारसा में शञालीहोत्र, सोम तीर्थ गुमथला गढ़ू, गांव मांगना के सप्तसारस्वत, पिहोवा के सरस्वती तीर्थ, ब्रह्मजून पिहोवा, भौंर सैंयदा के भूरीश्रर्वा तीर्थ, गीता जन्मस्थली ज्योतिसर तीर्थ, भीष्मकुंड नरकातारी की परिक्रमा की। इसके बाद वे ब्रह्मसरोवर पहुंचे और महाआरती में शामिल हुए।
मुख्य रूप से ये रहे मौजूद
इस मौके पर उपायुक्त सुमेधा कटारयिा, पुलिस अधीक्षक अभिषेग गर्ग, पूर्व मंत्री बलबीर सैनी, केडीबी सदस्य मदन मोहन छाबड़ा, उपेंद्र सिंघल, सौरव चौधरी, विजय नरुला, धुम्मन सिंह किरमच, डॉ. जितेंद्र जांगड़ा, रामपाल पाली, सुशील राणा, ब्लाक समिति चेयरमैन देवी दयाल शर्मा, सुशांत भारती, संजीव कमोदा आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र की 48 कोस की भूमि में कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, जींद और कैथल जिले आते हैं। इसकी भूमि के कण-कण में गौरवशाली इतिहास छिपा हैं। इस इतिहास को विश्व के हर कोने में जाना जाता है। इसलिए राज्य सरकार दुनिया भर के पर्यटकों को 48 कोस के तीर्थों के दर्शन कराने के लिए एक परिक्रमा तैयार कर रही हैं। इस परिक्रमा तक पर्यटकों को लाने और ले जाने के लिए विशेष बस सेवा भी शनिवार से शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल शुक्रवार को 48 कोस में से कुरुक्षेत्र के 14 तीर्थों की परिक्रमा करने से पहले बीड़ पिपली के रणतुक यक्ष तीर्थ पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधायक सुभाष सुधा, लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा डीडी, केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा, जिला परिषद चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर ने सबसे पहले बीड़ पीपली के रंतुक यक्ष में चिट्टा मंदिर में पहुंच कर भगवान शिव की आराधना की। महंत अरविंद दास ने इस तीर्थ स्थल के इतिहास के बारे में बताया। यहां पर रणतुक यक्ष के आसपास वृद्ध कन्या, सरस्वती मंदिर के तीर्थों की परिक्रमा करने के साथ ही उनके इतिहास के बारे में भी मुख्यमंत्री ने जानकारी हासिल की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तीर्थों को विकसित करने के लिए एक नक्शा तैयार करने के निर्देश दे दिए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तीर्थ परिक्रमा के अपने दूसरे पड़ाव गांव अमीन के अभिमन्यु के टीले एवं तीर्थ स्थल का अवलोकन किया। इस तीर्थ के इतिहास को बड़ी उत्सुकता के साथ जाना। यहां पर मुख्यमंत्री ने गांव अमीन वासियों को सौगात देते हुए कहा कि गांव अमीन का नाम बदल कर अभिमन्यु पुर रखा जाएगा। अभिमन्यु पार्क का निर्माण कर उसमें युद्ध के दौरान अभिमन्यु के दृश्य को लेकर प्रतिमा स्थापित की जाएगी। थानेसर से लेकर गांव अमीन तक सड़क को 18 फुट से 22 फुट तक चौड़ा किया जाएगा। साथ ही मापदंडों को पूरा करने पर पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड किया जाएगा।
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आज से परिक्रमा के लिए शुरू की जाएंगी दो बसें : सीएम ीमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। इस ऋषिमुनियों की पावन धरा का बहुत अधिक महत्व है और गौरवशाली इतिहास है। इस इतिहास को दुनिया के सामने लाने के लिए राज्य सरकार 48 कोस की परिक्रमा के लिए योजना तैयार कर रही हैं। इस योजना के तहत 48 कोस के 134 तीर्थों की पहचान कर ली गई है। इनमें से 15 तीर्थों का भ्रमण किया जा रहा है। 48 कोस के तीर्थों की परिक्रमा के लिए विशेष बस सेवा 14 अक्तूबर से शुुरू की जा रही है।
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सीएम ने केडीबी को दिए थे निर्देश
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने कुरुक्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विश्व के मानचित्र पर लाने के उद्देश्य से गीता जयंती समारोह को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का स्वरूप दिया जा रहा है। भविष्य में भी इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के रूप में ही मनाया जाएगा। उन्होंने गांव दयालपुर के बाणगंगा तीर्थ का अवलोकन करने के बाद कहा कि केडीबी की तरफ से सभी तीर्थ स्थलों के तालाबों का रख रखाव किया जाए। इनमें स्वच्छ पानी भरवाने की व्यवस्था की जाए।
काम्येक तीर्थ के विकास के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी
गांव कमोदा में पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। गांव कमोदा के काम्येक तीर्थ पर पहली बार किसी मुख्यमंत्री के पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी थी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती और जयराम विद्यापीठ संस्थाओं के संचालक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया। ब्रह्मचारी ने बताया कि इस तीर्थ स्थल पर पांडव आठ साल तीन माह यहां रुके थे। इस दौरान उन्होंने तपस्या की थी। मुख्यमंत्री ने काम्येक तीर्थ और कमौदा गांव की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
इन तीर्थों की परिक्रमा की, ब्रह्मसरोवर पर की महाआरती
मुख्यमंत्री ने अपनी तीर्थ परिक्रमा में कुरुक्षेत्र के गांव बीड़ पिपली के रणतुक यक्ष, अभिमन्यु पुर, अदिति तीर्थ गांव अमीन, गांव दयालपुर के बाण गंगा तीर्थ, गांव किरमिच के कुलतारण तीर्थ, गांव कमोदा के कामभ्येक तीर्थ, पिहोवा के गांव सारसा में शञालीहोत्र, सोम तीर्थ गुमथला गढ़ू, गांव मांगना के सप्तसारस्वत, पिहोवा के सरस्वती तीर्थ, ब्रह्मजून पिहोवा, भौंर सैंयदा के भूरीश्रर्वा तीर्थ, गीता जन्मस्थली ज्योतिसर तीर्थ, भीष्मकुंड नरकातारी की परिक्रमा की। इसके बाद वे ब्रह्मसरोवर पहुंचे और महाआरती में शामिल हुए।
मुख्य रूप से ये रहे मौजूद
इस मौके पर उपायुक्त सुमेधा कटारयिा, पुलिस अधीक्षक अभिषेग गर्ग, पूर्व मंत्री बलबीर सैनी, केडीबी सदस्य मदन मोहन छाबड़ा, उपेंद्र सिंघल, सौरव चौधरी, विजय नरुला, धुम्मन सिंह किरमच, डॉ. जितेंद्र जांगड़ा, रामपाल पाली, सुशील राणा, ब्लाक समिति चेयरमैन देवी दयाल शर्मा, सुशांत भारती, संजीव कमोदा आदि मौजूद थे।