फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   17175 डिफाल्टर आए मुख्यधारा में, 9 करोड़ से अधिक खुद के बचाए तो 6 करोड़ जमा करवा बिजली निगम का खजाना किया लबालब

17175 डिफाल्टर आए मुख्यधारा में, 9 करोड़ से अधिक खुद के बचाए तो 6 करोड़ जमा करवा बिजली निगम का खजाना किया लबालब

Thu, 13 Dec 2018 12:20 AM IST
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
17175 डिफाल्टर आए मुख्यधारा में, 9 करोड़ से अधिक खुद के बचाए तो 6 करोड़ जमा करवा बिजली निगम का खजाना किया लबालब
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। बिजली के बकाया बिलों की अदायगी न होने से निगम के पास डिफॉल्टरों की लंबी होती जा रही सूची अब सिमटने लगी है। करीब डेढ़ माह के दौरान ही न केवल जिले के 17175 डिफॉल्टरों ने 6 करोड़ 9 लाख रुपये निगम के खजाने में जमा करा दिए हैं।
निगम के गले की फांस बन चुके इन डिफॉल्टर उपभोक्ताओं में प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई बिजली बिल निपटान योजना ने जोश भरा है। इस योजना के चलते इन डिफॉल्टर उपभोक्ताओं ने खुद के भी 9 करोड़ 39 लाख 34 हजार रुपये बचाए हैं। योजना का फायदा उठाने के लिए हर रोज सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता बिल अदायगी के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

बता दें कि प्रदेश सरकार ने बिजली बिल निपटान योजना इसी वर्ष शुरू की है। इसके तहत 30 जून से पहले के उपभोक्ताओं को अपने बिल निपटाने का मौका दिया है। इस योजना में डिफॉल्टर होने के चलते कनेक्शन कट जाने व चालू हालत वाले सभी उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि 31 दिसंबर तक अधिकतर ऐसे उपभोक्ता योजना का फायदा उठाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


49215 डिफॉल्टर्स पर था 54 करोड़ 62 लाख का बकाया
जिले में 30 जून 2018 तक बिजली बिल न चुकाने के चलते 49215 उपभोक्ता डिफॉल्टर घोषित हुए थे। इन पर 54 करोड़ 62 लाख रुपये का भुगतान अटका था। इनमें से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिल न चुकाने के चलते कनेक्शन भी कट चुके हैं। अनेकों को नोटिस जारी हो चुके थे। इन उपभोक्ताओं से यह बकाया वसूल करना निगम के अधिकारियों के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ था।

बीपीएल को एक साल का बिल तो सामान्य उपभोक्ता को भरनी होगी नई तय राशि
यह योजना घरेलू के अलावा पांच किलोवाट तक लोड वाले गैर घरेलू कनेक्शन वाले ग्रामीण व शहरी डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के लिए है। बीपीएल उपभोक्ता को पिछले एक वर्ष के बिल का ही भुगतान करना होगा। 30 जून से पहले के सामान्य डिफॉल्टर उपभोक्ता के लिए भी प्रतिमाह न्यूनतम राशि तय की है। ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता को 40 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह, शहरी घरेलू उपभोक्ता को 50 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह, ग्रामीण गैर घरेलू उपभोक्ता को 75 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह व शहरी गैर घरेलू उपभोक्ता को 150 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिमाह के रूप में तय दरों के अनुसार अदायगी करनी होगी। इसके अलावा जुर्माना व अन्य बकाया राशि माफ की जाएगी। बिजली चोरी के मामलों में भी जुर्माने का 50 फीसदी भुगतान करना होगा। यह बिल चुकाने के बाद पहले काटे गए कनेक्शन भी चालू किए जा सकेेंगे।

योजना के तहत मौका मिला तो बिल अदायगी करने पहुंचे : उपभोक्ता
बिजली निगम कार्यालय पर बीपीएल श्रेणी के तहत बिल अदायगी करने पहुंचे गांव ऊंटसाल निवासी सोहन लाल व अमरनाथ का कहना था कि ज्यादा बिल बकाया हो जाने के चलते वे बिल नहीं भर पा रहे थे। अब इस योजना के तहत बकाया बिल भरने का मौका मिला है, जिसकी अदायगी के लिए वे यहां पहुंचे। यह योजना ऐसे उपभोक्ताओं के लिए बेहतर योजना है, जिसका फायदा उठाना चाहिए।


31 दिसंबर तक उठा सकेंगे योजना का लाभ : एसई
निगम के एसई जेके कांबोज का कहना है कि डिफॉल्टर उपभोक्ता 31 दिसंबर तक इस योजना का लाभ उठा सकते है। यह नए व पुराने डिफॉल्टर उपभोक्तओं के लिए सुनहरा अवसर है। तय तिथि के बाद इस योजना का लाभ नहीं मिल जाएगा और निगम भी ऐसे उपभोक्ताओं का सर्वे करेगा, जो इस योजना के बाद भी डिफॉल्टर रहेंगे। इनके कनेक्शन काटने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

ये हैं वर्तमान में बिजली दरें
श्रेणी यूनिट प्रतिमाह दर प्रति यूनिट
एक 50 2 रुपये
दो 200 2.50 रुपये
201 से 250 5.25 रुपये
251 से 500 6.30 रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed