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संशोधित : मुख्यमंत्री ने सरस्वती नदी के प्राची तीर्थ स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां विसर्जित की

Fri, 24 Aug 2018 12:40 AM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:40 AM IST
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संशोधित : मुख्यमंत्री ने सरस्वती नदी के प्राची तीर्थ स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां विसर्जित की
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वाजपेयी के जीवन चरित्र से सेवा की सीख लेने की जरूरत : मनोहर लाल
- मुख्यमंत्री ने सरस्वती नदी के प्राची तीर्थ स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां विसर्जित की
- बोले, वाजपेयी के नाम पर केंद्र सरकार की मंजूरी पर रखे जाएंगे बड़ी परियोजनाओं के नाम
फोटो 37 से 39
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-पिहोवा। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एक महान व्यक्तित्व थे। उन्होंने हमेशा पार्टी से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र की सेवा की, उनके जीवन चरित्र से हमें सेवा की सीख लेने की जरूरत है। उक्त बातें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरस्वती नदी के तट पर प्राची तीर्थ स्थल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां विसर्जित करने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाजपेयी के नाम पर बड़े प्रोजेक्टों का नाम रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। जिन प्रोजेक्टों की स्वीकृति मिलेगी, वे अटल के नाम पर होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद पूरा देश शोक की लहर में डूब गया था। सरकार द्वारा उनकी अस्थियों का विर्सजन देश की 100 नदियों में किया जा रहा है। हरियाणा में दो अस्थि कलश यात्राएं शुरू हुई थीं, एक पिहोवा और दूसरी हथनी कुंड बैराज के लिए।
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उनके साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, पुंडरी के विधायक दिनेश कौशिक, सांसद रमेश कौशिक, प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी, एचपीएससी की चेयरपर्सन नीता खेड़ा, कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, जिला अध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर, जिला महामंत्री रविंद्र सांगवान, गुहला चीका के विधायक कुलवंत बाजीगर, पूर्व विधायक लीला राम, जिला परिषद के अध्यक्ष गुरदयाल सिंह सुनहेड़ी, सुरेंद्र बरवाला, बंतो कटारिया, जवाहर सैनी, रणधीर गोलन, युद्घिष्ठिर बहल, जितेन्द्र अग्रवाल, रामधारी शर्मा, सुशांत भारती, गुरनाम मलिक, तरूण वडैच, बलबीर गुर्जर, विनित क्वातरा, पुनित मल, अमित रोहिला के साथ-साथ पार्टी के पदाधिकारी और समाज सेवी संस्थाओं तथा ऐच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से डीसी एसएस फुलिया, एसपी सुरेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
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चौतरफा लगे थे अटलजी के फ्लैक्स
प्राची तीर्थ पर चारों ओर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को दर्शाते फ्लैक्स लगे थे। उनके चित्र के साथ-साथ उनके द्वारा लिखी कविताओं की पंक्तियां भी सेवा और जीवन की सच्चाई का संदेश दे रही थीं। जिसे लोग बडे़ ध्यान से पढ़ रहे थे। प्रशासन की ओर से प्राची तीर्थ पर घाटों की सजावट की गई थी। सभी घाटों को फूल-मालाओं से सजाया गया था।


फोटो 29, 30
लोगों ने अस्थि कलश पर फूल चढ़ाकर दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा का लाडवा में लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया और फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। दोपहर डेढ़ बजे शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की अगुवाई में अस्थि कलश यात्रा लाडवा पहुंची तो अटल बिहारी अमर रहे के नारों के बीच माहौल गमगीन हो उठा। अस्थि कलश यात्रा के साथ मंत्री कृष्ण पंवार, कविता जैन, कर्णदेव कांबोज, बख्शीश सिंह विर्क, धुमन सिंह किरमिच सहित अनेक मंत्री विधायक व नेता मौजूद थे। लाडवा-करनाल सीमा पर गांव बडौंदी में अस्थि कलश पर पुष्पांजलि दी गई। लाडवा में हिनौरी चौक पर डॉ. गणेशदत्त शर्मा, पूर्व मंत्री देवेंद्र शर्मा और गुरनाम सिंह सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी तो इंद्री चौक पर नपा चेयरपर्सन साक्षी खुराना, नपा उपाध्यक्ष अनिल माटा, पार्षद शालू बंसल, मंडी प्रधान बिमलेश गर्ग, भाजपा नेता राजू खुराना, धर्मपाल मेहरा, अनिल गुप्ता, रजनीश गोयल, पूर्व पार्षद रमेश शर्मा मेशा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अस्थि कलश वाहन से लोगों को संबोधित करते हुए शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री को राष्ट्रनेता बताते हुए कहा कि वाजपेयी बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी थे और उनमें प्रत्येक व्यक्ति को अपने साथ मिलाने की क्षमता थी। उनके नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में उन्नति की। लाडवा से अस्थि कलश यात्रा बड़शामी रादौर होकर हथनीकुंड के लिए रवाना हुई जहां अस्थियों का विसर्जन किया गया।
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