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अनाजमंडी में धान की आवक शुरू, खरीददार नहीं, किसान चिंतित
Updated Mon, 11 Sep 2017 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
कस्बा की अनाजमंडी में धान की आवक बढ़ रही है। रविवार को करीब 500 क्विंटल धान बिकवाली के लिए अनाजमंडी में पहुंची। लेकिन धान का कोई भी खरीददार न पहुंचने से किसानों में मायूसी छाई रही।
किसान गुरविंद्र सिंह खेडी, पलविंद्र सिंह, गुरमुख आदि ने बताया कि वे अपनी 1509 किस्म की धान अनाजमंडी में बिकवाली के लिए लेकर आए लेकिन दोपहर तक कोई भी व्यापारी व कोई भी अधिकारी उनकी धान को देखने के लिए भी नहीं आया। उन्हें अनाजमंडी में आकर पता चला है कि इस बार धान की ऑनलाइन बिक्री होगी। जबकि उन्हें इसके बारे में कोई ज्ञान नहीं है। ऐसे में उनकी फसल कैसे बिकेगी इसके बारे में सरकार व किसी अधिकारी ने उन्हें कुछ नहीं बताया। ऐसे में किसानों को अपना धान अनाजमंडी में लाने के बाद खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ पता नहीं कैसा खेल खेल रही है। पहले तो जबरदस्ती फसल का बीमा कर दिया और मुआवजा देने के वक्त न कंपनी आई न सरकार के अधिकारी और अब जब जो फसल पक कर तैयार है और उसे वे बिकवाली के लिए अनाजमंडी में लेकर आए है। अब सरकार का एक ओर नया ऑन लाईन बिक्री के आदेशों के बारे में पता चला है। जब इस बारे में राइस मिलरों ने बताया कि इस समय अनाजमंडी में जो धान बिकवाली के लिए आ रहा है। उनमें नमी अधिक है और वह सरकारी मापदंडों के अनुसार सही नहीं है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे सुखा व साफ धान ही अनाजमंडी में बिकवाली के लिए लेकर आएं, ताकि किसानों को अपना धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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इस्माईलाबाद।
कस्बा की अनाजमंडी में धान की आवक बढ़ रही है। रविवार को करीब 500 क्विंटल धान बिकवाली के लिए अनाजमंडी में पहुंची। लेकिन धान का कोई भी खरीददार न पहुंचने से किसानों में मायूसी छाई रही।
किसान गुरविंद्र सिंह खेडी, पलविंद्र सिंह, गुरमुख आदि ने बताया कि वे अपनी 1509 किस्म की धान अनाजमंडी में बिकवाली के लिए लेकर आए लेकिन दोपहर तक कोई भी व्यापारी व कोई भी अधिकारी उनकी धान को देखने के लिए भी नहीं आया। उन्हें अनाजमंडी में आकर पता चला है कि इस बार धान की ऑनलाइन बिक्री होगी। जबकि उन्हें इसके बारे में कोई ज्ञान नहीं है। ऐसे में उनकी फसल कैसे बिकेगी इसके बारे में सरकार व किसी अधिकारी ने उन्हें कुछ नहीं बताया। ऐसे में किसानों को अपना धान अनाजमंडी में लाने के बाद खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ पता नहीं कैसा खेल खेल रही है। पहले तो जबरदस्ती फसल का बीमा कर दिया और मुआवजा देने के वक्त न कंपनी आई न सरकार के अधिकारी और अब जब जो फसल पक कर तैयार है और उसे वे बिकवाली के लिए अनाजमंडी में लेकर आए है। अब सरकार का एक ओर नया ऑन लाईन बिक्री के आदेशों के बारे में पता चला है। जब इस बारे में राइस मिलरों ने बताया कि इस समय अनाजमंडी में जो धान बिकवाली के लिए आ रहा है। उनमें नमी अधिक है और वह सरकारी मापदंडों के अनुसार सही नहीं है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे सुखा व साफ धान ही अनाजमंडी में बिकवाली के लिए लेकर आएं, ताकि किसानों को अपना धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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