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पब्लिक हेल्थ के पीने योग्य पानी को खेती में उपयोग करने वालों पर विभाग सख्त
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कुरुक्षेत्र। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने शाहाबाद के गांव कलसानी के कई ग्रामीणों को पीने के पानी का खेती के लिए इस्तेमाल करते पकड़ा। पानी कनेक्शन का गलत उपयोग करने पर इन सभी 15 ग्रामीणों को विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि 13 जुलाई 2018 को कलसानी गांव में ग्रामीण जल संरक्षण अभियान की शुरुआत की गई थी। गांव में विभाग का एक ट्यूबवेल है। यहां 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 160 घर हैं, जिनमें से 100 पीने के पानी के कनेक्शन विभाग द्वारा पहले से ही मंजूर थे।
ग्रामीण जल संरक्षण अभियान के दौरान 45 कनेक्शन मंजूर किए गए। इससे विभाग को 37660 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं 12 खुले में पानी बहा रहे नलों को बंद करने के लिए टोटी भी लगाई गई। बताया गया कि अभियान के दौरान सब्जी के 15 कनेक्शन मिले, जोकि पीने के पानी को सब्जी की खेती में उपयोग कर रहे थे। कड़ा संज्ञान लेते हुए नोटिस देकर ऐसे लोगों को 4 दिन का समय दिया गया। दीपक के अनुसार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग घरेलू उपयोग (पीने के पानी) के लिए पानी देने के लिए संकल्पबद्घ है, लेकिन खेती या सब्जी के लिए विभाग के पास पानी नहीं है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जल बचाना है ताकि आने वाली पीढ़ी को जल संकट का सामना न करना पड़े।
जनस्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि 13 जुलाई 2018 को कलसानी गांव में ग्रामीण जल संरक्षण अभियान की शुरुआत की गई थी। गांव में विभाग का एक ट्यूबवेल है। यहां 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 160 घर हैं, जिनमें से 100 पीने के पानी के कनेक्शन विभाग द्वारा पहले से ही मंजूर थे।
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ग्रामीण जल संरक्षण अभियान के दौरान 45 कनेक्शन मंजूर किए गए। इससे विभाग को 37660 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं 12 खुले में पानी बहा रहे नलों को बंद करने के लिए टोटी भी लगाई गई। बताया गया कि अभियान के दौरान सब्जी के 15 कनेक्शन मिले, जोकि पीने के पानी को सब्जी की खेती में उपयोग कर रहे थे। कड़ा संज्ञान लेते हुए नोटिस देकर ऐसे लोगों को 4 दिन का समय दिया गया। दीपक के अनुसार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग घरेलू उपयोग (पीने के पानी) के लिए पानी देने के लिए संकल्पबद्घ है, लेकिन खेती या सब्जी के लिए विभाग के पास पानी नहीं है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जल बचाना है ताकि आने वाली पीढ़ी को जल संकट का सामना न करना पड़े।
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