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जाट धर्मशाला एवं चौधर का विवाद
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:49 AM IST
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जाट धर्मशाला एवं सभा चौधर का विवाद
- तनावपूूर्ण हालात में प्रशासन ने किए जाट धर्मशाला के तीनों गेट बंद
- धर्मशाला के भीतर-बाहर भारी पुलिस बल तैनात, आवाजाही पुलिस के कंट्रोल में
- एक गुट धर्मशाला के बाहर तो दूसरा अंदर अनशन पर बैठा
- रात भर मोर्चे पर डटे रहे दोनों गुट, भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम व डीएसपी डटे रहे
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर के विवाद में शनिवार को भी धर्मशाला में हालात तनावपूर्ण रहे। अंग्रेज सिंह गुट धर्मशाला के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा रहा तो वहीं कर्मवीर गुट का अनशन धर्मशाला के अंदर जारी रहा। तनाव के चलते प्रशासन ने धर्मशाला के तीनों गेट बंद रखे,ज बकि अंदर-बाहर की आवाजाही पुलिस कंट्रोल में कर दी गई है। रात भर शाहाबाद एसडीएम सतबीर कुंडू व डीएसपी गुरमेल सिंह सैनी ने भारी पुलिस बल के साथ हालात पर नजर बनाए रखी।
शुक्रवार दिन भर रही तनातनी के बाद धर्मशाला खाली कराने को लेकर प्रशासन ने जहां अंग्रेज सिंह गुट को बाहर कर दिया था तो वहीं कर्मवीर घराड़सी गुट ने देर शाम अनशन हटाने से इंकार कर दिया। इससे भड़के अंग्रेज सिंह गुट ने धर्मशाला के मुख्य गेट पर ही धरना शुरू कर दिया तो शनिवार को इसे अनिश्चितकालीन रूप दे दिया गया। दिन भर सैकड़ों लोग यहां धरना देकर नारेबाजी करते रहे। प्रशासन को भी निशाने पर लिया और दूसरे गुट का सहयोग करने व उन्हें गुमराह करने के भी आरोप लगाए। वहीं कर्मवीर घराड़सी गुट से दर्जनों लोग धरना एवं अनशन स्थल पर जमे रहे और स्पष्ट ऐलान कर दिया कि मतदाता सूची जारी होने तक अनशन किसी भी स्तर पर समाप्त नहीं किया जाएगा।
हुक्का-पानी भी बंद, बारिश में भी दुकानों का लिया सहारा
धर्मशाला के अंदर व बाहर धरना दे रहे दोनों गुटों के सदस्यों में तनाव इस स्तर तक बना रहा कि धर्मशाला के अंदर से बाहर के लिए हुक्का व पानी जैसी सुविधाएं भी दिन भर बंद रहीं। गेटों पर ताले लगाए गए तो भारी पुलिस बल तैनात रहा। यहां तक कि दोपहर बाद बारिश के चलते धरना दे रहे लोगों को दुकानों का ही सहारा लेना पड़ा तो बारिश में गद्दे भी भीग गए। इसके बाद धरना स्थल से अधिकतर लोगों ने गांवों की ओर कूच कर लिया। वहीं चर्चा की जाती रही कि रात के समय एक चौकीदार की पिटाई भी एक गुट के लोगों द्वारा की गई।
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प्रशासक पहुंचे तो भड़क उठे कर्मवीर गुट के लोग
तनाव के बीच रात भर शाहाबाद एसडीएम सतबीर कुंडू धर्मशाला में तैनात रहे तो सुबह होने पर प्रशासक एवं थानेसर एसडीएम अनिल यादव पहुंचे। वे धर्मशाला में पहुंचे और मुआयना करने लगे तो कर्मवीर गुट के लोग भड़क गए। इसके चलते उन्हें मुआयना भी बीच में ही छोड़ना पड़ा।
धर्मशाला की अधिकतर दुकानें रही बंद, ठप हुआ कामकाज
धर्मशाला के अंदर व आसपास तनावपूर्ण माहौल के चलते शनिवार को अधिकतर दुकानें बंद रहीं। हालांकि इसके लिए धर्मशाला प्रशासन व प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर आदेश नहीं दिए। लेकिन दुुकानदारों ने किसी भी समय हालात बिगड़ने की आशंका के चलते दुकानें बंद रखीं। कई पुलिस कर्मी भी दुकानदारों को एहतियातन दुकानें बंद रखने की सलाह देते रहे। वहीं दुकानदारों का कहना है कि शुक्रवार को बढ़े तनाव के बाद कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। खुली दुकान में नुकसान होने की भी आशंका रहने लगी है।
आज होगी कर्मवीर गुट की प्रदेश स्तरी बैठक, अंग्रेज गुट भी भीड़ जुटाने को गांव-गांव निकला
रविवार को कर्मवीर गुट की ओर से समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई है। नई कमेटी के प्रधान कर्मवीर सिंह ने कहा कि इस बैठक में कड़ा निर्णय लिया जाएगा और सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं अंग्रेज सिंह गुट ने भी रविवार को धर्मशाला के बाहर धरना स्थल पर हजारों लोग जुटाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। कमेटियां बनाकर गांव-गांव पहुंचकर लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। दोनों गुटों द्वारा जुटाई जाने वाली भीड़ के चलते हालात और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
दोनों गुटों के निशाने पर आया प्रशासन, लगाए भड़काने के आरोप
जिला प्रशासन भले ही शुरू से दोनों गुटों के बीच सहमति बनाने के प्रयास कर रहा हो, लेकिन दोनों गुटों ने शनिवार को प्रशासन को निशाने पर लिया। कर्मवीर गुट ने प्रशासक व अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंग्रेज सिंह गुट उनकी शह पर ही धरने पर बैठा है। वहीं अंग्रेज सिंह ने भी प्रशासक एवं अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मवीर गुट के दबाव में काम रहे हैं। धर्मशाला खाली कराने के नाम पर उन्हें बाहर कर दिया, लेकिन धर्मशाला में माहौल को खराब कर रहे लोगों का अभी भी कब्जा है। प्रशासन समाज के लोगों को भड़काने का काम कर रहा है। उधर डीसी डॉ. एसएस फुलिया व प्रशासक अनिल यादव का कहना है कि दबाव व भड़ाने के आरोप गलत लगाए जा रहे हैं। प्रशासन हालात को बेहतर ढंग से निपटाने के प्रयासों में लगा हुआ है।
सुभाष बराला के दबाव में प्रशासन, प्रशासक से कोर्ट के माध्यम से लेंगे हिसाब : अंग्रेज
अंग्रेज सिंह ने कहा कि प्रशासन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के दबाव में है। इसी के चलते ही धर्मशाला पर कब्जा कर रहे लोगों को नहीं हटाया जा रहा। 23 जुलाई से एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक नियुक्त किया हुआ है, लेकिन इतने दिनों से धर्मशाला का चार्ज नहीं संभाला। कोर्ट के माध्यम से एक-एक दिन के लेन-देन का हिसाब लिया जाएगा और इसके लिए जल्द ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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जाट धर्मशाला एवं सभा चौधर का विवाद
- तनावपूूर्ण हालात में प्रशासन ने किए जाट धर्मशाला के तीनों गेट बंद
- धर्मशाला के भीतर-बाहर भारी पुलिस बल तैनात, आवाजाही पुलिस के कंट्रोल में
- एक गुट धर्मशाला के बाहर तो दूसरा अंदर अनशन पर बैठा
- रात भर मोर्चे पर डटे रहे दोनों गुट, भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम व डीएसपी डटे रहे
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर के विवाद में शनिवार को भी धर्मशाला में हालात तनावपूर्ण रहे। अंग्रेज सिंह गुट धर्मशाला के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा रहा तो वहीं कर्मवीर गुट का अनशन धर्मशाला के अंदर जारी रहा। तनाव के चलते प्रशासन ने धर्मशाला के तीनों गेट बंद रखे,ज बकि अंदर-बाहर की आवाजाही पुलिस कंट्रोल में कर दी गई है। रात भर शाहाबाद एसडीएम सतबीर कुंडू व डीएसपी गुरमेल सिंह सैनी ने भारी पुलिस बल के साथ हालात पर नजर बनाए रखी।
शुक्रवार दिन भर रही तनातनी के बाद धर्मशाला खाली कराने को लेकर प्रशासन ने जहां अंग्रेज सिंह गुट को बाहर कर दिया था तो वहीं कर्मवीर घराड़सी गुट ने देर शाम अनशन हटाने से इंकार कर दिया। इससे भड़के अंग्रेज सिंह गुट ने धर्मशाला के मुख्य गेट पर ही धरना शुरू कर दिया तो शनिवार को इसे अनिश्चितकालीन रूप दे दिया गया। दिन भर सैकड़ों लोग यहां धरना देकर नारेबाजी करते रहे। प्रशासन को भी निशाने पर लिया और दूसरे गुट का सहयोग करने व उन्हें गुमराह करने के भी आरोप लगाए। वहीं कर्मवीर घराड़सी गुट से दर्जनों लोग धरना एवं अनशन स्थल पर जमे रहे और स्पष्ट ऐलान कर दिया कि मतदाता सूची जारी होने तक अनशन किसी भी स्तर पर समाप्त नहीं किया जाएगा।
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हुक्का-पानी भी बंद, बारिश में भी दुकानों का लिया सहारा
धर्मशाला के अंदर व बाहर धरना दे रहे दोनों गुटों के सदस्यों में तनाव इस स्तर तक बना रहा कि धर्मशाला के अंदर से बाहर के लिए हुक्का व पानी जैसी सुविधाएं भी दिन भर बंद रहीं। गेटों पर ताले लगाए गए तो भारी पुलिस बल तैनात रहा। यहां तक कि दोपहर बाद बारिश के चलते धरना दे रहे लोगों को दुकानों का ही सहारा लेना पड़ा तो बारिश में गद्दे भी भीग गए। इसके बाद धरना स्थल से अधिकतर लोगों ने गांवों की ओर कूच कर लिया। वहीं चर्चा की जाती रही कि रात के समय एक चौकीदार की पिटाई भी एक गुट के लोगों द्वारा की गई।
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प्रशासक पहुंचे तो भड़क उठे कर्मवीर गुट के लोग
तनाव के बीच रात भर शाहाबाद एसडीएम सतबीर कुंडू धर्मशाला में तैनात रहे तो सुबह होने पर प्रशासक एवं थानेसर एसडीएम अनिल यादव पहुंचे। वे धर्मशाला में पहुंचे और मुआयना करने लगे तो कर्मवीर गुट के लोग भड़क गए। इसके चलते उन्हें मुआयना भी बीच में ही छोड़ना पड़ा।
धर्मशाला की अधिकतर दुकानें रही बंद, ठप हुआ कामकाज
धर्मशाला के अंदर व आसपास तनावपूर्ण माहौल के चलते शनिवार को अधिकतर दुकानें बंद रहीं। हालांकि इसके लिए धर्मशाला प्रशासन व प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर आदेश नहीं दिए। लेकिन दुुकानदारों ने किसी भी समय हालात बिगड़ने की आशंका के चलते दुकानें बंद रखीं। कई पुलिस कर्मी भी दुकानदारों को एहतियातन दुकानें बंद रखने की सलाह देते रहे। वहीं दुकानदारों का कहना है कि शुक्रवार को बढ़े तनाव के बाद कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। खुली दुकान में नुकसान होने की भी आशंका रहने लगी है।
आज होगी कर्मवीर गुट की प्रदेश स्तरी बैठक, अंग्रेज गुट भी भीड़ जुटाने को गांव-गांव निकला
रविवार को कर्मवीर गुट की ओर से समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई है। नई कमेटी के प्रधान कर्मवीर सिंह ने कहा कि इस बैठक में कड़ा निर्णय लिया जाएगा और सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं अंग्रेज सिंह गुट ने भी रविवार को धर्मशाला के बाहर धरना स्थल पर हजारों लोग जुटाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। कमेटियां बनाकर गांव-गांव पहुंचकर लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। दोनों गुटों द्वारा जुटाई जाने वाली भीड़ के चलते हालात और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
दोनों गुटों के निशाने पर आया प्रशासन, लगाए भड़काने के आरोप
जिला प्रशासन भले ही शुरू से दोनों गुटों के बीच सहमति बनाने के प्रयास कर रहा हो, लेकिन दोनों गुटों ने शनिवार को प्रशासन को निशाने पर लिया। कर्मवीर गुट ने प्रशासक व अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंग्रेज सिंह गुट उनकी शह पर ही धरने पर बैठा है। वहीं अंग्रेज सिंह ने भी प्रशासक एवं अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मवीर गुट के दबाव में काम रहे हैं। धर्मशाला खाली कराने के नाम पर उन्हें बाहर कर दिया, लेकिन धर्मशाला में माहौल को खराब कर रहे लोगों का अभी भी कब्जा है। प्रशासन समाज के लोगों को भड़काने का काम कर रहा है। उधर डीसी डॉ. एसएस फुलिया व प्रशासक अनिल यादव का कहना है कि दबाव व भड़ाने के आरोप गलत लगाए जा रहे हैं। प्रशासन हालात को बेहतर ढंग से निपटाने के प्रयासों में लगा हुआ है।
सुभाष बराला के दबाव में प्रशासन, प्रशासक से कोर्ट के माध्यम से लेंगे हिसाब : अंग्रेज
अंग्रेज सिंह ने कहा कि प्रशासन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के दबाव में है। इसी के चलते ही धर्मशाला पर कब्जा कर रहे लोगों को नहीं हटाया जा रहा। 23 जुलाई से एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक नियुक्त किया हुआ है, लेकिन इतने दिनों से धर्मशाला का चार्ज नहीं संभाला। कोर्ट के माध्यम से एक-एक दिन के लेन-देन का हिसाब लिया जाएगा और इसके लिए जल्द ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।