फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   फतुहपुर में 94 एकड़ में बनेगा प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय, 33 वर्षो के पटटे् के लिए सरकार ने दी मंजूरी

फतुहपुर में 94 एकड़ में बनेगा प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय, 33 वर्षो के पटटे् के लिए सरकार ने दी मंजूरी

Fri, 04 May 2018 11:44 PM IST
Updated Fri, 04 May 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
फतुहपुर में 94 एकड़ में बनेगा प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय, 33 वर्षो के पटटे् के लिए सरकार ने दी मंजूरी
सेवा सिंह
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र।
गांव फतुहपुर में प्रदेश का पहला श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय 94 एकड़ 5 कनाल एक मरला जमीन में स्थापित होगा, जिसके लिए ग्राम पंचायत से 33 वर्षों के लिए जमीन पट्टे पर ली जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने न केवल मंजूरी दे दी है बल्कि इस जमीन को लेकर आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश भी जारी कर दिए गए है।
इसके साथ विश्वविद्यालय प्रशासन एवं ग्राम पंचायत भी एकाएक ही हरकत में आ गए है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन एवं ग्राम पंचायत के बीच लिखित में पट्टानामा होगा तो वहीं इस जमीन की निशानदेही भी की जाएगी। प्रदेश सरकार एवं पंचायत विभाग की ओर से जिला उपायुक्त को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए है, जिसमें विभिन्न शर्तों का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है और इनके अनुसार अगले पांच वर्षों में इस जमीन पर निर्माण करना होगा तो वहीं पट्टे पर ली गई यह जमीन केवल आयुष विश्वविद्यालय स्थापना के लिए ही प्रयोग की जाएगी और पट्टे का समय आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। हाल ही में आए इन आदेशों के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन जमीन की निशानदेही की तैयारियों में जुट गया है, जिसके चलते सोमवार को निशानदेही कार्य पूरा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए जिला उपायुक्त डॉ एसएस फुलिया ने भी आदेश जारी कर दिए हैं तो वहीं अब सक्रिय हुई ग्राम पंचायत ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष जमीन की एवज में गांव की ओर से मांगों से भरा प्रस्ताव पेश कर दिया है। यहां तक कि ग्राम पंचायत की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि गांव पट्टेनामा पर ग्राम पंचायत इन मांगों के पूरा होने पर ही सहमत होगी। बता दें कि पहले इस विश्वविद्यालय के लिए गांव में 112 एकड़ जमीन दिए जाने की चर्चा की गई थी जो बाद में 106 एकड़ तक सिमट गई थी, लेकिन राजस्व विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट होने पर अब यह विश्वविद्यालय 94 एकड़ 5 कनाल एक मरला जमीन पर स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन



सोमवार को निशानदेही के होंगे प्रयास : रजिस्ट्रार
विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार जाटयान का कहना है कि सरकार ने अब इस जमीन के लिए मंजूरी दे दी है और जल्द अगली कार्रवाई के आदेश भी मिल चुके हैं। योजना अनुसार सोमवार को इस जमीन पर निशानदेही करवाई जाएगी, इसके लिए जिला उपायुक्त ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। निशानदेही के बाद निर्माण कार्यों को अमलीजामा पहनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा रखी मांगों को उच्चाधिकारी स्तर पर भेज दिया गया है। प्रावधान के अनुसार जो भी मांगें जायज होंगी उन्हें पूरा करवाने का अवश्य प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मांगें पूरी होने पर ही सहमत होगी पंचायत : सरपंच
गांव के सरपंच शमशेर सिंह का कहना है कि उक्त जमीन से गांव को बड़ी आमदन थी, जिससे गांव के विकास बड़े स्तर पर होते थे। इसी के चलते ही ग्राम पंचायत ने 11 मांगों को लेकर प्रस्ताव पास किया है, जिसे पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार को सौंप दिया है तो वहीं विभाग के उच्चाधिकारियों व प्रदेश सरकार को भी भेज दिया है। पट्टानामा से पहले यह मांग पूरी करने की मांग रखी जाएगी।



सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखी 11 मांगे, सौंपा प्रस्ताव
सरकार की ओर से विश्वविद्यालय स्थापना के लिए उक्त जमीन के लिए पट्टेनामा सहित अगली कार्रवाई के लिए आदेश आते ही ग्राम पंचायत ने 11 मांगों से भरा एक पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार जाटयान को गांव के सरपंच शमशेर सिंह सिंह व अन्य ने यह मांग पत्र सौंपा, जिसमें यह मांगें रखी गई।
- प्रत्येक कोर्स में गांव के बच्चों के लिए पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाए।
- जमीन की एवज में गांव के विकास के लिए 60 लाख रुपये की ग्रांट प्रति वर्ष प्रदान की जाए।
- विश्वविद्यालय में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति के लिए गांव के युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
- विश्वविद्यालय कमेटी में मौजूदा सरपंच को सदस्य बनाया जाए।
- हर मीटिंग में गांव के मनोनीत सदस्यों का हाजिरी अवश्य हो और हर कार्रवाई पर उनके भी हस्ताक्षर होने चाहिए।
- गांव के छात्रों से किसी प्रकार की दाखिला व कोर्स फीस न ली जाए।
- गांव के योग्य युवाओं के लिए प्रथम श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाए।
- गांव के छात्रों को मेरिट से 20 फीसदी तक छूट प्रदान की जाए।
- विश्वविद्यालय के अनुसार गांव में भी बिजली, पेयजल की सुविधा प्रदान की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed