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टीम भावना के साथ काम करने की जरूरत: कुलपति

Tue, 21 Nov 2017 12:14 AM IST
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:14 AM IST
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टीम भावना के साथ काम करने की जरूरत: कुलपति
टीम भावना के साथ काम करने की जरूरत: कुलपति
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा है कि विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिलने में विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और गैर- शिक्षक कर्मचारियों के साथ विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भी अहम भूमिका है। विश्वविद्यालय को बनाने में सभी का पूर्ण सहयोग आवश्यक होता है।

वह सोमवार को विश्वविद्यालय पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से नॉन टीचिंग क्लब में आयोजित आम सभा को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कुलपति ने कहा कि एक व्यक्ति अपनी सेवाएं विश्वविद्यालय में देने के बाद भी विश्वविद्यालय से जुड़कर अपना अनुभव विश्वविद्यालय को देता रहता है। इससे विश्वविद्यालय को प्रगति करने में मदद मिलती है। इससे पहले एसोसिएशन के प्रधान मदन गोपाल शर्मा और कार्यकारिणी के सदस्यों ने कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा का स्वागत किया। मदन गोपाल शर्मा ने एसोसिएशन की पूरे साल की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। बताया कि उन्होंने कुलपति के साथ मिलकर सातवें वेतन आयोग का लाभ पेंशनर्स को दिलवाया है। उन्होंने कुलपति से आग्रह भी किया कि वे सातवें वेतन आयोग के एरियर का लाभ भी जल्द पेंशनर्स को दिलवाएं। साथ ही यूनिवर्सिटी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास करें। महिलाओं की तर्ज पर 60 साल तक के पुरुष पेंशनर्स को सरकारी बसों में यह सुविधा दी जाए। मदन गोपाल शर्मा ने कुलपति से आग्रह किया कि वे सरकार से प्राइवेट कालेजों की तर्ज पर विश्वविद्यालय को भी 95 प्रतिशत ग्रांट प्राप्त करने के बारे में लिखें। पूर्व कुलपति एवं संरक्षक प्रो. भीम सिंह दहिया ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय में पेंशन को लागू करवाने में सहयोग किया था। पूर्व कुलसचिव प्रो. राघुवेंद्र तंवर ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सबको एक दूसरे से मिलने का मौका मिलता है। पूर्व प्रधान बाबू राम गुप्ता ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय में पेंशन लागू करवाने के लिए संघर्ष किया। इस मौके पर प्रो. आरएस मल्होत्रा, प्रो. टीआर कुंडू, प्रो. ऋचा तंवर, प्रो. एनके माटा, पूर्व कुलसचिव रमेश शर्मा, पूर्व प्रधान मान सिंह, जेके जैन, रतन लाल गुप्ता, राजरिखी, भीम सिंह मौन, मुरारी लाल सैनी, डॉ. एचएन भटनागर, एडी चावला, दर्शन पुरी, मंजुला गिरधर, कमला देवी आदि मौजूद थे।
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