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सरकार नहर को चालू रखें और किसानों को मुआवजा दे : नरेंद्र
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:49 AM IST
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सरकार नहर को चालू रखें और किसानों को मुआवजा दे : नरेंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
दादुपुर नलवी नहर संघर्ष समीति कुरुक्षेत्र के कार्यकारी प्रधान नरेंद्र खानपुर ने प्रदेश सरकार से मांग क़ी है कि सरकार किसानों के हित में फैसला लेकर दादुपुर नलवी नहर को चालू रखा जाए। किसी किसान को नहर के पानी की वजह से नुकसान होता है तो सरकार वहां पर नहर के किनारों को मजबूत करवाएं।
उन्होंने कहा कि नहर बंद करना कोई समाधान नहीं है, वैसे भी कुरुक्षेत्र जिले के सभी ब्लॉक डार्कजोन में आ गए हैं और डार्कजोन में न तो किसान ट्यूबवेल लगवा सकता है और न ही बिजली का कनेक्शन मिलेगा तो फिर खेती कैसे हो पाएगी, कैसे सिंचाई होगी, कैसे भूमिगत जलस्तर ऊपर आएगा। वह आज शाहाबाद अनाज मंडी में अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों बाद भूमिगत जल खत्म हो जाएगा तो फिर उत्तरी हरियाणा रेगिस्तान बन जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उत्तरी हरियाणा ही देश और प्रदेश में अन्न के भंडार भरने में सबसे ज्यादा योगदान देता है। खेती की वजह से लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। शहरों की रोनक भी किसानों से ही होती है। जगदीप छपरा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि नहर को चालू रखा जाए, बरसाती सीजन के बाद भी हर महीने में तीन या चार बार नहर में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसान नहरी पानी से सिंचाई कर सके, जिससे भूमिगत जल बचा रहे और उत्तरी हरियाणा भी खुशहाल रहे। उन्होंने कहा कि अबकी बार उत्तरी हरियाणा के लोगों ने ही सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। कहा कि यमुनानगर में 130 दिनों से धरना दे रहे किसानों के साथ एक बड़ा आंदोलन चलाएंगे। इसमें अंबाला जिले के किसान भी साथ देंगे। इस अवसर पर शाहाबाद चीनी मिल के पूर्व डायरेक्टर जयपाल चढूनी, शमशेर सिंह ढोलामाजरा, अनिल ढोलामाजरा, बलकार सिंह मदनपुर, जयपाल खानपुर, रणबीर चढूनी, जगदीप छपरा, गुरजैंट खरींडवा भी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
दादुपुर नलवी नहर संघर्ष समीति कुरुक्षेत्र के कार्यकारी प्रधान नरेंद्र खानपुर ने प्रदेश सरकार से मांग क़ी है कि सरकार किसानों के हित में फैसला लेकर दादुपुर नलवी नहर को चालू रखा जाए। किसी किसान को नहर के पानी की वजह से नुकसान होता है तो सरकार वहां पर नहर के किनारों को मजबूत करवाएं।
उन्होंने कहा कि नहर बंद करना कोई समाधान नहीं है, वैसे भी कुरुक्षेत्र जिले के सभी ब्लॉक डार्कजोन में आ गए हैं और डार्कजोन में न तो किसान ट्यूबवेल लगवा सकता है और न ही बिजली का कनेक्शन मिलेगा तो फिर खेती कैसे हो पाएगी, कैसे सिंचाई होगी, कैसे भूमिगत जलस्तर ऊपर आएगा। वह आज शाहाबाद अनाज मंडी में अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों बाद भूमिगत जल खत्म हो जाएगा तो फिर उत्तरी हरियाणा रेगिस्तान बन जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उत्तरी हरियाणा ही देश और प्रदेश में अन्न के भंडार भरने में सबसे ज्यादा योगदान देता है। खेती की वजह से लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। शहरों की रोनक भी किसानों से ही होती है। जगदीप छपरा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि नहर को चालू रखा जाए, बरसाती सीजन के बाद भी हर महीने में तीन या चार बार नहर में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसान नहरी पानी से सिंचाई कर सके, जिससे भूमिगत जल बचा रहे और उत्तरी हरियाणा भी खुशहाल रहे। उन्होंने कहा कि अबकी बार उत्तरी हरियाणा के लोगों ने ही सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। कहा कि यमुनानगर में 130 दिनों से धरना दे रहे किसानों के साथ एक बड़ा आंदोलन चलाएंगे। इसमें अंबाला जिले के किसान भी साथ देंगे। इस अवसर पर शाहाबाद चीनी मिल के पूर्व डायरेक्टर जयपाल चढूनी, शमशेर सिंह ढोलामाजरा, अनिल ढोलामाजरा, बलकार सिंह मदनपुर, जयपाल खानपुर, रणबीर चढूनी, जगदीप छपरा, गुरजैंट खरींडवा भी मौजूद थे।
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