{"_id":"6a36fee22d5cc7d684040d53","slug":"33-pilgrims-who-returned-from-the-attari-border-get-a-second-chance-68-member-group-departs-for-pakistan-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-156653-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: अटारी बॉर्डर से लौटे 33 श्रद्धालुओं को मिला दूसरा मौका, पाकिस्तान रवाना हुआ 68 सदस्यीय जत्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: अटारी बॉर्डर से लौटे 33 श्रद्धालुओं को मिला दूसरा मौका, पाकिस्तान रवाना हुआ 68 सदस्यीय जत्था
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। 10 जून को अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस लौटे 33 सिख श्रद्धालु अब दोबारा पाकिस्तान के लिए रवाना हुए हैं। शनिवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) की ओर से 68 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। यह जत्था महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर आयोजित धार्मिक समागम में शामिल होगा।
कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से एचएसजीएमसी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को रवाना किया। उन्होंने बताया कि जत्था शनिवार रात श्री दरबार साहिब, अमृतसर में ठहरेगा और 21 जून को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेकेंगे। जत्था 30 जून को भारत लौटेगा।
गौरतलब है कि 9 जून को हरियाणा से 94 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना हुआ था, लेकिन अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण उन्हें 10 जून को अटारी बॉर्डर से लौटना पड़ा था। इस घटना को लेकर श्रद्धालुओं में भारी निराशा थी। बाद में मामले को लेकर विभिन्न सिख संगठनों और नेताओं ने भी आवाज उठाई थी। जत्थे को रवाना करने के दौरान हरमनप्रीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, बीबी जसबीर कौर मसाना, सुखजिंदर सिंह मसाना, अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनियामाजरा, अतिरिक्त सचिव सतपाल सिंह डाचर, उप सचिव धर्म प्रचार अमरिंदर सिंह, निजी सचिव शमशेर सिंह और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीएम और डीसी को सौंपा था ज्ञापन : मोहड़ी
शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के अध्यक्ष हरिकेश मोहड़ी ने मामले में सीएम सैनी और जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा को 12 जून को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें जांच के लिए 5 मांग रखी गई थी।
हेमकुंड साहिब जाने वाली संगत को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण : झींडा
जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रही संगत को रोके जाने और कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालुओं के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित राज्यों की सरकारों से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की साथ ही कहा कि हरिद्वार स्थित गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की जमीन को मुक्त कराने के लिए भी कमेटी हर स्तर पर प्रयास करेगी।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से एचएसजीएमसी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को रवाना किया। उन्होंने बताया कि जत्था शनिवार रात श्री दरबार साहिब, अमृतसर में ठहरेगा और 21 जून को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेकेंगे। जत्था 30 जून को भारत लौटेगा।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 9 जून को हरियाणा से 94 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना हुआ था, लेकिन अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण उन्हें 10 जून को अटारी बॉर्डर से लौटना पड़ा था। इस घटना को लेकर श्रद्धालुओं में भारी निराशा थी। बाद में मामले को लेकर विभिन्न सिख संगठनों और नेताओं ने भी आवाज उठाई थी। जत्थे को रवाना करने के दौरान हरमनप्रीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, बीबी जसबीर कौर मसाना, सुखजिंदर सिंह मसाना, अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनियामाजरा, अतिरिक्त सचिव सतपाल सिंह डाचर, उप सचिव धर्म प्रचार अमरिंदर सिंह, निजी सचिव शमशेर सिंह और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीएम और डीसी को सौंपा था ज्ञापन : मोहड़ी
शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के अध्यक्ष हरिकेश मोहड़ी ने मामले में सीएम सैनी और जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा को 12 जून को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें जांच के लिए 5 मांग रखी गई थी।
हेमकुंड साहिब जाने वाली संगत को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण : झींडा
जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रही संगत को रोके जाने और कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालुओं के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित राज्यों की सरकारों से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की साथ ही कहा कि हरिद्वार स्थित गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की जमीन को मुक्त कराने के लिए भी कमेटी हर स्तर पर प्रयास करेगी।