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वीसी से न मिल पाने पर भड़के विद्यार्थी, कार्यालय के बाहर बना तनावपूर्ण माहौल
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कुरुक्षेत्र। केयू संयुक्त छात्र संघर्ष समिति ने विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर कुलपति सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। वीरवार को समिति के बैनर तले सैकड़ों विद्यार्थी कक्षाओं का बहिष्कार कर कुलपति कार्यालय का घेराव करने पहुंचेे। इस दौरान विद्यार्थियों ने कुलपति से मुलाकात करने की मांग को लेकर करीब पांच घंटे तक नारेबाजी की। कुलपति से लंबे समय तक मुलाकात न होने पर विद्यार्थी भड़क गए। भड़के विद्यार्थियों ने नारेबाजी कर केयू प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष जताते हुए जबरदस्ती वीसी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया।
मौके पर तैनात पिहोवा डीएसपी धीरज कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने रोकना चाहा तो प्रदर्शनकारी उनसे भिड़ गए। धक्का-मुक्की के हालातों से डीएसपी भी बच न सके। हालांकि पुलिस ने दबाव बनाते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का रोष शांत नहीं हुआ और लगातार वीसी कार्यालय के बाहर हंगामा चलता रहा।
वीरवार सुबह से ही प्रदर्शन करने उतरे विद्यार्थियों के चलते स्थिति तनावपूर्वण होने की सूचना मिलने पर एसडीएम अश्वनी मलिक, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार जयबीर रंगा, डीएसपी जगदीश राय एवं डीएसपी सिटी अशोक कुमार, सीआईए प्रभारी मलकीत सिंह भारी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों की मांगों पर मेस वर्कर यूनियन ने भी समर्थन दिया। इस दौरान एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को वीसी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और दोबारा वीसी कार्यालय के मुख्य गेट को तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने आखिरकार कड़े प्रयासों से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 200 विद्यार्थियों को हिरासत में जरूर लिया गया था, लेकिन किसी के खिलाफ भी मामला दर्ज नहीं किया है। बताया जाता है कि कई छात्राओं को भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने की चेतावनी देकर छोड़ा गया। प्रदर्शन करने वालों में संघर्ष समिति के सदस्य राकेश कैंदल, संजीव सिहाग, शुभम, ऋतु, जसविंदर जस्सी, दीपेंदर बरार, विशाल, मंजू जाखड़, मनदीप लांबा, वीरेंदर बीडीआर, शंकर, उदय, गुरचरण, नीलम, दिलबाग पाई, पिंटू, रोहित आर्य एवं रविंदर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का हुजूम शामिल रहा।
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14 फरवरी को भी किया था प्रदर्शन...
छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले 14 फरवरी को विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर कुलपति कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था और कुलपति प्रो. केसी शर्मा से मुलाकात करने की मांग की थी। उस दौरान कुलपति से विद्यार्थियों की मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके विरोध में समिति के पदाधिकारियों ने 28 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर बंद करने का ऐलान किया था। वीरवार सुबह सैकड़ों विद्यार्थी आर्ट फैकल्टी पर एकत्रित हुए और रोष मार्च निकालते हुए वीसी कार्यालय तक पहुंचे। यहां विद्यार्थियों ने दोपहर 2 बजे तक कुलपति सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
संयुक्त छात्र संघर्ष समिति द्वारा विरोध रहेगा जारी
संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के संयोजक विनोद गिल का आरोप है कि विद्यार्थी पिछले लंबे समय से विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से एक भी मांग पूरी नहीं की गई। विद्यार्थी लंबे समय से कुलपति से मुलाकात करने की मांग कर रहे थे, लेकिन अब तक नहीं मिले। प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया दिखाते हुए प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को खदेड़ा गया। शुक्रवार को इसके विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति के पुतले की शवयात्रा निकाली जाएगी।
पुलिस को देख डीएसपी की गाड़ी में घुसे प्रदर्शनकारी
कुलपति कार्यालय के समक्ष प्रो. कैलाश चंद्र के न मिलने पर विरोध जता रहे विद्यार्थियों को जब पुलिस प्रशासन ने खदेड़ने का प्रयास किया तो विद्यार्थी डीएसपी सिटी अशोक कुमार की गाड़ी में घुस गए। डीएसपी के वाहन में नारेबाजी करते देख सीआईए स्टाफ से इंस्पेक्टर मलकीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को उच्चाधिकारी की गाड़ी से बाहर निकाल विभाग की बस में बैठा दिया। इस दौरान डीएसपी की गाड़ी से निकालने और पुलिस बस में ले जाने तक भी पुलिस के पसीने छूट गए।
विरोध जता रहे विद्यार्थियों की मुख्य मांगें...
-विश्वविद्यालय परिसर में वाई-फाई की सुविधा दुरुस्त हो।
- हॉस्टल मेस के खाने की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
- एससी/बीसी स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाने के साथ समय पर भुगतान हो।
- ऑडिटोरियम में प्रति सप्ताह फिल्में दिखाई जाएं।
- थर्ड गेट पर प्रत्येक रोडवेज बस को रोकने की व्यवस्था हो।
- परिसर में सावित्रीबाई फुले ब्लॉक को खोला जाए।
- मुख्य पुस्तकालय में वाई-फाई की सुविधा हो।
- महिला हॉस्टल में गेस्ट चार्ज के रूप में 250 रुपये लेना बंद करें।
- मेस सर्वेंट चार्ज खत्म करना और कर्मचारियों का वेतन विश्वविद्यालय द्वारा भुगतान हो।
- अंतिम सेमेस्टर में गोल्डन चांस दिया जाना।
- महिला हॉस्टल की तर्ज पर पुरुष हॉस्टल में वाशिंग मशीन की व्यवस्था हो।
- विश्वविद्यालय परिसर में ई-रिक्शा और जिम की सुविधा दी जाए।
कुछ छात्र संगठन विद्यार्थियों को कर रहे गुमराह : चौहान
केयू कैंपस स्टूडेंस कौंसिल के अध्यक्ष ओंकार चौहान ने कहा कि परिसर में कुछ छात्र संगठन पिछले समय से अपनी राजनीति चमकाने के लिए विद्यार्थियों को भ्रमित कर रहे हैं। इन संगठनों के पास कोई भी जायज मुद्दा नहीं है, बल्कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का प्रयास किया जा रहा है। इस कारण विश्वविद्यालय का माहौल खराब होने लगा है। विश्वविद्यालय की जायज मांगों को लेकर कौंसिल संघर्ष कर रही है। प्रदर्शनकारियों के खदेड़ने पर उन्होंने निंदा जाहिर की। बोले कि वीसी को विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर मिलना चाहिए। इसके अलावा कौंसिल के महासचिव शुभम कालिया, एबीवीपी के जिला संयोजक संदीप सजुमा ने भी प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि कुलपति को विद्यार्थियों की मांगों को लेकर बातचीत जरूर करनी चाहिए।
विद्यार्थियों की जल्द कराई जाएगी वीसी से मुलाकात: डॉ. जिलोवा
मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सीआर जिलोवा ने कहा कि वीरवार को कुलपति किसी कार्यक्रम के चलते बाहर थे। इस वजह से विद्यार्थियों की मुलाकात नहीं हो सकी। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को कुलसचिव से मुलाकात करने की बात कही गई थी, लेकिन विद्यार्थी वीसी से मुलाकात करने पर अड़े रहे। पहले भी एसएफआई से जुड़े दो छात्र नेताओं को वीसी के साथ बातचीत करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उक्त छात्र नेता सभी एकसाथ मिलने की मांग करने लगे। वीरवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों की वीसी से मुलाकात कराना जायज नहीं था।
मौके पर तैनात पिहोवा डीएसपी धीरज कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने रोकना चाहा तो प्रदर्शनकारी उनसे भिड़ गए। धक्का-मुक्की के हालातों से डीएसपी भी बच न सके। हालांकि पुलिस ने दबाव बनाते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का रोष शांत नहीं हुआ और लगातार वीसी कार्यालय के बाहर हंगामा चलता रहा।
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वीरवार सुबह से ही प्रदर्शन करने उतरे विद्यार्थियों के चलते स्थिति तनावपूर्वण होने की सूचना मिलने पर एसडीएम अश्वनी मलिक, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार जयबीर रंगा, डीएसपी जगदीश राय एवं डीएसपी सिटी अशोक कुमार, सीआईए प्रभारी मलकीत सिंह भारी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों की मांगों पर मेस वर्कर यूनियन ने भी समर्थन दिया। इस दौरान एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को वीसी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और दोबारा वीसी कार्यालय के मुख्य गेट को तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने आखिरकार कड़े प्रयासों से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 200 विद्यार्थियों को हिरासत में जरूर लिया गया था, लेकिन किसी के खिलाफ भी मामला दर्ज नहीं किया है। बताया जाता है कि कई छात्राओं को भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने की चेतावनी देकर छोड़ा गया। प्रदर्शन करने वालों में संघर्ष समिति के सदस्य राकेश कैंदल, संजीव सिहाग, शुभम, ऋतु, जसविंदर जस्सी, दीपेंदर बरार, विशाल, मंजू जाखड़, मनदीप लांबा, वीरेंदर बीडीआर, शंकर, उदय, गुरचरण, नीलम, दिलबाग पाई, पिंटू, रोहित आर्य एवं रविंदर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का हुजूम शामिल रहा।
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14 फरवरी को भी किया था प्रदर्शन...
छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले 14 फरवरी को विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर कुलपति कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था और कुलपति प्रो. केसी शर्मा से मुलाकात करने की मांग की थी। उस दौरान कुलपति से विद्यार्थियों की मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके विरोध में समिति के पदाधिकारियों ने 28 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर बंद करने का ऐलान किया था। वीरवार सुबह सैकड़ों विद्यार्थी आर्ट फैकल्टी पर एकत्रित हुए और रोष मार्च निकालते हुए वीसी कार्यालय तक पहुंचे। यहां विद्यार्थियों ने दोपहर 2 बजे तक कुलपति सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
संयुक्त छात्र संघर्ष समिति द्वारा विरोध रहेगा जारी
संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के संयोजक विनोद गिल का आरोप है कि विद्यार्थी पिछले लंबे समय से विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से एक भी मांग पूरी नहीं की गई। विद्यार्थी लंबे समय से कुलपति से मुलाकात करने की मांग कर रहे थे, लेकिन अब तक नहीं मिले। प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया दिखाते हुए प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को खदेड़ा गया। शुक्रवार को इसके विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति के पुतले की शवयात्रा निकाली जाएगी।
पुलिस को देख डीएसपी की गाड़ी में घुसे प्रदर्शनकारी
कुलपति कार्यालय के समक्ष प्रो. कैलाश चंद्र के न मिलने पर विरोध जता रहे विद्यार्थियों को जब पुलिस प्रशासन ने खदेड़ने का प्रयास किया तो विद्यार्थी डीएसपी सिटी अशोक कुमार की गाड़ी में घुस गए। डीएसपी के वाहन में नारेबाजी करते देख सीआईए स्टाफ से इंस्पेक्टर मलकीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को उच्चाधिकारी की गाड़ी से बाहर निकाल विभाग की बस में बैठा दिया। इस दौरान डीएसपी की गाड़ी से निकालने और पुलिस बस में ले जाने तक भी पुलिस के पसीने छूट गए।
विरोध जता रहे विद्यार्थियों की मुख्य मांगें...
-विश्वविद्यालय परिसर में वाई-फाई की सुविधा दुरुस्त हो।
- हॉस्टल मेस के खाने की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
- एससी/बीसी स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाने के साथ समय पर भुगतान हो।
- ऑडिटोरियम में प्रति सप्ताह फिल्में दिखाई जाएं।
- थर्ड गेट पर प्रत्येक रोडवेज बस को रोकने की व्यवस्था हो।
- परिसर में सावित्रीबाई फुले ब्लॉक को खोला जाए।
- मुख्य पुस्तकालय में वाई-फाई की सुविधा हो।
- महिला हॉस्टल में गेस्ट चार्ज के रूप में 250 रुपये लेना बंद करें।
- मेस सर्वेंट चार्ज खत्म करना और कर्मचारियों का वेतन विश्वविद्यालय द्वारा भुगतान हो।
- अंतिम सेमेस्टर में गोल्डन चांस दिया जाना।
- महिला हॉस्टल की तर्ज पर पुरुष हॉस्टल में वाशिंग मशीन की व्यवस्था हो।
- विश्वविद्यालय परिसर में ई-रिक्शा और जिम की सुविधा दी जाए।
कुछ छात्र संगठन विद्यार्थियों को कर रहे गुमराह : चौहान
केयू कैंपस स्टूडेंस कौंसिल के अध्यक्ष ओंकार चौहान ने कहा कि परिसर में कुछ छात्र संगठन पिछले समय से अपनी राजनीति चमकाने के लिए विद्यार्थियों को भ्रमित कर रहे हैं। इन संगठनों के पास कोई भी जायज मुद्दा नहीं है, बल्कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का प्रयास किया जा रहा है। इस कारण विश्वविद्यालय का माहौल खराब होने लगा है। विश्वविद्यालय की जायज मांगों को लेकर कौंसिल संघर्ष कर रही है। प्रदर्शनकारियों के खदेड़ने पर उन्होंने निंदा जाहिर की। बोले कि वीसी को विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर मिलना चाहिए। इसके अलावा कौंसिल के महासचिव शुभम कालिया, एबीवीपी के जिला संयोजक संदीप सजुमा ने भी प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि कुलपति को विद्यार्थियों की मांगों को लेकर बातचीत जरूर करनी चाहिए।
विद्यार्थियों की जल्द कराई जाएगी वीसी से मुलाकात: डॉ. जिलोवा
मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सीआर जिलोवा ने कहा कि वीरवार को कुलपति किसी कार्यक्रम के चलते बाहर थे। इस वजह से विद्यार्थियों की मुलाकात नहीं हो सकी। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को कुलसचिव से मुलाकात करने की बात कही गई थी, लेकिन विद्यार्थी वीसी से मुलाकात करने पर अड़े रहे। पहले भी एसएफआई से जुड़े दो छात्र नेताओं को वीसी के साथ बातचीत करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उक्त छात्र नेता सभी एकसाथ मिलने की मांग करने लगे। वीरवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों की वीसी से मुलाकात कराना जायज नहीं था।