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श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज के भावी चिकित्सकों ने शुरू किया आमरण अनशन
Updated Tue, 02 Oct 2018 01:11 AM IST
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श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज के भावी चिकित्सकों ने शुरू किया आमरण अनशन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज में लंबित मांगों को लेकर चार दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे भावी चिकित्सकों ने सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आमरण अनशन पर डॉ. अमित श्योराण, डॉ. बिट्टू खन्ना, डॉ. अक्षय गर्ग व डॉ. सोनू हरीकाल बैठे।
भावी चिकित्सक 12 दिनों से लंबित मांगों को लेकर अनिश्चित हड़ताल पर हैं। प्रशासन की कार्यप्रणाली से खफा होकर भावी चिकित्सकों ने सोमवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। भावी चिकित्सकों का कहना है कि प्रशासन ने पिछले 12 दिनों में विद्यार्थियों के साथ मजाक के अलावा कुछ नहीं किया है। प्रशासन के अड़ियल रवैये के चलते भावी चिकित्सकों ने मजबूर होकर सोमवार को 13वें दिन आमरण अनशन पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो काम प्रशासन को खुद करना चाहिए, उसको करवाने के लिए विद्यार्थियों को हड़ताल तथा आमरण अनशन पर बैठना पड़ता है। विद्यार्थियों का कहना है कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी आमरण अनशन पर बैठे भावी चिकित्सकों की सुध नहीं ले रहा। हालांकि सोमवार देर सायं सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की टीम आमरण अनशन पर बैठे भावी चिकित्सकों के स्वास्थ्य की जांच करने पहुंची।
एसडीएम ने किया धरना स्थल का दौरा
श्री कृष्ण आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र सोमवार को लघु सचिवालय में डीसी डॉ. एसएस फुलिया को ज्ञापन देने पहुंचे। डीसी की अनुपस्थिति में विद्यार्थियों ने एसडीएम अनिल यादव को ज्ञापन सौंपा। भावी चिकित्सकों का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि हड़ताल के 13 दिन तक भी प्रशासन के नुमाइंदों को विद्यार्थियों की मांगों एवं हड़ताल के बारे में नहीं पता। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे एसडीएम अनिल यादव धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए वे पुलिस की एक पीसीआर शाम के समय कॉलेज परिसर के बाहर तैनात कर देंगे, लेकिन बैरिकेड्स और गार्ड लगाने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन का ही है।
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प्रधानाचार्या ने सप्ताह की छुट्टी लेकर झाड़ा पल्ला
भावी चिकित्सक डॉ. अमित श्योराण ने कहा कि आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार ने कॉलेज प्रशासन को 29 सितंबर तक विद्यार्थियों की मांगें पूरी करने का आदेश दिया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने अब तक विद्यार्थियों की कोई सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थी मांगों को लेकर पिछले चार दिन क्रमिक अनशन पर बैठे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की मांगों पर काम करने की बजाय प्रधानाचार्या एक सप्ताह की छुट्टी चली गईं।
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श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज के भावी चिकित्सकों ने शुरू किया आमरण अनशन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज में लंबित मांगों को लेकर चार दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे भावी चिकित्सकों ने सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आमरण अनशन पर डॉ. अमित श्योराण, डॉ. बिट्टू खन्ना, डॉ. अक्षय गर्ग व डॉ. सोनू हरीकाल बैठे।
भावी चिकित्सक 12 दिनों से लंबित मांगों को लेकर अनिश्चित हड़ताल पर हैं। प्रशासन की कार्यप्रणाली से खफा होकर भावी चिकित्सकों ने सोमवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। भावी चिकित्सकों का कहना है कि प्रशासन ने पिछले 12 दिनों में विद्यार्थियों के साथ मजाक के अलावा कुछ नहीं किया है। प्रशासन के अड़ियल रवैये के चलते भावी चिकित्सकों ने मजबूर होकर सोमवार को 13वें दिन आमरण अनशन पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो काम प्रशासन को खुद करना चाहिए, उसको करवाने के लिए विद्यार्थियों को हड़ताल तथा आमरण अनशन पर बैठना पड़ता है। विद्यार्थियों का कहना है कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी आमरण अनशन पर बैठे भावी चिकित्सकों की सुध नहीं ले रहा। हालांकि सोमवार देर सायं सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की टीम आमरण अनशन पर बैठे भावी चिकित्सकों के स्वास्थ्य की जांच करने पहुंची।
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एसडीएम ने किया धरना स्थल का दौरा
श्री कृष्ण आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र सोमवार को लघु सचिवालय में डीसी डॉ. एसएस फुलिया को ज्ञापन देने पहुंचे। डीसी की अनुपस्थिति में विद्यार्थियों ने एसडीएम अनिल यादव को ज्ञापन सौंपा। भावी चिकित्सकों का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि हड़ताल के 13 दिन तक भी प्रशासन के नुमाइंदों को विद्यार्थियों की मांगों एवं हड़ताल के बारे में नहीं पता। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे एसडीएम अनिल यादव धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए वे पुलिस की एक पीसीआर शाम के समय कॉलेज परिसर के बाहर तैनात कर देंगे, लेकिन बैरिकेड्स और गार्ड लगाने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन का ही है।
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प्रधानाचार्या ने सप्ताह की छुट्टी लेकर झाड़ा पल्ला
भावी चिकित्सक डॉ. अमित श्योराण ने कहा कि आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार ने कॉलेज प्रशासन को 29 सितंबर तक विद्यार्थियों की मांगें पूरी करने का आदेश दिया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने अब तक विद्यार्थियों की कोई सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थी मांगों को लेकर पिछले चार दिन क्रमिक अनशन पर बैठे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की मांगों पर काम करने की बजाय प्रधानाचार्या एक सप्ताह की छुट्टी चली गईं।