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ठप पड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया, मायूस लौट रहे लोग
Updated Sun, 15 Apr 2018 12:52 AM IST
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ठप पड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया, मायूस लौट रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
ऑनलाइन किए जाने वाले जमीनी इंतकाल कार्य पिछले करीब 25 दिन से ठप पड़े हैं। कुरुक्षेत्र में ही इस दौरान करीब 1250 इंतकालों पर साफ्टवेयर अपडेट होने की वजह से अड़ंगा लगा है। कुरुक्षेत्र के साथ 12 अन्य जिलों में भी यही हालात हैं। इतने लंबे समय से इंतकाल कार्य ठप रहने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस काम से आने वाले लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। इस वजह से कुरुक्षेत्र में ही फीस के रूप में सरकार का लाखों रुपये राजस्व भी अटक गया है, तो दूसरे जिलों में इससे भी ज्यादा राजस्व रुक जाने की संभावना जताई जा रही है। पहले रजिस्ट्री कार्य में परेशानी झेल चुके लोगों को अब पिछले करीब 25 दिनों से इंतकाल कार्य के लिए अपडेट किए जाने वाल सॉफ्टवेयर का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। तहसील अधिकारी ही नहीं तकनीकी अधिकारियों को भी इसके सुचारु होने की जानकारी नहीं है।
पिछले माह रजिस्ट्री कार्य का साफ्टवेयर अपडेट किया गया था। इस दौरान लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी थी। ऑनलाइन किए जाने वाले इंतकाल कार्य के लिए मार्च के तीसरे सप्ताह में सॉफ्टवेयर अपडेट करना शुरू किया गया था। यह आज तक पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते इंतकाल ठप हैं। कब तक यह कार्य पटरी पर लौटेगा, इसका जवाब भी किसी अधिकारी से नहीं मिल पा रहा।
थानेसर में हर रोज होते थे 50 इंतकाल
तहसील अधिकारियों की मानें तो थानेसर तहसील में ही सामान्य रूप से विभिन्न प्रकार के हर रोज करीब 50 इंतकाल होते थे, जबकि सामान्य रूप से इंतकाल पर 200 रुपये सरकारी तौर पर फीस निर्धारित है। ऐसे में यह कार्य ठप पड़ा होने से अब तक करीब 1250 इंतकाल अटके हुए हैं। वहीं लाखों रुपये सरकारी फीस के रूप में राजस्व भी अटका है। तहसील कार्यालय में इन फाइलों का ढेर बढ़ता ही जा रहा है।
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सोमवार तक कार्य सुचारु होने की उम्मीद : सिंगला
डीआईओ विनोद सिंगला का कहना है कि चंडीगढ़ से ही बड़े स्तर की तकनीकी टीम सॉफ्टवेयर अपडेट करने में जुटी है। पूरा डाटा फिल्टर किया जा रहा है। यह कार्य बड़े स्तर का है। इसके चलते इतना समय लग रहा है। अब सोमवार तक सॉफ्टवेयर अपडेट किए जाने के बाद कार्य सुचारु रूप से होने लगेगा।
क्या करें ठप पड़ा है पूरा कार्य : परमिंद्र सिंह
नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह का कहना है कि यह तकनीकी अड़चन है। तकनीकी विभाग ही इसे दुरुस्त कर रहा है। पिछले करीब 25 दिनों से सभी प्रकार के इंतकाल कार्य ठप पड़े हुए हैं। हर रोज थानेसर तहसील में ही करीब 50 इंतकाल सामान्य रूप से होते थे। अब बताया जा रहा है कि अगले तीन-चार दिन में यह कार्य फिर से शुरू हो जाएगा।
इन जिलों में भी प्रभावित हो रहा इंतकाल कार्य
डीआईओ विनोद सिंगला के अनुसार कुरुक्षेत्र के अलावा पंचकूला, करनाल, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, नूह, जींद, हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, कैथल जिलों में भी एक साथ सॉफ्टवेयर अपडेट के चलते इंतकाल कार्य प्रभावित हो रहे है। यहां लोगों को मायूसी के साथ बिना इंतकाल कराए लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि यह जिले पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किए गए हैं।
10 दिनों से लगातार आ रज्ञ्हे, नहीं हो पाया इंतकाल : जगतार
गांव ज्योतिसर निवासी जगतार राणा का कहना है कि वे अपनी पारिवारिक जमीन के इंतकाल के चलते पिछले 10 दिनों से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। आज तक इंतकाल नहीं हो पाया है। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों से भी जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
ऑनलाइन किए जाने वाले जमीनी इंतकाल कार्य पिछले करीब 25 दिन से ठप पड़े हैं। कुरुक्षेत्र में ही इस दौरान करीब 1250 इंतकालों पर साफ्टवेयर अपडेट होने की वजह से अड़ंगा लगा है। कुरुक्षेत्र के साथ 12 अन्य जिलों में भी यही हालात हैं। इतने लंबे समय से इंतकाल कार्य ठप रहने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस काम से आने वाले लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। इस वजह से कुरुक्षेत्र में ही फीस के रूप में सरकार का लाखों रुपये राजस्व भी अटक गया है, तो दूसरे जिलों में इससे भी ज्यादा राजस्व रुक जाने की संभावना जताई जा रही है। पहले रजिस्ट्री कार्य में परेशानी झेल चुके लोगों को अब पिछले करीब 25 दिनों से इंतकाल कार्य के लिए अपडेट किए जाने वाल सॉफ्टवेयर का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। तहसील अधिकारी ही नहीं तकनीकी अधिकारियों को भी इसके सुचारु होने की जानकारी नहीं है।
पिछले माह रजिस्ट्री कार्य का साफ्टवेयर अपडेट किया गया था। इस दौरान लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी थी। ऑनलाइन किए जाने वाले इंतकाल कार्य के लिए मार्च के तीसरे सप्ताह में सॉफ्टवेयर अपडेट करना शुरू किया गया था। यह आज तक पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते इंतकाल ठप हैं। कब तक यह कार्य पटरी पर लौटेगा, इसका जवाब भी किसी अधिकारी से नहीं मिल पा रहा।
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थानेसर में हर रोज होते थे 50 इंतकाल
तहसील अधिकारियों की मानें तो थानेसर तहसील में ही सामान्य रूप से विभिन्न प्रकार के हर रोज करीब 50 इंतकाल होते थे, जबकि सामान्य रूप से इंतकाल पर 200 रुपये सरकारी तौर पर फीस निर्धारित है। ऐसे में यह कार्य ठप पड़ा होने से अब तक करीब 1250 इंतकाल अटके हुए हैं। वहीं लाखों रुपये सरकारी फीस के रूप में राजस्व भी अटका है। तहसील कार्यालय में इन फाइलों का ढेर बढ़ता ही जा रहा है।
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सोमवार तक कार्य सुचारु होने की उम्मीद : सिंगला
डीआईओ विनोद सिंगला का कहना है कि चंडीगढ़ से ही बड़े स्तर की तकनीकी टीम सॉफ्टवेयर अपडेट करने में जुटी है। पूरा डाटा फिल्टर किया जा रहा है। यह कार्य बड़े स्तर का है। इसके चलते इतना समय लग रहा है। अब सोमवार तक सॉफ्टवेयर अपडेट किए जाने के बाद कार्य सुचारु रूप से होने लगेगा।
क्या करें ठप पड़ा है पूरा कार्य : परमिंद्र सिंह
नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह का कहना है कि यह तकनीकी अड़चन है। तकनीकी विभाग ही इसे दुरुस्त कर रहा है। पिछले करीब 25 दिनों से सभी प्रकार के इंतकाल कार्य ठप पड़े हुए हैं। हर रोज थानेसर तहसील में ही करीब 50 इंतकाल सामान्य रूप से होते थे। अब बताया जा रहा है कि अगले तीन-चार दिन में यह कार्य फिर से शुरू हो जाएगा।
इन जिलों में भी प्रभावित हो रहा इंतकाल कार्य
डीआईओ विनोद सिंगला के अनुसार कुरुक्षेत्र के अलावा पंचकूला, करनाल, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, नूह, जींद, हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, कैथल जिलों में भी एक साथ सॉफ्टवेयर अपडेट के चलते इंतकाल कार्य प्रभावित हो रहे है। यहां लोगों को मायूसी के साथ बिना इंतकाल कराए लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि यह जिले पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किए गए हैं।
10 दिनों से लगातार आ रज्ञ्हे, नहीं हो पाया इंतकाल : जगतार
गांव ज्योतिसर निवासी जगतार राणा का कहना है कि वे अपनी पारिवारिक जमीन के इंतकाल के चलते पिछले 10 दिनों से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। आज तक इंतकाल नहीं हो पाया है। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों से भी जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है।