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टेंडर हासिल करने के लिये फर्जी दस्तावेजों का खेल
Updated Thu, 16 Nov 2017 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2017 में चीन के कैमरे लगाने वाली फर्म में टेंडर भरते समय फर्जी दस्तावेजों को सहारा लिया है। हद की बात यह है कि टेंडर एजेंसियों ने आंखें मूंद कर यह टेंडर उस कंपनी को दे दिए। इसमें ना केवल फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया, बल्कि कई अन्य नियमों को ठेंगा दिखाकर यह टेंडर हासिल किया है। बता दें कि जिस कंपनी को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सीसीटीवी कैमरे लगाने का जिम्मा दिया गया है, नियमानुुसार वह कंपनी तीन साल पुरानी होनी चाहिये। वास्तविकता यह है कि इस कंपनी ने टेंडर भरते समय नियमानुसार अपनी फर्म को 12 जून 2011 को पंजीकृत दिखाया है, जबकि सरकारी साइट टीन सर्च डॉट इन पर ऑन लाइन उपलब्ध रिकार्ड में यह फर्म प्राइम कंप्यूटर, मेन बाजार मंडी आदमपुर हिसार के नाम से 13 फरवरी 2015 को रजिस्टर्ड है। टेंडर भरते समय प्राइम कंप्यूटर कंपनी के संचालक ने साफ लिखा था कि मेला क्षेत्र की 150 लोकेशन पर लगाए जाने वाले 150 सीसीटीवी कैमरे पैनासोनिक कंपनी के होंगे। लेकिन, प्राइम कंप्यूटर कंपनी ने इस शर्त को पूरा करने की बजाय चीन के नेक्सस कंपनी के कैमरे लगा दिए। बता दें कि कंपनी ने शर्तों में यह भी साफ लिखा है कि यह कैमरे पांच नवंबर 2017 से सेवाओं में होंगे, लेकिन अब तक इनमें से 10 कैमरे में भी चालू नहीं है। गौरतलब है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम केयू थाने में स्थापित किया जाना था, लेकिन यहां यह कंट्रोल रूम अब तक स्थापित नहीं हुआ है। इसकी पुष्टि केयू थाना के प्रभारी रमेश कुमार ने भी की है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही सीसीटीवी कंपनी के कुछ प्रतिनिधि थाने में कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए जगह की डिमांड करने आए थे। उन्होंने थाने में जगह दिखा दी है। केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा ने कहा कि यह मामला अभी संज्ञान में आया है। इसकी जांच होगी। जांच में यदि तथ्य सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
अब तक नहीं बना कंट्रोल रूम, तो कहां चल रहे हैं कैमरे
टेंडर की शतों के अनुुसार कंट्रोल रूम पांच नवंबर 2017 तक स्थापित होना चाहिये था। जाहिर है कि कंट्रोल रूम के बिना सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय रहेंगे। खुद केयू थाना के प्रभारी इस बात की पुष्टि करते हैं कि 14 नवंबर को सीसीटीवी कैमरे लगाने वाली एजेंसी के नुमाइंदे थाने में कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए जगह देखने आए थे। यानी साफ है कि अभी तक कंट्रोल रूम के लिए सिर्फ जगह देखी जा रही है। जबकि, एजेंसी के नियमानुसार 10 दिन बीत चुके हैं।
इन पांच कंपनियों ने भरा था टेंडर
प्राइम कंप्यूटर
फाल्को नेट
आरके नेट
हरियाणा टेल
पांचवें डाक्यूमेंट पूरे नहीं थे
बाक्स
बोर्ड बैठक न होने का इन मामलों में दिख रहा असर
टेंडर प्रक्रिया में आरोप-प्रत्यारोप-आगाज से एक दिन पहले तक क्राफ्ट बाजार में चल रही ही रिपेयर-क्राफ्टपर्सन पहुंचे। लेकिन, स्टॉलों के आगे बिखरा मलबा, पत्थर और रेत, एक दिन पहले भी पूरा नहीं हुआ ब्रांडिंग का काम, महोत्सव के प्रबंधों में सरकारी और गैर सरकारी सदस्यों में रायशुमारी का अभाव स्पष्ट दिख रहा है।
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केडीबी के दफ्तर में भी चीन का माल
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के करीब चार किलोमीटर में प्राइवेट एजेंसी द्वारा लगाए गए चीन के करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के अलावा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यालय के मेन गेट पर स्थापित की जा रही फोटो गैलरी में भी चीन के कैमरे लगा दिए गए हैं। गौरतलब है कि केडीबी के अधिकारी ने इन कैमरों का डिब्बा देखने के बाद एतराज जताया था, लेकिन उनकी बात को नजरंदाज कर दिया गया। गौरतलब है कि प्रबंधकों ने मेला क्षेत्र से जुड़ी तमाम व्यवस्था में उपयोगी सामान और मेले में चीन सहित विदेशी सामान की बिक्री ना करने की हिदायत दी हुई है।
क्राफ्ट मेले में घूम रही हैं पत्थरों से भरी ट्रालियां
क्राफ्ट मेले में आज कई राज्य के क्राफ्ट पर्सन पहुंच चुके हैं। इनमें से राजस्थान के भगीरथ, हैदराबाद के सुरेश, आजमगढ़ के शकील अहमद, बिहार भागलपुर से क्यूब अंसारी, बनारस से इतिहास मोहम्मद, दिल्ली से अहमद अली, नैनीताल से राजदा आदि स्टाल लगाने के लिये यहां पहुंच चुके हैं। हालांकि, क्राफ्ट मेले से एक दिन पहले जिस तरह के हालात ब्रह्मसरोवर पर दिखे। उससे इनमें बेचैनी साफ झलकी। मेला क्षेत्र में अभी भी पत्थरों से भरी ट्रालियां और अन्य निर्माण सामग्री की ढुलाई जारी है।
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कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2017 में चीन के कैमरे लगाने वाली फर्म में टेंडर भरते समय फर्जी दस्तावेजों को सहारा लिया है। हद की बात यह है कि टेंडर एजेंसियों ने आंखें मूंद कर यह टेंडर उस कंपनी को दे दिए। इसमें ना केवल फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया, बल्कि कई अन्य नियमों को ठेंगा दिखाकर यह टेंडर हासिल किया है। बता दें कि जिस कंपनी को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सीसीटीवी कैमरे लगाने का जिम्मा दिया गया है, नियमानुुसार वह कंपनी तीन साल पुरानी होनी चाहिये। वास्तविकता यह है कि इस कंपनी ने टेंडर भरते समय नियमानुसार अपनी फर्म को 12 जून 2011 को पंजीकृत दिखाया है, जबकि सरकारी साइट टीन सर्च डॉट इन पर ऑन लाइन उपलब्ध रिकार्ड में यह फर्म प्राइम कंप्यूटर, मेन बाजार मंडी आदमपुर हिसार के नाम से 13 फरवरी 2015 को रजिस्टर्ड है। टेंडर भरते समय प्राइम कंप्यूटर कंपनी के संचालक ने साफ लिखा था कि मेला क्षेत्र की 150 लोकेशन पर लगाए जाने वाले 150 सीसीटीवी कैमरे पैनासोनिक कंपनी के होंगे। लेकिन, प्राइम कंप्यूटर कंपनी ने इस शर्त को पूरा करने की बजाय चीन के नेक्सस कंपनी के कैमरे लगा दिए। बता दें कि कंपनी ने शर्तों में यह भी साफ लिखा है कि यह कैमरे पांच नवंबर 2017 से सेवाओं में होंगे, लेकिन अब तक इनमें से 10 कैमरे में भी चालू नहीं है। गौरतलब है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम केयू थाने में स्थापित किया जाना था, लेकिन यहां यह कंट्रोल रूम अब तक स्थापित नहीं हुआ है। इसकी पुष्टि केयू थाना के प्रभारी रमेश कुमार ने भी की है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही सीसीटीवी कंपनी के कुछ प्रतिनिधि थाने में कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए जगह की डिमांड करने आए थे। उन्होंने थाने में जगह दिखा दी है। केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा ने कहा कि यह मामला अभी संज्ञान में आया है। इसकी जांच होगी। जांच में यदि तथ्य सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
अब तक नहीं बना कंट्रोल रूम, तो कहां चल रहे हैं कैमरे
टेंडर की शतों के अनुुसार कंट्रोल रूम पांच नवंबर 2017 तक स्थापित होना चाहिये था। जाहिर है कि कंट्रोल रूम के बिना सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय रहेंगे। खुद केयू थाना के प्रभारी इस बात की पुष्टि करते हैं कि 14 नवंबर को सीसीटीवी कैमरे लगाने वाली एजेंसी के नुमाइंदे थाने में कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए जगह देखने आए थे। यानी साफ है कि अभी तक कंट्रोल रूम के लिए सिर्फ जगह देखी जा रही है। जबकि, एजेंसी के नियमानुसार 10 दिन बीत चुके हैं।
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इन पांच कंपनियों ने भरा था टेंडर
प्राइम कंप्यूटर
फाल्को नेट
आरके नेट
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पांचवें डाक्यूमेंट पूरे नहीं थे
बाक्स
बोर्ड बैठक न होने का इन मामलों में दिख रहा असर
टेंडर प्रक्रिया में आरोप-प्रत्यारोप-आगाज से एक दिन पहले तक क्राफ्ट बाजार में चल रही ही रिपेयर-क्राफ्टपर्सन पहुंचे। लेकिन, स्टॉलों के आगे बिखरा मलबा, पत्थर और रेत, एक दिन पहले भी पूरा नहीं हुआ ब्रांडिंग का काम, महोत्सव के प्रबंधों में सरकारी और गैर सरकारी सदस्यों में रायशुमारी का अभाव स्पष्ट दिख रहा है।
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केडीबी के दफ्तर में भी चीन का माल
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के करीब चार किलोमीटर में प्राइवेट एजेंसी द्वारा लगाए गए चीन के करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के अलावा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यालय के मेन गेट पर स्थापित की जा रही फोटो गैलरी में भी चीन के कैमरे लगा दिए गए हैं। गौरतलब है कि केडीबी के अधिकारी ने इन कैमरों का डिब्बा देखने के बाद एतराज जताया था, लेकिन उनकी बात को नजरंदाज कर दिया गया। गौरतलब है कि प्रबंधकों ने मेला क्षेत्र से जुड़ी तमाम व्यवस्था में उपयोगी सामान और मेले में चीन सहित विदेशी सामान की बिक्री ना करने की हिदायत दी हुई है।
क्राफ्ट मेले में घूम रही हैं पत्थरों से भरी ट्रालियां
क्राफ्ट मेले में आज कई राज्य के क्राफ्ट पर्सन पहुंच चुके हैं। इनमें से राजस्थान के भगीरथ, हैदराबाद के सुरेश, आजमगढ़ के शकील अहमद, बिहार भागलपुर से क्यूब अंसारी, बनारस से इतिहास मोहम्मद, दिल्ली से अहमद अली, नैनीताल से राजदा आदि स्टाल लगाने के लिये यहां पहुंच चुके हैं। हालांकि, क्राफ्ट मेले से एक दिन पहले जिस तरह के हालात ब्रह्मसरोवर पर दिखे। उससे इनमें बेचैनी साफ झलकी। मेला क्षेत्र में अभी भी पत्थरों से भरी ट्रालियां और अन्य निर्माण सामग्री की ढुलाई जारी है।