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मोबाइल रुई पिंजा की मशीने बंद करवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन
Updated Thu, 12 Oct 2017 12:39 AM IST
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मोबाइल रुई पिंजा की मशीनें बंद करवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में चल रहे अवैध मोबाइल रुई पिंजा की मशीनों को बंद करवाने को लेकर बुधवार को रुई पिंजा दुकानदारों ने सुप्रीडेंट को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। दीप चन्द ने बताया कि वे लोग पिछले कई सालों से रुई की पिनाई का काम कर रहे हैं। बाकायदा इस काम के लिए उन्हें सरकार से लाइसेंस भी प्राप्त है। इसके अलावा वे लोग सरकार को बिजली का बिल और अन्य कर भी चुकाते है, लेकिन पिछले कुछ सालों से कुछ बाहरी लोग गांव तथा शहर में अवैध रुई पिंजे की मशीन से काम रहे है। जिससे स्थानीय दुकानदारों का कामकाज ठप हो चुका है और उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन मोबाइल रुई पिंजा चलाने वालों के पास किसी तरह का कोई लाईसेंस भी नहीं है और न ही ये सरकार को किसी तरह का टैक्स दे रहे है। इसके अलावा मोबाइल पिंजा चलाने वाले लोग पिंजा चलाने के लिए जो वाहन प्रयोग कर रहे है, वह भी अवैध है। इन वाहनों को कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है। प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इन अवैध मोबाइल पिंजा की मशीनों पर रोक लगाई जाए और इनके अवैध वाहनों को जब्त किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में चल रहे अवैध मोबाइल रुई पिंजा की मशीनों को बंद करवाने को लेकर बुधवार को रुई पिंजा दुकानदारों ने सुप्रीडेंट को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। दीप चन्द ने बताया कि वे लोग पिछले कई सालों से रुई की पिनाई का काम कर रहे हैं। बाकायदा इस काम के लिए उन्हें सरकार से लाइसेंस भी प्राप्त है। इसके अलावा वे लोग सरकार को बिजली का बिल और अन्य कर भी चुकाते है, लेकिन पिछले कुछ सालों से कुछ बाहरी लोग गांव तथा शहर में अवैध रुई पिंजे की मशीन से काम रहे है। जिससे स्थानीय दुकानदारों का कामकाज ठप हो चुका है और उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन मोबाइल रुई पिंजा चलाने वालों के पास किसी तरह का कोई लाईसेंस भी नहीं है और न ही ये सरकार को किसी तरह का टैक्स दे रहे है। इसके अलावा मोबाइल पिंजा चलाने वाले लोग पिंजा चलाने के लिए जो वाहन प्रयोग कर रहे है, वह भी अवैध है। इन वाहनों को कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है। प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इन अवैध मोबाइल पिंजा की मशीनों पर रोक लगाई जाए और इनके अवैध वाहनों को जब्त किया जाए।