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गृह मंत्रालय की टीम ने किया गुरुकुल के जैविक कृषि फार्म का मुआयना
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:11 PM IST
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कुरुक्षेत्र। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की टीम शनिवार को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के ‘जीरो बजट प्राकृतिक कृषि’ पर आधारित जैविक कृषि फार्म एवं अत्याधुनिक गोशाला को देखने गुरुकुल पहुंची।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह एवं डॉ. वजीर सिंह ने गृह मंत्रालय की इस टीम को केंचुआ खाद निर्माण केंद्र, जीवामृत, घनजीवामृत निर्माण केंद्र, गोशाला में मिल्क पार्लर, एसी शेड, गोमाता तरणताल सहित अश्वशाला व नंदीघर का मुआयना करवाया और पूरी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। टीम में आए सभी कृषि वैज्ञानिकों ने गोशाला की देसी नस्ल की गऊ और उनकी दुग्ध-क्षमता की सराहना की। इसके पश्चात टीम ने गुरुकुल के जैविक कृषि फार्म का भी मुआयना किया और यहां पर फसलों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र द्वारा पिछले 12 वर्षो से 180 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि की जा रही है, जिससे न केवल अच्छा उत्पादन प्राप्त होता है, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक कृषि को छोड़कर जहरमुक्त जैविक कृषि अपनाने का आह्वान किया है। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी व सह-प्राचार्य शमशेर सिंह ने एडीजी डॉ. एस भास्कर, एडीजी डॉ. शिव प्रसाद कीमोथी, डॉ. एएस पंवार, डॉ. एन. रविशंकर, डॉ. देबाशीष दत्ता, डॉ. सीएस औलख सहित टीम में शामिल सभी सदस्यों का स्वागत किया।
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गुरुकुल कुरुक्षेत्र के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह एवं डॉ. वजीर सिंह ने गृह मंत्रालय की इस टीम को केंचुआ खाद निर्माण केंद्र, जीवामृत, घनजीवामृत निर्माण केंद्र, गोशाला में मिल्क पार्लर, एसी शेड, गोमाता तरणताल सहित अश्वशाला व नंदीघर का मुआयना करवाया और पूरी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। टीम में आए सभी कृषि वैज्ञानिकों ने गोशाला की देसी नस्ल की गऊ और उनकी दुग्ध-क्षमता की सराहना की। इसके पश्चात टीम ने गुरुकुल के जैविक कृषि फार्म का भी मुआयना किया और यहां पर फसलों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र द्वारा पिछले 12 वर्षो से 180 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि की जा रही है, जिससे न केवल अच्छा उत्पादन प्राप्त होता है, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक कृषि को छोड़कर जहरमुक्त जैविक कृषि अपनाने का आह्वान किया है। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी व सह-प्राचार्य शमशेर सिंह ने एडीजी डॉ. एस भास्कर, एडीजी डॉ. शिव प्रसाद कीमोथी, डॉ. एएस पंवार, डॉ. एन. रविशंकर, डॉ. देबाशीष दत्ता, डॉ. सीएस औलख सहित टीम में शामिल सभी सदस्यों का स्वागत किया।
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