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Kurukshetra News: दिल्ली प्रवेश पर टैक्स बढ़ाने के विरोध में 250 ट्रकों के पहिए थमे
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कुरुक्षेत्र।हड़ताल के दौरान थीम पार्क में खड़ा ट्रक। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिले में ट्रांसपोर्टरों ने वीरवार को ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर कांग्रेस के आह्वान पर ग्रीन टैक्स में बढ़ोतरी, बढ़े डीजल पेट्रोल के दाम और बीएस-4 वाहनों की दिल्ली में रोक का विरोध करते हुए करीब 250 ट्रकों का चक्का जाम कर दिया। इससे ट्रक मालिकों को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। साथ ही दिल्ली से आने वाले फल, सब्जी सहित अन्य खाद्य पदार्थों की आपूर्ति थम गई। इससे शुक्रवार और शनिवार को सब्जी मंडी में सब्जियों के रेट बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं कुछ फेरी वालों ने वीरवार को भी हर सब्जी 10 रुपये से लेकर 15 रुपये तक महंगी बेची।
सब्जी मंडी में कई आढ़तियों ने बताया कि वीरवार दोपहर तक दिल्ली से सब्जी लेकर आने वाले ट्रक पहुंचे नहीं हैं। वहीं जिले में उगाई जाने वाली सब्जी खरीद तो ली है परंतु आजादपुर मंडी में दूसरे आढ़ती के पास पहुंचाई नहीं जा सकी। ऐसे में यहां के आढ़तियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
जिले में किराने का सामान भी दिल्ली से कई दुकानों पर आना था, जो शाम तक भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में दुकानदारों को चिंता सताने लगी है कि ग्राहकों को खाली हाथ कैसे मोड़ेंगे।
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ट्रासंपोर्टर विजय कुमार ने बताया कि दिल्ली में एमसीडी की ओर से 5200 रुपये तक ग्रीन टैक्स के रूप में वसूल किए जाने लगे हैं जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21 से 23 मई तक होने वाले चक्का जाम के दौरान जिले के करीब सभी ट्रक चालक अपने ट्रकों का चक्का जाम रखेंगे। इसका सीधा असर आजादपुर, गाजीपुर और केशोपुर मंडी आने वाले सामानों पर भी पड़ेगा।
साथ ही जिले से बाहर जाने वाली सब्जी व रोजमर्रा के सामान के साथ अन्य सामान पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट संगठनों ने पर्यावरण क्षति पूर्ति शुल्क यानी ईसीसी में बढ़ोतरी, बीएस-6 वाहनों पर भी ईसीसी लागू किए जाने और 1 नवंबर से बीएस-4 वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि जिले में दिल्ली से रोजाना सैकड़ों ट्रक जरूरी सामान लेकर पहुंचते हैं या फिर यहां से सामान दिल्ली पहुंचाते हैं। दुकानदारों के पास सीमित स्टॉक रखने की क्षमता होती है। ऐसे में आपूर्ति बाधित होने पर बाजार को सामान्य स्थिति में लौटने में कई दिन लग सकते हैं।
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सब्जी मंडी में कई आढ़तियों ने बताया कि वीरवार दोपहर तक दिल्ली से सब्जी लेकर आने वाले ट्रक पहुंचे नहीं हैं। वहीं जिले में उगाई जाने वाली सब्जी खरीद तो ली है परंतु आजादपुर मंडी में दूसरे आढ़ती के पास पहुंचाई नहीं जा सकी। ऐसे में यहां के आढ़तियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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जिले में किराने का सामान भी दिल्ली से कई दुकानों पर आना था, जो शाम तक भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में दुकानदारों को चिंता सताने लगी है कि ग्राहकों को खाली हाथ कैसे मोड़ेंगे।
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ट्रासंपोर्टर विजय कुमार ने बताया कि दिल्ली में एमसीडी की ओर से 5200 रुपये तक ग्रीन टैक्स के रूप में वसूल किए जाने लगे हैं जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21 से 23 मई तक होने वाले चक्का जाम के दौरान जिले के करीब सभी ट्रक चालक अपने ट्रकों का चक्का जाम रखेंगे। इसका सीधा असर आजादपुर, गाजीपुर और केशोपुर मंडी आने वाले सामानों पर भी पड़ेगा।
साथ ही जिले से बाहर जाने वाली सब्जी व रोजमर्रा के सामान के साथ अन्य सामान पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट संगठनों ने पर्यावरण क्षति पूर्ति शुल्क यानी ईसीसी में बढ़ोतरी, बीएस-6 वाहनों पर भी ईसीसी लागू किए जाने और 1 नवंबर से बीएस-4 वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि जिले में दिल्ली से रोजाना सैकड़ों ट्रक जरूरी सामान लेकर पहुंचते हैं या फिर यहां से सामान दिल्ली पहुंचाते हैं। दुकानदारों के पास सीमित स्टॉक रखने की क्षमता होती है। ऐसे में आपूर्ति बाधित होने पर बाजार को सामान्य स्थिति में लौटने में कई दिन लग सकते हैं।

कुरुक्षेत्र।हड़ताल के दौरान थीम पार्क में खड़ा ट्रक। संवाद