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पहले 250 करोड़ का भुगतान करों, तब शुरू करेंगे अगली कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Mon, 26 Sep 2016 12:49 AM IST
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पहले 250 करोड़ का भुगतान करों, तब शुरू करेंगे अगली कार्रवाई
- फोटो : Amar Ujala
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सरकार पहले पिछला बकाया लगभग 250 करोड़ का भुगतान करें, तभी इस सीजन के लिए अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी। सरकार ने यह भुगतान नहीं किया तो कोई भी राइस मिलर नया एग्रीमेंट नहीं करेगा। यह एलान हरियाणा राइस मिर्ल्स एसोसिएशन ने किया। एक निजी होटल में एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष हंसराज सिंगला ने की।
बैठक में राइस मिर्ल्स को आ रही परेशानियों पर खुलकर चर्चा की गई तो वहीं सरकार की वर्तमान नीतियों की भी कड़ी निंदा की। बैठक के बाद विचार-विमर्श कर निर्णय लिया कि सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करेगी तो वह नए सीजन में धान लेने के लिए एग्रीमेंट नहीं करेंगे। भले ही उन्हें अपने मिल बंद क्यों न करने पड़े। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हंसराज सिंगला ने बताया कि मिल्र्स का पिछले 2 वर्षों का बारदाना, किराया, डेप्रिसेशन, ट्रांस्पोर्टेशन का लगभग 250 करोड़ बकाया पड़ा हुआ है। जिसकी मांग के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है।
लगभग 15 दिनों पहले भी प्रदेश के खाद्य एवं पूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज से भी गुहार लगाई और उन्होंने एक सप्ताह में भुगतान करवाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद आज तक यह भुगतान जारी नहीं हो सका। इस दौरान मक्खन लाल सिंगला,राजीव सभरवाल, अशोक खुराना, राकेश शाहबाद, प्रमोद धवन, सुरेेश जिंदल फतेहाबाद, राजेश बाबैन, जयपाल जैन सहित सैकड़ों मिर्ल्स उपस्थित रहे।
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एसोसिएशन से बागी हुए मिर्ल्स पर उखड़े
राइस मिर्ल्स एसोसिएशन के 927 सदस्यों में से दर्जन भर के करीब सदस्य बागी होने लगे है। जिसका खुलासा एसोसिएशन प्रधान ने मंच से ही किया। उन पर लगाम लगाने की मांग को लेकर कई मिर्ल्स उखड़ गए और काफी देर तक चर्चा होती रही। बाद में वर्तमान मुद्दे पर विचार किया गया और सभी मिर्ल्स ने हाथ खड़े कर लिए गए निर्णय पर खरा उतरने का आश्वासन दिया।
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बैठक में राइस मिर्ल्स को आ रही परेशानियों पर खुलकर चर्चा की गई तो वहीं सरकार की वर्तमान नीतियों की भी कड़ी निंदा की। बैठक के बाद विचार-विमर्श कर निर्णय लिया कि सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करेगी तो वह नए सीजन में धान लेने के लिए एग्रीमेंट नहीं करेंगे। भले ही उन्हें अपने मिल बंद क्यों न करने पड़े। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हंसराज सिंगला ने बताया कि मिल्र्स का पिछले 2 वर्षों का बारदाना, किराया, डेप्रिसेशन, ट्रांस्पोर्टेशन का लगभग 250 करोड़ बकाया पड़ा हुआ है। जिसकी मांग के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है।
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लगभग 15 दिनों पहले भी प्रदेश के खाद्य एवं पूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज से भी गुहार लगाई और उन्होंने एक सप्ताह में भुगतान करवाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद आज तक यह भुगतान जारी नहीं हो सका। इस दौरान मक्खन लाल सिंगला,राजीव सभरवाल, अशोक खुराना, राकेश शाहबाद, प्रमोद धवन, सुरेेश जिंदल फतेहाबाद, राजेश बाबैन, जयपाल जैन सहित सैकड़ों मिर्ल्स उपस्थित रहे।
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एसोसिएशन से बागी हुए मिर्ल्स पर उखड़े
राइस मिर्ल्स एसोसिएशन के 927 सदस्यों में से दर्जन भर के करीब सदस्य बागी होने लगे है। जिसका खुलासा एसोसिएशन प्रधान ने मंच से ही किया। उन पर लगाम लगाने की मांग को लेकर कई मिर्ल्स उखड़ गए और काफी देर तक चर्चा होती रही। बाद में वर्तमान मुद्दे पर विचार किया गया और सभी मिर्ल्स ने हाथ खड़े कर लिए गए निर्णय पर खरा उतरने का आश्वासन दिया।