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Kurukshetra News: मारकंडा नदी में पहुंचा 23 हजार 846 क्यूसेक पानी, दर्जनों गांवों पर बना खतरा
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शाहाबाद। गांव कठवा में घुसा पानी।
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। शनिवार से जारी भारी बारिश का असर दिखाई पड़ने लगा है। जिले में 106 एमएम बारिश से जहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं वहीं अब नदियां भी उफान पर पहुंचने लगी हैं। पहाड़ों में हुई भारी बारिश के चलते मारकंडा नदी में सुबह के समय 18 हजार 370 क्यूसेक पानी पहुंचा था जो शाम 6:30 बजे तक बढ़कर 23 हजार 846 क्यूसेक पहुंच गया। नदी में जल स्तर बढ़ने से शाहाबाद के आसपास के गांवों में खतरा बन गया है तो वहीं सरस्वती नदी के आसपास बसे लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
डीसी शांतनु शर्मा को बारिश के बीच ही छाता लेकर सरस्वती के ओवरफ्लो होने की स्थिति का जायजा लेना पड़ा तो वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए हैं। शाहाबाद में मारकंडा नदी के गेज रीडर के मुताबिक चेतावनी बिंदु 1.60 मीटर है जबकि खतरा बिंदु दो मीटर है। जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और सुरक्षा व्यवस्था के पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। इस समय मारकंडा नदी के पानी ने गांव कठवा, कलसाना की सड़कों व खेतों में मार की है। मारकंडा काॅलोनी में भी पानी घुसा है। गेज रीडर रविंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शाम के समय मारकंडा नदी का जल स्तर बढ़कर 23 हजार 846 क्यूसेक पर पहुंच गया है।
उल्लेखनीय है कि मारकंडा नदी में मुलाना नदी से पानी आता है, क्योंकि यहां पर मारकंडा नदी, रुण नदी, वेघना नदी व साढौरा नदी आपस में मिलती हैं, जिससे पानी की क्यूसेक मात्रा बढ़ जाती है। नदी का यह पानी नदी के साथ लगते गांवों कठवा, गुमटी, मलिकपुर, मारकंडा काॅलोनी, कलसाना, मुगलमाजरा और डेरों पर मार करता है। इस समय भी यह पानी इन गांवों की हद पर पहुंच चुका है और खेतों में बह रहा है। इसके अलावा नदी के साथ स्थित गोशालाओं में भी पानी घुस गया है, जिसके चलते गोवंशों को ऊंचे स्थान पर बांधा गया है। वहीं मारकंडा काॅलोनी में अलर्ट जारी किया गया है और पानी बढ़ने की स्थिति में मारकंडा काॅलोनी के परिवार मारकंडेश्वर मंदिर में आश्रय लेंगे। नदी के पानी की मार बाजीगर काॅलोनी में भी हुई है और जिस कारण वहां के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है। कठवा गांव के पूर्व सरपंच अमरिंद्र सिंह के मुताबिक हर वर्ष नदी के पानी की मार साथ लगते गांवों में रहती है और लोगों का नुकसान होता है, लेकिन प्रशासन की तरफ से इस नुकसान को बचाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किया जाता।
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एसडीएम ने किया दौरा
शाहाबाद एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने मारकंडा नदी में जलस्तर बढ़ने का जायजा लिया तो वहीं अनाजमंडी के पीछे बनी कॉलोनी के घरों में पानी पहुंच गया। वहां पर नाका कटवाकर पानी की निकासी शुरू करवाई। वहीं तहसीलदार अशोक मदान ने कहा कि प्रशासन के पास सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध हैं और नदी के साथ लगते ग्रामीणों को भी अपने स्तर पर अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
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डीसी शांतनु शर्मा को बारिश के बीच ही छाता लेकर सरस्वती के ओवरफ्लो होने की स्थिति का जायजा लेना पड़ा तो वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए हैं। शाहाबाद में मारकंडा नदी के गेज रीडर के मुताबिक चेतावनी बिंदु 1.60 मीटर है जबकि खतरा बिंदु दो मीटर है। जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और सुरक्षा व्यवस्था के पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। इस समय मारकंडा नदी के पानी ने गांव कठवा, कलसाना की सड़कों व खेतों में मार की है। मारकंडा काॅलोनी में भी पानी घुसा है। गेज रीडर रविंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शाम के समय मारकंडा नदी का जल स्तर बढ़कर 23 हजार 846 क्यूसेक पर पहुंच गया है।
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उल्लेखनीय है कि मारकंडा नदी में मुलाना नदी से पानी आता है, क्योंकि यहां पर मारकंडा नदी, रुण नदी, वेघना नदी व साढौरा नदी आपस में मिलती हैं, जिससे पानी की क्यूसेक मात्रा बढ़ जाती है। नदी का यह पानी नदी के साथ लगते गांवों कठवा, गुमटी, मलिकपुर, मारकंडा काॅलोनी, कलसाना, मुगलमाजरा और डेरों पर मार करता है। इस समय भी यह पानी इन गांवों की हद पर पहुंच चुका है और खेतों में बह रहा है। इसके अलावा नदी के साथ स्थित गोशालाओं में भी पानी घुस गया है, जिसके चलते गोवंशों को ऊंचे स्थान पर बांधा गया है। वहीं मारकंडा काॅलोनी में अलर्ट जारी किया गया है और पानी बढ़ने की स्थिति में मारकंडा काॅलोनी के परिवार मारकंडेश्वर मंदिर में आश्रय लेंगे। नदी के पानी की मार बाजीगर काॅलोनी में भी हुई है और जिस कारण वहां के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है। कठवा गांव के पूर्व सरपंच अमरिंद्र सिंह के मुताबिक हर वर्ष नदी के पानी की मार साथ लगते गांवों में रहती है और लोगों का नुकसान होता है, लेकिन प्रशासन की तरफ से इस नुकसान को बचाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किया जाता।
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एसडीएम ने किया दौरा
शाहाबाद एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने मारकंडा नदी में जलस्तर बढ़ने का जायजा लिया तो वहीं अनाजमंडी के पीछे बनी कॉलोनी के घरों में पानी पहुंच गया। वहां पर नाका कटवाकर पानी की निकासी शुरू करवाई। वहीं तहसीलदार अशोक मदान ने कहा कि प्रशासन के पास सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध हैं और नदी के साथ लगते ग्रामीणों को भी अपने स्तर पर अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।