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कड़ाके की सर्दी पडने लगी तो ढांपे जाने लगे वन्य जीवों के पिंजरे
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कुरुक्षेत्र। पिपली चिड़ियाघर में वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है, इसका अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि करीब दो माह पहले शुरू हुई सर्दी से वन्य जीवों को बचाने के लिए अब प्रबंध किए जाने लगे हैं। कड़ाके की सर्दी से बेहाल होने लगे वन्य जीवों के सिर पर अब तिरपाल ढांपी जाने लगी हैं जबकि इनकी सुरक्षा को लेकर बार बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं तो वहीं चिड़ियाघर के रखरखाव को लेकर लाखों रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं। यह कथित तौर पर बरती जाने वाली लापरवाही ही है कि मौसम के अनुसार चिड़ियाघर प्रशासन वन्य जीवों को बचाने के लिए समय रहते उचित प्रबंध नहीं कर पाया है। हालांकि नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में ही सर्दी महसूस होने लगती है तो वहीं दिसंबर माह के अंत में यह चरम पर पहुंचने लगती है। अब जनवरी माह शुरू हो चुका है तो वन्य जीवों को सर्दी से बचाने के प्रयास किए जाने लगे हैं जबकि पिछले करीब 20 दिनों से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। बता दें कि नवीनीकरण किए जाने के बाद 13 अप्रैल 2016 को वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरवीर सिंह ने इसका उद्घाटन किया था। उन्होंने भी उस समय यहां वन्य जीवों की व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे। जानकारों की माने तो सर्दी के मौसम में सबसे अधिक असर पक्षियों पर पड़ता है तो वहीं बंदर, सांभर व जकाल भी सर्दी के मौसम में परेशान हो जाते हैं।
कड़ाके की सर्दी से बेहाल हो रहे वन्य जीव : पर्यटक
चिड़ियाघर का नजारा देखकर लौटे पर्यटक चरणजीत सिंह, अशोक कुमार, राजेश व सुभाष चंद आदि ने बताया कि हालांकि यहां वन्य जीवों को लेकर कुछ प्रबंध किए हैं, लेकिन कड़ाके की सर्दी के चलते वन्य जीव बेहाल हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से अब उन्हें इतनी सर्दी से बचाने के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं, जो पहले समय रहते किए जाने चाहिए थे।
ये हैं चिड़ियाघर में वन्य जीव
- 2 लॉयन( गीता व साक्षी) , 2 पेंथर, 1 हाईना (लकड़बग्गा), 6 जकाल (गीदड़), 4 घड़ियाल, 6 मगरमच्छ, 2 सांभर, 2 हिप्पो, 5 बंदर (लंगूर), विभिन्न प्रजातियों के 26 पक्षी (मोर, चिड़ियां, तोते, मुर्गे आदि)
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सर्दी बढ़ने पर ही प्रबंध करने की पड़ी है जरूरत : तेजवीर सिंह
चिड़ियाघर के डिप्टी इंस्पेक्टर तेजवीर सिंह का कहना है कि पहले कम सर्दी थी, जिसमें इतने अधिक प्रबंध की जरूरत नहीं थी। अब सर्दी बढ़ी तो प्रबंध बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि वन्य जीवों को सर्दी से परेशानी न हो। इससे पहले मौसम अनुसार वन्य जीवों के लिए हीटर, चिक, झोपड़ी आदि की व्यवस्था की हुई थी। ठंड बढ़ने से पहले ही व्यवस्था किए जाने को लेकर वे कोई जवाब नहीं दे पाए, लेकिन उन्होंने दावा किया कि यहां वन्य जीवों की सुरक्षा पूरी गंभीरता से की जा रही है।
कड़ाके की सर्दी से बेहाल हो रहे वन्य जीव : पर्यटक
चिड़ियाघर का नजारा देखकर लौटे पर्यटक चरणजीत सिंह, अशोक कुमार, राजेश व सुभाष चंद आदि ने बताया कि हालांकि यहां वन्य जीवों को लेकर कुछ प्रबंध किए हैं, लेकिन कड़ाके की सर्दी के चलते वन्य जीव बेहाल हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से अब उन्हें इतनी सर्दी से बचाने के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं, जो पहले समय रहते किए जाने चाहिए थे।
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ये हैं चिड़ियाघर में वन्य जीव
- 2 लॉयन( गीता व साक्षी) , 2 पेंथर, 1 हाईना (लकड़बग्गा), 6 जकाल (गीदड़), 4 घड़ियाल, 6 मगरमच्छ, 2 सांभर, 2 हिप्पो, 5 बंदर (लंगूर), विभिन्न प्रजातियों के 26 पक्षी (मोर, चिड़ियां, तोते, मुर्गे आदि)
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सर्दी बढ़ने पर ही प्रबंध करने की पड़ी है जरूरत : तेजवीर सिंह
चिड़ियाघर के डिप्टी इंस्पेक्टर तेजवीर सिंह का कहना है कि पहले कम सर्दी थी, जिसमें इतने अधिक प्रबंध की जरूरत नहीं थी। अब सर्दी बढ़ी तो प्रबंध बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि वन्य जीवों को सर्दी से परेशानी न हो। इससे पहले मौसम अनुसार वन्य जीवों के लिए हीटर, चिक, झोपड़ी आदि की व्यवस्था की हुई थी। ठंड बढ़ने से पहले ही व्यवस्था किए जाने को लेकर वे कोई जवाब नहीं दे पाए, लेकिन उन्होंने दावा किया कि यहां वन्य जीवों की सुरक्षा पूरी गंभीरता से की जा रही है।