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्यक्ति निर्माण के लिए विश्वविद्यालयों में गुणवतापूर्ण उच्च शिक्षा जरूरी : सोलकी

Sat, 09 Jun 2018 12:30 AM IST
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:30 AM IST
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्यक्ति निर्माण के लिए विश्वविद्यालयों में गुणवतापूर्ण उच्च शिक्षा जरूरी : सोलकी
मानव निर्माण के लिए तीन एच फार्मूला हेड, हैंड और हार्ट को अपनाने की जरूरत : राज्यपाल
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। उच्च शिक्षा के माध्यम से ही मानव निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए विश्वविद्यालयों के साथ-साथ कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मुहैया करानी जरूरी है। इससे पहले सभी को खुद में अपनी श्रेष्ठता साबित करनी होगी। केवल राष्ट्रसेवा के लिए ही कार्य करने की सोच रखनी होगी। यह विचार राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने व्यक्त किए। वे शुक्रवार को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में केयू के सीनेट हॉल मे राज्य से अनुदान प्राप्त प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे।
इससे पहले राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा, जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, एमडीयू के कुलपति प्रो. विजेंद्र के पूनिया ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि राष्ट्र का मानव कैसा है। जिस समाज और राष्ट्र में मानव निर्माण पर ध्यान दिया जाता है वह समाज और राष्ट्र विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ता है, इसलिए 21वीं सदी के भारत का निर्माण कैसा होगा यह मानव निर्माण पर निर्भर होगा।
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राज्यपाल ने कहा कि नए भारत का निर्माण करने की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति को लेनी होगी। श्रेष्ठ भारत बनाने के लिए एक भारत बनाने की सोच को पैदा करना होगा। यह सोच शिक्षक विद्यार्थियों के माध्यम से ही तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में 60 शिक्षण संस्थाएं उच्च श्रेणी में शामिल की गई हैं। इसमें एक विश्वविद्यालय ओपी जिंदल हरियाणा से है। वर्तमान में प्रदेश में 50 विश्वविद्यालयों, जिनमें 22 निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं, जिसमें सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय की श्रेणी में केयू को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी को सेंटर ऑफ लिविंग, सेंटर ऑफ लाइवली हुड, सेंटर ऑफ लीडरशिप यानी तीन एल को फोकस रखकर काम करने की जरूरत है। इसके अलावा मानव निर्माण के लिए तीन एच का फार्मूला हेड, हैंड और हार्ट को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को भी सेवन सी के फार्मूले को अपनाने की जरूरत है। इसके लिए विश्वविद्यालयों को सेंटर ऑफ करेक्टर, सेंटर ऑफ कैलिबर, सेंटर ऑफ कैपासिटी, सेंटर ऑफ कंडक्ट, सेंटर ऑफ कांशियसनेस, सेंटर ऑफ कम्यूनिकेशन और सेंटर ऑफ कंसर्न को अपनाकर विद्यार्थी का विकास करना होगा।
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हरियाणा में ग्रास एनरोलमेंट रेशो बाकी राज्यों से बेहतर : कुठियाला
हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा ककि आज शिक्षा की विभिन्न प्रारूपों में व्याख्या की जा रही है। अभी हाल में ही उज्जैन के सम्मेलन में 3 शब्दों में शिक्षा को परिभाषित किया गया, जिसमें उद्देश्य, ज्ञान, जीविका और जीवन को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्ति के साथ-साथ युवा को अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए रोजगारोन्मुख शिक्षा दी जानी चाहिए। इससे युवा अपना रोजगार स्थापित करके अपने आपको सक्षम बना सकेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की स्थिति अन्य प्रांतों से बहुत बेहतर है। यहां ग्रास एनरोलमेंट रेशो भी देश के बाकी राज्यों से काफी बेहतर है। राज्य में यह रेशो 29 प्रतिशत है, लेकिन हरियाणा में अभी भी उच्च शिक्षा में और बेहतर किया जा सकता है।
शिक्षा, सुधार और संचालन से संबंधित विषयों पर विषय विशेषज्ञ दे रहे टिप्स
कार्यशाला में विश्वविद्यालयों से 6 श्रेणी के अधिकारियों को शिक्षा, सुधार और संचालन से संबंधित विषयों पर विषय विशेषज्ञ द्वारा टिप्स दिए जा रहे है, जबकि कार्यशाला के दौरान शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। केयू के कुलपति डॉ. केसी शर्मा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विश्वविद्यालयों में युवाओं को अच्छी शिक्षा और संस्कार दिए जाएं, ताकि वे प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकें। मंच संचालन उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. हेमंत वर्मा ने किया।

कार्यशाला में ये कुलपति व कुलसचिव रहे मौजूद
इस मौके पर विधायक डॉ. पवन सैनी, स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, सीडीएलयू सिरसा के कुलपति डॉ. विजय के कायत, दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी मुरथल के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत, चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी भिवानी के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, हरियाणा विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के कुलपति राज नेहरू, वाईएमसीए फरीदाबाद के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर की कुलपति प्रो. सुषमा यादव, केयू कुलसचिव डॉ. प्रवीण सैनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन शर्मा, भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति व कुलसचिव मौजूद थे।
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