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समाज को दहेज से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक विवाह जरूरी : बेदी
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:20 AM IST
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समाज को दहेज से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक विवाह जरूरी : बेदी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
मारकंडेश्वर मंदिर में मारकंडेश्वर जन्मोत्सव और शरद पूर्णिमा पर वीरवार को 18 सामूहिक विवाह हुए। समारोह में मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक और राज्यमंत्री कृष्ण बेदी थे। उन्होंने कहा कि समाज को दहेज से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक विवाह बेहद जरूरी है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब नेशनल बैंक के अंचल प्रबंधक अशोक कुमार दर्गन ने की। जोगिंद्र पाल जैन, अर्पित बिंदलस, राजेश चावला, राज सतीजा विशिष्ट अतिथि थे। सुप्रसिद्ध विद्वान पं. प्रहलाद मिश्र रामायणी ने वैदिक रीति से मांगलिक कार्य कराने की रस्म निभाई।
राज्यमंत्री ने कहा कि विवाह सामाजिक व्यवस्था का पवित्र और महत्वपूर्ण विधान है। लेकिन यह विधान ही अब बेटी वालों के लिए समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि विवाह में होने वाली फिजूल खर्ची को रोकने, समाज को दहेज के दानव से मुक्ति दिलाने और उसके कारण बहु-बेटियों की जान बचाने के लिए सामूहिक विवाहों का आयोजन अत्यंत जरूरी है। राज्यमंत्री ने मारकंडा मंदिर सभा को विकास कार्यों के लिए एक लाख 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही अनेक जरूरतमंदों को ट्राई साइकिलें, श्रवण यंत्र और व्हील चेयर भी वितरित कीं। मंदिर प्रधान राज ऋषि गंभीर ने बताया कि अब से पूर्व 47 सामूहिक विवाह आयोजित कर 1504 शादियां रचाई जा चुकी हैं। आज 48वां सामूहिक विवाह उत्सव था।
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
मारकंडेश्वर मंदिर में मारकंडेश्वर जन्मोत्सव और शरद पूर्णिमा पर वीरवार को 18 सामूहिक विवाह हुए। समारोह में मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक और राज्यमंत्री कृष्ण बेदी थे। उन्होंने कहा कि समाज को दहेज से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक विवाह बेहद जरूरी है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब नेशनल बैंक के अंचल प्रबंधक अशोक कुमार दर्गन ने की। जोगिंद्र पाल जैन, अर्पित बिंदलस, राजेश चावला, राज सतीजा विशिष्ट अतिथि थे। सुप्रसिद्ध विद्वान पं. प्रहलाद मिश्र रामायणी ने वैदिक रीति से मांगलिक कार्य कराने की रस्म निभाई।
राज्यमंत्री ने कहा कि विवाह सामाजिक व्यवस्था का पवित्र और महत्वपूर्ण विधान है। लेकिन यह विधान ही अब बेटी वालों के लिए समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि विवाह में होने वाली फिजूल खर्ची को रोकने, समाज को दहेज के दानव से मुक्ति दिलाने और उसके कारण बहु-बेटियों की जान बचाने के लिए सामूहिक विवाहों का आयोजन अत्यंत जरूरी है। राज्यमंत्री ने मारकंडा मंदिर सभा को विकास कार्यों के लिए एक लाख 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही अनेक जरूरतमंदों को ट्राई साइकिलें, श्रवण यंत्र और व्हील चेयर भी वितरित कीं। मंदिर प्रधान राज ऋषि गंभीर ने बताया कि अब से पूर्व 47 सामूहिक विवाह आयोजित कर 1504 शादियां रचाई जा चुकी हैं। आज 48वां सामूहिक विवाह उत्सव था।
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