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Kurukshetra News: कनाडा भेजने के नाम पर 20 लाख ठगे, तीन पर मामला दर्ज
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इस्माईलाबाद। कनाडा भेजने का झांसा देकर लगभग 20 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस्माईलाबाद निवासी पीड़ित धर्मपाल सैनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बेटे मान सिंह सैनी और बहू रितु रानी को इंग्लैंड या कनाडा भेजना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात नलवी निवासी अनुराग सैनी, अंकुश सैनी और वालिया ओवरसीज विकास नगर अंबाला शहर के संचालक एहसास वालिया से हुई। आरोपियों ने दोनों को विदेश भेजने का भरोसा दिलाते हुए 22 लाख रुपये की मांग की।
धर्मपाल उनके झांसे में आ गए और अपने बेटे-बहू के पासपोर्ट व दस्तावेज उन्हें सौंप दिए। 10 अगस्त 2022 को उन्होंने 5.30 लाख रुपये और 31 अगस्त को 4.50 लाख रुपये अनुराग सैनी के बैंक खाते में जमा कराए। कई महीनों तक जब वीजा प्रक्रिया पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली तो आरोपी केवल प्रक्रिया जारी होने का आश्वासन देते रहे। बाद में उन्होंने बिना किसी ठोस कारण के पीड़ित के बेटे के खाते में 50 हजार रुपये वापस भेजकर उन्हें दोबारा विश्वास में लेते हुए नई फाइल लगाने की बात कही।
जुलाई 2024 में आरोपी इस्माईलाबाद पहुंचे और बताया कि वीजा मंजूर हो गया है और शेष राशि जमा करवाने को कहा। इस पर धर्मपाल ने 11 जुलाई को पांच लाख रुपये और 1 अगस्त को पांच लाख रुपये और भेज दिए। इसके बाद भी आरोपी लगातार और रुपये की मांग करते रहे। कई किश्तों में कुल 19,96,900 रुपये दिए जाने के बावजूद कोई वीजा नहीं मिला। आरोपियों की ओर से दी गई कनाडा की पीपीआर की जांच कराने पर वह फर्जी पाई गई।
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जब पीड़ित ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने 7.50 लाख, एक लाख 20 हजार और चार लाख रुपये के तीन चेक दिए, जो बैंक में जमा कराने पर खाते में पर्याप्त रुपये न होने के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया और दस्तावेज लौटाने से इन्कार कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक गुरनाम सिंह ने बताया कि मामले की जांच एएसआई प्रदीप को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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धर्मपाल उनके झांसे में आ गए और अपने बेटे-बहू के पासपोर्ट व दस्तावेज उन्हें सौंप दिए। 10 अगस्त 2022 को उन्होंने 5.30 लाख रुपये और 31 अगस्त को 4.50 लाख रुपये अनुराग सैनी के बैंक खाते में जमा कराए। कई महीनों तक जब वीजा प्रक्रिया पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली तो आरोपी केवल प्रक्रिया जारी होने का आश्वासन देते रहे। बाद में उन्होंने बिना किसी ठोस कारण के पीड़ित के बेटे के खाते में 50 हजार रुपये वापस भेजकर उन्हें दोबारा विश्वास में लेते हुए नई फाइल लगाने की बात कही।
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जुलाई 2024 में आरोपी इस्माईलाबाद पहुंचे और बताया कि वीजा मंजूर हो गया है और शेष राशि जमा करवाने को कहा। इस पर धर्मपाल ने 11 जुलाई को पांच लाख रुपये और 1 अगस्त को पांच लाख रुपये और भेज दिए। इसके बाद भी आरोपी लगातार और रुपये की मांग करते रहे। कई किश्तों में कुल 19,96,900 रुपये दिए जाने के बावजूद कोई वीजा नहीं मिला। आरोपियों की ओर से दी गई कनाडा की पीपीआर की जांच कराने पर वह फर्जी पाई गई।
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जब पीड़ित ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने 7.50 लाख, एक लाख 20 हजार और चार लाख रुपये के तीन चेक दिए, जो बैंक में जमा कराने पर खाते में पर्याप्त रुपये न होने के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया और दस्तावेज लौटाने से इन्कार कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक गुरनाम सिंह ने बताया कि मामले की जांच एएसआई प्रदीप को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।