फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   19,684 out of 25,385 pending cases settled at the National Lok Adalat.

Kurukshetra News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 25385 लंबित मामलों में से 19684 का हुआ निपटारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:55 AM IST
विज्ञापन
19,684 out of 25,385 pending cases settled at the National Lok Adalat.
कुरुक्षेत्र। न्यायिक परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 25385 लंबित मामले रखे गए थे। इनमें से 19684 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। लोक अदालत में 8,69,61,252 रुपये की राशि के विभिन्न विवादों का समाधान हुआ। इनमें आपराधिक, एन आई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन, श्रम और राजस्व से संबंधित मामले शामिल थे।
विज्ञापन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीतिका भारद्वाज ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह लोक अदालत प्राधिकरण के निर्देशानुसार लगाई गई थी। इसका आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की देखरेख में हुआ। लोक अदालत में मामलों का निपटारा पक्षकारों की आपसी सहमति से होता है। इसमें किसी भी पक्षकार की जीत या हार नहीं होती है।
विज्ञापन


गठित बैंचों ने की सुनवाई
अधिक से अधिक मामलों के निपटान के लिए बैंचों का गठन किया गया था। ये बैंच जिला न्यायालय परिसर कुरुक्षेत्र, उपमंडल पिहोवा और शाहबाद में गठित की गईं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश महावीर सिंह और प्रधान न्यायाधीश विवेक सिंगल ने सुनवाई की। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेंद्र, न्यायिक दंडाधिकारी ओमेश, आयुषी अरोड़ा, अनीता रानी शाहाबाद और कपिल पिहोवा भी बैंचों में शामिल थे। पीठासीन अधिकारी परवीन गुप्ता की बैंच ने भी विभिन्न मामलों का निपटारा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन





लोक अदालत में मृतक विजेंद्र के परिवार को 37.50 लाख रुपये मुआवजा
जिले में लोक अदालत के दौरान एक मोटर दुर्घटना दावा मामले का निपटारा हुआ। इससे मृतक के आश्रित परिवार को 37.50 लाख रुपये की राहत मिली। यह मामला 3 दिसंबर 2025 को कैथल सिटी थाना क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना से संबंधित था। दुर्घटना में लगभग 35 वर्षीय विजेंद्र कुमार को चोट आंई और उन्हें सिविल अस्पताल, कैथल में मृत घोषित किया गया। विजेंद्र कौशल रोजगार के तहत सिक्योरिटी गार्ड थे तथा परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। वे अपने पीछे पत्नी, तीन नाबालिग बेटियां, एक नाबालिग बेटा और वृद्ध माता-पिता छोड़ गए। वारिसों ने 60 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। वाहन का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास था। न्यायाधीश के प्रयास से मामले का 37.50 लाख रुपये में निपटारा हुआ। बीमा कंपनी को मुआवजा भुगतान के निर्देश मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed