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इंदिरा गांधी ने विश्व में भारत को नई पहचान दिलाई : गर्ग
Updated Mon, 20 Nov 2017 12:15 AM IST
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इंदिरा गांधी ने विश्व में भारत को नई पहचान दिलाई : गर्ग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को नई पहचान दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अहम योगदान है। यह बात प्रदेश महासचिव पवन गर्ग ने अनाज मंडी में इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों आहुति दे दी। विरोधी दल के नेता भी उनके साहस के आज भी कायल हैं। उनकी बुद्धि, चतुराई और राजनैतिक दक्षता का गुणगान करते हैं।
गर्ग ने कहा कि इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण, प्रीवी पर्स की समाप्ति, प्रथम पोखरण परमाणु विस्फोट, हरित क्रांति जैसे अनेक अविस्मरणीय कार्य किए। गुटनिरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व भी उन्होंने अदम्य साहस के साथ किया। इंदिरा गांधी ने 1971 में पाकिस्तान के आक्रमण का अनुकूल जवाब देते हुए उसे करारी मात ही नहीं दी, बल्कि उसके पूरक अंग (बांग्लादेश) को अपनी सूझबूझ और राजनीति से अलग करवा दिया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर इंदिरा गांधी ने अनेक महान कार्य किए। कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर जन्म शताब्दी वर्ष पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मेहर सिंह, सतीश दयालपुर, सुरेंद्र मित्तल, सतीश बिंदल आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को नई पहचान दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अहम योगदान है। यह बात प्रदेश महासचिव पवन गर्ग ने अनाज मंडी में इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों आहुति दे दी। विरोधी दल के नेता भी उनके साहस के आज भी कायल हैं। उनकी बुद्धि, चतुराई और राजनैतिक दक्षता का गुणगान करते हैं।
गर्ग ने कहा कि इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण, प्रीवी पर्स की समाप्ति, प्रथम पोखरण परमाणु विस्फोट, हरित क्रांति जैसे अनेक अविस्मरणीय कार्य किए। गुटनिरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व भी उन्होंने अदम्य साहस के साथ किया। इंदिरा गांधी ने 1971 में पाकिस्तान के आक्रमण का अनुकूल जवाब देते हुए उसे करारी मात ही नहीं दी, बल्कि उसके पूरक अंग (बांग्लादेश) को अपनी सूझबूझ और राजनीति से अलग करवा दिया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर इंदिरा गांधी ने अनेक महान कार्य किए। कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर जन्म शताब्दी वर्ष पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मेहर सिंह, सतीश दयालपुर, सुरेंद्र मित्तल, सतीश बिंदल आदि मौजूद थे।
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