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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का किया व्यापारीकरण-गर्ग

Mon, 20 Nov 2017 12:07 AM IST
Updated Mon, 20 Nov 2017 12:07 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का किया व्यापारीकरण-गर्ग
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2017 का व्यापारीकरण और टेंडरों में घोटाला करने के अलावा स्वामी ज्ञानानंद की संस्था को भाजपा सरकार विशेष लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसकी शिकायत महामहिम राष्ट्रपति को भेजी जाएगी। रविवार को एक निजी होटल में प्रेसवार्ता कर यह गंभीर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पवन गर्ग ने लगाए हैं। जिले के कांग्रेसी नेताओं के साथ गर्ग ने इस प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पिछले दो साल के भीतर स्वामी ज्ञानानंद की संस्था को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने नियमों को ताक पर रखकर पहले छह एकड़ भूमि अलॉट की है। इसके बाद छह एकड़ भूमि से सटी तीन एकड़ भूमि और अलाट कर दी गई।
उन्होंने कहा कि अक्षरधाम जैसी विश्वविख्यात संस्था को केडीबी ने सिर्फ पांच एकड़ भूमि अलाट की है। गर्ग ने आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र सहित बाहर की अन्य कई संस्थाओं ने कुरुक्षेत्र में अपनी संस्थाओं के लिए केडीबी में आवेदन किया था, लेकिन उनकी अर्जी पर गौर तक नहीं किया गया। आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में गीता जयंती महोत्सव को मनाने की शुरुआत हुई थी। यह आज आगे बढ़ रही है। इसका दुखद पहलू यह है कि गीता जयंती के लिए भेजे गए सरकारी अनुदान का दुरुपयोग हो रहा है। तीर्थों के विकास और आयोजन के लिए भेजी गई राशि विकास की जगह टेंडर घोटालों में बर्बाद हो रही है। हर रोज सरकार और इसके प्रतिनिधि करोड़ों रुपये कुरुक्षेत्र के विकास के लिए मंजूर करने की घोषणाएं करते हैं। इसके बाद भी सब जगह बदहाली है। गीता महोत्सव शुरू हो चुका है, अब तक ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा के पत्थर टूटे पड़े हैं। साथ ही सड़कों का बुरा हाल है।
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प्रदेश महासचिव गर्ग ने आरोप लगाया कि वीवीआई, वीआईपी आदि लोगों को देने के लिए सरकार ने स्वामी ज्ञानानंद द्वारा लिखित गीता प्रेरणा की हजारों पुस्तकें लाखों रुपये में खरीदी हैं। कहा कि स्वामी ज्ञानानंद की एक गीता की कीमत 600 रुपये है। उनके पास सूचना है कि दो हजार से ज्यादा गीता उनकी संस्था को लाभ पहुंचाने के लिए खरीदा गया है, जबकि दुनियाभर में विख्यात गोरखपुर प्रेस की एक गीता 50 से 60 रुपये में उपलब्ध है।
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न्यायाधीश की आगुवाई में उच्चस्तरीय जांच की मांग
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पवन गर्ग ने कहा कि गीता महोत्सव और तीर्थों के लिए भेजे गए करोड़ों रुपये के अनुदान को उड़ाया जा रहा है। टेंडरों में घोटाले हुए हैं और एक धर्मगुरु को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार की संपत्ति और धन को बर्बाद किया जा रहा है। इन सब मामलों की जांच की मांग वे राष्ट्रपति से करेंगे। यह भी मांग करेंगे कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की आगुवाई में हो।

राम रहीम के पांच सौ रुपये वाले आलू की तरह ये गीता भी....
प्रदेश महासचिव ने कहा कि जिस तरह एक जमाने में बाबा राम रहीम का एक आलू पांच सौ रुपये में खरीदा जाता था, उसी तरह सरकार ने स्वामी ज्ञानानंद की पुस्तक गीता प्रेरणा को 600 रुपये में खरीद लिया। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि इस गीता की समीक्षा भी कराई जाए।


विधायक पर किया वार
कांग्रेस प्रदेश महासचिव पवन गर्ग ने कहा मेरे पिता स्व. ओम प्रकाश गर्ग संयुक्त पंजाब में एमएलसी रहे और लगातार तीन बार थानेसर विधानसभा सीट से विधायक रहे, लेकिन जिस तरह एक लाइट लगने या एक वार्ड की सड़क लगने पर आज छोटे-छोटे कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन पत्थर लगाए जा रहे हैं, यह शर्मनाक है। उनके पिता के समय में इस इलाके में इतने बड़े-बड़े काम हुए, लेकिन जनता को उनके उतने पत्थर यहां नहीं दिखेंगे, जितने आज थानेसर के विधायक सुभाष सुधा के दिखते हैं।

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