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हरियाणवी आर्केस्ट्रा में गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज संतपुरा के कलाकार छाए
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय रत्नावली महोत्सव में आयोजित हरियाणवी स्किट और शार्ट फिल्म हरियाणवी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट की टीम ने जीत हासिल की है। हरियाणवी आर्केस्ट्रा में गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज संतपुरा यमुनानगर के कलाकार छाए रहे। युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. सीडीएस कौशल ने बताया कि हरियाणवी स्किट प्रतियोगिता में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कलाकार ने प्रथम, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने दूसरा, जीएन खालसा कॉलेज करनाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। गवर्नमेंट कॉलेज भिवानी को प्रथम बेस्ट एक्टर, गवर्नमेंट कॉलेज जींद को दूसरा बेस्ट एक्टर, यूटीडी केयूके को प्रथम बेस्ट एक्ट्रेस, जबकि आर्य कॉलेज पानीपत को दूसरा बेस्ट एक्टर का खिताब मिला।
उन्होंने बताया कि टीट-बिट प्रतियोगिता में हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद को प्रथम, राजकीय कालेज नारनौंद हिसार को दूसरा और सीआर किसान कॉलेज जींद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। मोनो एक्टिंग में एसडी पीजी कॉलेज पानीपत को प्रथम पुरस्कार, राजकीय कॉलेज भिवानी को दूसरा और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। हरियाणवी लोक गीत प्रतियोगिता में आईजी पीजी महिला महाविद्यालय कैथल को प्रथम पुरस्कार, भगवान परशुराम कॉलेज कुरुक्षेत्र को दूसरा स्थान, यूटीडी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को तीसरा स्थान, आर्यपीजी कॉलेज पानीपत को चौथा और डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स यमुनानगर को पांचवां स्थान हासिल हुआ।
हरियाणवी आर्केस्ट्रा में गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज संतपुरा यमुनानगर की टीम प्रथम स्थान पर, केएम राजकीय कॉलेज नरवाना को दूसरा, डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स यमुनानगर को तीसरा स्थान मिला। शॉर्ट फिल्म इन हरियाणवी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय यूटीडी की टीम को प्रथम, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत को दूसरा और राजकीय कालेज भिवानी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। पगड़ी बांधो प्रतियोगिता में राजकीय कॉलेज भिवानी को प्रथम, केएम राजकीय कॉलेज नरवानां को दूसरा और हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
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रत्नावली उत्सव में वाद्य संगीत विधा की प्रस्तुति के दौरान खूब झूमे युवा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
रत्नावली उत्सव में तीसरे दिन ओपन एयर थियेटर में वाद्य संगीत विधा का आयोजन हुआ। इसमें दी गई प्रत्येक प्रस्तुतियों में हरियाणवी कला और हरियाणवी संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रतियोगिता में कुल आठ टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की प्रस्तुति पर बुजुर्ग और युवा पीढ़ी झूमती नजर आई। कार्यक्रम में बजाए गए वाद्य यंत्रों ने संपूर्ण वातावरण को संगीतमय कर दिया। प्रतियोगिता में वाद्य यंत्र बैंजो, ढोलक, नगाड़ा, हारमोनियम, बीन, ताशा, तुंबा, ढेरू, गंबू आदि शामिल थे। वाद्य यंत्रों को बजाने की समय सीमा 2 से 5 मिनट तक थी। एक कॉलेज से एक ही टीम मान्य थी। प्रतियोगिता में सीआर किसान कॉलेज जींद, राजकीय कॉलेज सफीदो, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत, राजीव गांधी महाविद्यालय उचाना, भगवान परशुराम कॉलेज कुरुक्षेत्र, यूटीडी केयूके, राजकीय कॉलेज जींद और डीएवी गर्ल्स कॉलेज यमुनानगर की टीमों ने भाग लिया। निर्णायक मंडल में डॉ. सतीश हरियाणवी, रघुविंदर मलिक, बृज शर्मा आदि शामिल थे।
गोकुलगढ़ तै चली हो गुजरिया... ने दर्शकों को पहुंचाया मथुरा की कुंज गलियों में
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
रत्नावली महोत्सव के तीसरे दिन आरके सदन में हरियाणवी समूह गान प्रतियोगिता हुई। इसमें प्रदेशभर की कई टीमों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पहली प्रस्तुति बीआर जनता कॉलेज कौल कैथल के गये गीत बाबुल मैं तो गुड़िया भूली रे तेरे आले...ने लोगों को भावुक कर दिया। अगली प्रस्तुति द्रोणाचार्य कॉलेज कुरुक्षेत्र ने हो पीर जी, तनै आना पड़ेगा... की दी गई। इसके बाद हिंदू कन्या कॉलेज जींद, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत, आईजी पीजी कॉलेज कैथल की छात्राओं ने तीज के त्योहार पर आधारित गीत आया तीजां का त्योहार और आज आवेगा मेरा वीर पेश किया। इसके बाद भगवान परशुराम कॉलेज कुरुक्षेत्र, राजकीय महिला महाविद्यालय जींद और यूटीडी, कुरुक्षेत्र ने प्रस्तुतियां दीं। डीएवी कॉलेज की छात्राओं ने गीत गोकुलगढ़ त चली हो गुजरिया... ने दर्शकों को मथुरा की गलियों में पहुंचा दिया। राजकीय महाविद्यालय जींद ने हरियाणा की धरती को नमन करते हुए अपने गीत हरियाणा की पावन धरती, बार-बार प्रणाम करैंज से अपनी प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता कार्यक्रम में हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. तेजेंद्र गिल, डॉ. वैराम सिंह मस्ताना और डॉ. परवीन कुमारी शामिल थे।
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कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय रत्नावली महोत्सव में आयोजित हरियाणवी स्किट और शार्ट फिल्म हरियाणवी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट की टीम ने जीत हासिल की है। हरियाणवी आर्केस्ट्रा में गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज संतपुरा यमुनानगर के कलाकार छाए रहे। युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. सीडीएस कौशल ने बताया कि हरियाणवी स्किट प्रतियोगिता में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कलाकार ने प्रथम, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने दूसरा, जीएन खालसा कॉलेज करनाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। गवर्नमेंट कॉलेज भिवानी को प्रथम बेस्ट एक्टर, गवर्नमेंट कॉलेज जींद को दूसरा बेस्ट एक्टर, यूटीडी केयूके को प्रथम बेस्ट एक्ट्रेस, जबकि आर्य कॉलेज पानीपत को दूसरा बेस्ट एक्टर का खिताब मिला।
उन्होंने बताया कि टीट-बिट प्रतियोगिता में हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद को प्रथम, राजकीय कालेज नारनौंद हिसार को दूसरा और सीआर किसान कॉलेज जींद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। मोनो एक्टिंग में एसडी पीजी कॉलेज पानीपत को प्रथम पुरस्कार, राजकीय कॉलेज भिवानी को दूसरा और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। हरियाणवी लोक गीत प्रतियोगिता में आईजी पीजी महिला महाविद्यालय कैथल को प्रथम पुरस्कार, भगवान परशुराम कॉलेज कुरुक्षेत्र को दूसरा स्थान, यूटीडी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को तीसरा स्थान, आर्यपीजी कॉलेज पानीपत को चौथा और डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स यमुनानगर को पांचवां स्थान हासिल हुआ।
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हरियाणवी आर्केस्ट्रा में गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज संतपुरा यमुनानगर की टीम प्रथम स्थान पर, केएम राजकीय कॉलेज नरवाना को दूसरा, डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स यमुनानगर को तीसरा स्थान मिला। शॉर्ट फिल्म इन हरियाणवी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय यूटीडी की टीम को प्रथम, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत को दूसरा और राजकीय कालेज भिवानी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। पगड़ी बांधो प्रतियोगिता में राजकीय कॉलेज भिवानी को प्रथम, केएम राजकीय कॉलेज नरवानां को दूसरा और हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
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रत्नावली उत्सव में वाद्य संगीत विधा की प्रस्तुति के दौरान खूब झूमे युवा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
रत्नावली उत्सव में तीसरे दिन ओपन एयर थियेटर में वाद्य संगीत विधा का आयोजन हुआ। इसमें दी गई प्रत्येक प्रस्तुतियों में हरियाणवी कला और हरियाणवी संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रतियोगिता में कुल आठ टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की प्रस्तुति पर बुजुर्ग और युवा पीढ़ी झूमती नजर आई। कार्यक्रम में बजाए गए वाद्य यंत्रों ने संपूर्ण वातावरण को संगीतमय कर दिया। प्रतियोगिता में वाद्य यंत्र बैंजो, ढोलक, नगाड़ा, हारमोनियम, बीन, ताशा, तुंबा, ढेरू, गंबू आदि शामिल थे। वाद्य यंत्रों को बजाने की समय सीमा 2 से 5 मिनट तक थी। एक कॉलेज से एक ही टीम मान्य थी। प्रतियोगिता में सीआर किसान कॉलेज जींद, राजकीय कॉलेज सफीदो, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत, राजीव गांधी महाविद्यालय उचाना, भगवान परशुराम कॉलेज कुरुक्षेत्र, यूटीडी केयूके, राजकीय कॉलेज जींद और डीएवी गर्ल्स कॉलेज यमुनानगर की टीमों ने भाग लिया। निर्णायक मंडल में डॉ. सतीश हरियाणवी, रघुविंदर मलिक, बृज शर्मा आदि शामिल थे।
गोकुलगढ़ तै चली हो गुजरिया... ने दर्शकों को पहुंचाया मथुरा की कुंज गलियों में
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
रत्नावली महोत्सव के तीसरे दिन आरके सदन में हरियाणवी समूह गान प्रतियोगिता हुई। इसमें प्रदेशभर की कई टीमों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पहली प्रस्तुति बीआर जनता कॉलेज कौल कैथल के गये गीत बाबुल मैं तो गुड़िया भूली रे तेरे आले...ने लोगों को भावुक कर दिया। अगली प्रस्तुति द्रोणाचार्य कॉलेज कुरुक्षेत्र ने हो पीर जी, तनै आना पड़ेगा... की दी गई। इसके बाद हिंदू कन्या कॉलेज जींद, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत, आईजी पीजी कॉलेज कैथल की छात्राओं ने तीज के त्योहार पर आधारित गीत आया तीजां का त्योहार और आज आवेगा मेरा वीर पेश किया। इसके बाद भगवान परशुराम कॉलेज कुरुक्षेत्र, राजकीय महिला महाविद्यालय जींद और यूटीडी, कुरुक्षेत्र ने प्रस्तुतियां दीं। डीएवी कॉलेज की छात्राओं ने गीत गोकुलगढ़ त चली हो गुजरिया... ने दर्शकों को मथुरा की गलियों में पहुंचा दिया। राजकीय महाविद्यालय जींद ने हरियाणा की धरती को नमन करते हुए अपने गीत हरियाणा की पावन धरती, बार-बार प्रणाम करैंज से अपनी प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता कार्यक्रम में हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. तेजेंद्र गिल, डॉ. वैराम सिंह मस्ताना और डॉ. परवीन कुमारी शामिल थे।