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शिव भक्त और कांवड़ियोंके लिए व्यापक तैयारियां
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:07 AM IST
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सोमवार से शिवालयों में होगा बम महादेव का जयघोष
कुरुक्षेत्र। जिलेभर में शिव भक्त कांवड़ियों के स्वागत और तमाम व्यवस्थाओं के साथ लगभग तमाम तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्राचीन दुखभंजन मंदिर, स्थाणु तीर्थ, कालेश्वर तीर्थ, पिहोवा सरस्वती तट पर स्थित बड़ा शिवाला, अरुणाय स्थित संग्मेश्वर धाम, शाहाबाद मार्केंडेश्वर मंदिर और अन्य शिव मंदिरों में पिछले कई दिनों से तैयारियां जारी हैं। श्रावण मास के दौरान यहां महाआरती, धार्मिक अनुष्ठान, भजन कीर्तन, भंडारे और अन्य कई तरह के आयोजन होंगे।
आदी तीर्थ स्थाणु महादेव मंदिर के महंत बंसीपुरी महाराज ने बताया कि श्रावण मास के पांचों सोमवार को महादेव की पालकी शोभायात्रा के रूप में कुरुक्षेत्र के मुख्य बाजारों से होती हुई, पुन: स्थाणु तीर्थ पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक हजार पार्थिव शिवलिंगों की पूजा अर्चना, प्रतिदिन विसर्जन, भगवान के एकदाशरुद्रों की पूजा अभिषेक, महामृत्युंज्य के अघोर मंत्र, मृत संजीवनमंत्र का जाप होगा। सरस्वती तट पिहोवा मे बड़े शिवाला में विशेष महाआरती होगी। वहीं श्रावण मास के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र कांवड़ शिविरों में पहुंचने वाली श् िवभक्तों की टोलियां रहेंगी। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के प्राचीन दुखभंजन मंदिर में पिछले 25 वर्षों से कांवड़ शिविर आयोजित कर रहे धार्मिक और सामाजिक संगठन शिवशक्ति सेवा मंडल की ओर से इस बार भी शिविर में 15000 से अधिक संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है। इनके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
शिव शक्ति सेवा मंडल के अध्यक्ष एमके मौदगिल ने बताया कि यह 25वां शिविर है जो 11 से 22 जुलाई तक कांवड़ियों के लिए लगाया जाएगा। इसकी व्यवस्था में 100 अधिक शिव सेवक लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 15000 व्यक्ति कांवड़ लेकर पहुंचे थे और इस बार यह आंकड़ा दोगुना होने की संभावना है। ऐसे में उनके लिए पुरी तरह से पौष्टिक आहार के प्रबंध किए गए हैं। इसमें तीन वक्त का खाना, चाय, दूध और मीठा उनकी इच्छानुसार तैयार किया जाएगा। यदि दुर्घटनावश किसी को चोट लग जाए या उनका स्वास्थ्य बिगड़ जाए तो उनके लिए औषधालय का भी प्रबंध किया गया है जो 24 घंटे और आठों पहर खुला रहेगा जहां हर मर्ज की दवा के इंतजाम किए जाएंगे और पुरी तरह सबकी देखभाल की जाएगी। उनका कहना है कि कांवड़ियों की थकान उतारने के लिए कर्मचारियों द्वारा उनके पांव में मेहंदी का लेप भी लगाया जाता है जिससे वे आराम महसूस कर सकें।
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संग्मेश्वर महादेव धाम में जोरशोर से तैयारियां : गौतम
श्रावण मास को देखते हुए गांव अरुणाय स्थित संग्मेश्वर महादेव धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संग्मेश्वर सेवा दल की ओर से जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। मंदिर प्रबंधक गौतम भूषण ने बताया कि 10 जुलाई सोमवार से श्रावण मास शुरू हो रहा है। भोले नाथ के दर्शनों के लिए लाइनों में लगने वाले श्रद्धालुओं के लिए शेड बनाए गए हैं। जहां दिन की गर्मी को देखते हुए पंखों और विशेष रूप से शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सेवादल की ओर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
कांवड़ियों के लिए होगी अलग व्यवस्था
संग्मेश्वर महादेव धाम के प्रबंधक गौतम भूषण ने बताया कि सेवादल की ओर से कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है। त्रयोदशी पर शिवलिंग पर जल चढ़ना शुरू हो जाएगा। ऐसे में कांवड़ियों के लिए जल चढ़ाने की अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि कांवड़ियों को लाइन में ना लगना पड़े। शेड के नीचे कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है। इसमें कांवड़ियों के लिए खाने-पीने के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएगी। वहीं उनके लिए डाक्टरों की भी व्यवस्था की गई है। वहीं अधिक भीड़ होने के चलते दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शनों के लिए समस्या का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस बार ऐसे श्रद्धालुओं के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य जांच व रक्तदान शिविर का होगा आयोजन
मंदिर की ओर इस बार श्रावण मास की त्रयोदशी पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जा रहा है। इस स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से आए डाक्टरों द्वारा स्वास्थ्य की जांच की निशुल्क की जाएगी। वहीं एक रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा। इस दौरान सैकड़ों यूनिट ब्लड एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उड़ीसा के कलाकार एक माह से तैयार कर रहे हैं समुद्र मंथन की झांकी
संग्मेश्वर महादेव धाम में समुद्र मंथन की झांकी विशेष रू प से तैयार की जा रही है। झांकी 48 फुट लंबी और 15 फुट चौड़ी होगी। इस झांकी को तैयार करने के लिए उड़ीसा से आए कारीगर पिछले कई महीनों से काम कर रहे हैं। लगभग यह झांकी तैयार हो चुकी है। केवल पेंटिंग का काम शेष है, जो कि जल्द ही पूरा हो जाएगा।
श्रावण में होगे इस बार पांच सोमवार
महंत त्यागी बाबा ने बताया कि इस बार श्रावण काफी अहम है। कई सालों के बाद ऐसा संयोग बना है कि सोमवार से श्रावण मास का शुभारंभ होगा और सोमवार को ही श्रावण मास का समापन होगा। यह एक दिव्य संयोग है कि इस बार श्रावण में पांच सोमवार होंगे। पार्थिव लिंग का निर्माण का दीमक व नाग की बांबी से किया जाएगा। इसके लिए शनिवार को बांबी की मिट्टी को निमंत्रण दिया गया है और रविवार को वहां से मिट्टी लाकर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर पूजन व रुद्राभिषेक किया जाएगा।
इस्माईलाबाद क्षेत्र में कई जगह लगेंगे कांवड़ शिविर
कसबा व आसपास के क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं ने भी शिविर लगाने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गांव झांसा में शिव कांवड़ संघ, मारकंडा मंदिर कमेटी व यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी की ओर से कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाए जाते हैं। यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी के प्रधान विनोद पाल ने बताया कि शिविर को लगाने को लेकर सभी तैयारियां कर ली गई। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस बार कांवड़ियों को प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा देने के भी प्रबंध किए गए हैं।
तीनों टीमों का किया गया है गठन-एसएचओ
इस्माईलाबाद थाना एसएचओ जयनारायण शर्मा ने बताया कि कांवड़ियों को देखते हुए दो से तीन टीमों का गठन किया गया जाएगा जो कांवडियों को रास्ता बताने के अलावा उन्हें सड़क नियमों के बारे में भी जागरूक करेंगे। उन्होंने कांवड़ियों से आह्वान किया वे भक्तिमय मन से कांवड़ लाए किए तरह का उत्पात न मचाए तथा अपनी साइड में होकर चले, ताकि यातायात प्रभावित न हो। उन्होंने शिविर लगाने वाली संस्थाओं से भी आग्रह किया है कि सड़क से एक तरफ साइड में शिविर लगाए, ताकि यातायात प्रभावित ना हो।
शाहाबाद कांवड़ियों के ठहराव की व्यवस्था पूरी : मनचंदा
यहां के ऐतिहासिक मारकंडेश्वर महादेव शिव मंदिर में 21 जुलाई को शिवरात्रि के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मंदिर परिसर में 500 से अधिक कांवड़ियों का ठहराव होगा। यह जानकारी मंदिर समिति के प्रधान जगमोहन मनचंदा ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में कांवड़ियों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। जिसमें मेडिकल सुविधाएं व जलपान की विशेष रूप से उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि 19-20 जुलाई तक कांवड़िये हरिद्वार से गंगा जल लेकर पहुंच जाएंगे और 21 जुलाई को तड़के शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति का प्रयास रहेगा कि शाहाबाद में प्रवेश पर भी कांवड़ियों के लिए जलपान की व्यवस्था की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह शाहाबाद का ऐतिहासिक मंदिर है और पिछले कई दशकों से यहां कांवड़िये शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। इसके अलावा भी मारकंडेश्वर मंदिर व अन्य धार्मिक संस्थाओं द्वारा कांवड़ियों के रहने की व्यवस्था की जाती है।
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कुरुक्षेत्र। जिलेभर में शिव भक्त कांवड़ियों के स्वागत और तमाम व्यवस्थाओं के साथ लगभग तमाम तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्राचीन दुखभंजन मंदिर, स्थाणु तीर्थ, कालेश्वर तीर्थ, पिहोवा सरस्वती तट पर स्थित बड़ा शिवाला, अरुणाय स्थित संग्मेश्वर धाम, शाहाबाद मार्केंडेश्वर मंदिर और अन्य शिव मंदिरों में पिछले कई दिनों से तैयारियां जारी हैं। श्रावण मास के दौरान यहां महाआरती, धार्मिक अनुष्ठान, भजन कीर्तन, भंडारे और अन्य कई तरह के आयोजन होंगे।
आदी तीर्थ स्थाणु महादेव मंदिर के महंत बंसीपुरी महाराज ने बताया कि श्रावण मास के पांचों सोमवार को महादेव की पालकी शोभायात्रा के रूप में कुरुक्षेत्र के मुख्य बाजारों से होती हुई, पुन: स्थाणु तीर्थ पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक हजार पार्थिव शिवलिंगों की पूजा अर्चना, प्रतिदिन विसर्जन, भगवान के एकदाशरुद्रों की पूजा अभिषेक, महामृत्युंज्य के अघोर मंत्र, मृत संजीवनमंत्र का जाप होगा। सरस्वती तट पिहोवा मे बड़े शिवाला में विशेष महाआरती होगी। वहीं श्रावण मास के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र कांवड़ शिविरों में पहुंचने वाली श् िवभक्तों की टोलियां रहेंगी। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के प्राचीन दुखभंजन मंदिर में पिछले 25 वर्षों से कांवड़ शिविर आयोजित कर रहे धार्मिक और सामाजिक संगठन शिवशक्ति सेवा मंडल की ओर से इस बार भी शिविर में 15000 से अधिक संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है। इनके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
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शिव शक्ति सेवा मंडल के अध्यक्ष एमके मौदगिल ने बताया कि यह 25वां शिविर है जो 11 से 22 जुलाई तक कांवड़ियों के लिए लगाया जाएगा। इसकी व्यवस्था में 100 अधिक शिव सेवक लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 15000 व्यक्ति कांवड़ लेकर पहुंचे थे और इस बार यह आंकड़ा दोगुना होने की संभावना है। ऐसे में उनके लिए पुरी तरह से पौष्टिक आहार के प्रबंध किए गए हैं। इसमें तीन वक्त का खाना, चाय, दूध और मीठा उनकी इच्छानुसार तैयार किया जाएगा। यदि दुर्घटनावश किसी को चोट लग जाए या उनका स्वास्थ्य बिगड़ जाए तो उनके लिए औषधालय का भी प्रबंध किया गया है जो 24 घंटे और आठों पहर खुला रहेगा जहां हर मर्ज की दवा के इंतजाम किए जाएंगे और पुरी तरह सबकी देखभाल की जाएगी। उनका कहना है कि कांवड़ियों की थकान उतारने के लिए कर्मचारियों द्वारा उनके पांव में मेहंदी का लेप भी लगाया जाता है जिससे वे आराम महसूस कर सकें।
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संग्मेश्वर महादेव धाम में जोरशोर से तैयारियां : गौतम
श्रावण मास को देखते हुए गांव अरुणाय स्थित संग्मेश्वर महादेव धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संग्मेश्वर सेवा दल की ओर से जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। मंदिर प्रबंधक गौतम भूषण ने बताया कि 10 जुलाई सोमवार से श्रावण मास शुरू हो रहा है। भोले नाथ के दर्शनों के लिए लाइनों में लगने वाले श्रद्धालुओं के लिए शेड बनाए गए हैं। जहां दिन की गर्मी को देखते हुए पंखों और विशेष रूप से शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सेवादल की ओर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
कांवड़ियों के लिए होगी अलग व्यवस्था
संग्मेश्वर महादेव धाम के प्रबंधक गौतम भूषण ने बताया कि सेवादल की ओर से कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है। त्रयोदशी पर शिवलिंग पर जल चढ़ना शुरू हो जाएगा। ऐसे में कांवड़ियों के लिए जल चढ़ाने की अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि कांवड़ियों को लाइन में ना लगना पड़े। शेड के नीचे कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है। इसमें कांवड़ियों के लिए खाने-पीने के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएगी। वहीं उनके लिए डाक्टरों की भी व्यवस्था की गई है। वहीं अधिक भीड़ होने के चलते दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शनों के लिए समस्या का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस बार ऐसे श्रद्धालुओं के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य जांच व रक्तदान शिविर का होगा आयोजन
मंदिर की ओर इस बार श्रावण मास की त्रयोदशी पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जा रहा है। इस स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से आए डाक्टरों द्वारा स्वास्थ्य की जांच की निशुल्क की जाएगी। वहीं एक रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा। इस दौरान सैकड़ों यूनिट ब्लड एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उड़ीसा के कलाकार एक माह से तैयार कर रहे हैं समुद्र मंथन की झांकी
संग्मेश्वर महादेव धाम में समुद्र मंथन की झांकी विशेष रू प से तैयार की जा रही है। झांकी 48 फुट लंबी और 15 फुट चौड़ी होगी। इस झांकी को तैयार करने के लिए उड़ीसा से आए कारीगर पिछले कई महीनों से काम कर रहे हैं। लगभग यह झांकी तैयार हो चुकी है। केवल पेंटिंग का काम शेष है, जो कि जल्द ही पूरा हो जाएगा।
श्रावण में होगे इस बार पांच सोमवार
महंत त्यागी बाबा ने बताया कि इस बार श्रावण काफी अहम है। कई सालों के बाद ऐसा संयोग बना है कि सोमवार से श्रावण मास का शुभारंभ होगा और सोमवार को ही श्रावण मास का समापन होगा। यह एक दिव्य संयोग है कि इस बार श्रावण में पांच सोमवार होंगे। पार्थिव लिंग का निर्माण का दीमक व नाग की बांबी से किया जाएगा। इसके लिए शनिवार को बांबी की मिट्टी को निमंत्रण दिया गया है और रविवार को वहां से मिट्टी लाकर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर पूजन व रुद्राभिषेक किया जाएगा।
इस्माईलाबाद क्षेत्र में कई जगह लगेंगे कांवड़ शिविर
कसबा व आसपास के क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं ने भी शिविर लगाने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गांव झांसा में शिव कांवड़ संघ, मारकंडा मंदिर कमेटी व यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी की ओर से कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाए जाते हैं। यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी के प्रधान विनोद पाल ने बताया कि शिविर को लगाने को लेकर सभी तैयारियां कर ली गई। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस बार कांवड़ियों को प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा देने के भी प्रबंध किए गए हैं।
तीनों टीमों का किया गया है गठन-एसएचओ
इस्माईलाबाद थाना एसएचओ जयनारायण शर्मा ने बताया कि कांवड़ियों को देखते हुए दो से तीन टीमों का गठन किया गया जाएगा जो कांवडियों को रास्ता बताने के अलावा उन्हें सड़क नियमों के बारे में भी जागरूक करेंगे। उन्होंने कांवड़ियों से आह्वान किया वे भक्तिमय मन से कांवड़ लाए किए तरह का उत्पात न मचाए तथा अपनी साइड में होकर चले, ताकि यातायात प्रभावित न हो। उन्होंने शिविर लगाने वाली संस्थाओं से भी आग्रह किया है कि सड़क से एक तरफ साइड में शिविर लगाए, ताकि यातायात प्रभावित ना हो।
शाहाबाद कांवड़ियों के ठहराव की व्यवस्था पूरी : मनचंदा
यहां के ऐतिहासिक मारकंडेश्वर महादेव शिव मंदिर में 21 जुलाई को शिवरात्रि के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मंदिर परिसर में 500 से अधिक कांवड़ियों का ठहराव होगा। यह जानकारी मंदिर समिति के प्रधान जगमोहन मनचंदा ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में कांवड़ियों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। जिसमें मेडिकल सुविधाएं व जलपान की विशेष रूप से उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि 19-20 जुलाई तक कांवड़िये हरिद्वार से गंगा जल लेकर पहुंच जाएंगे और 21 जुलाई को तड़के शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति का प्रयास रहेगा कि शाहाबाद में प्रवेश पर भी कांवड़ियों के लिए जलपान की व्यवस्था की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह शाहाबाद का ऐतिहासिक मंदिर है और पिछले कई दशकों से यहां कांवड़िये शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। इसके अलावा भी मारकंडेश्वर मंदिर व अन्य धार्मिक संस्थाओं द्वारा कांवड़ियों के रहने की व्यवस्था की जाती है।