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Kurukshetra News: कम पड़ गईं रोडवेज की 185 बसें, बहनों ने झेली परेशानी
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कम पड़ गईं रोडवेज की 185 बसें, बहनों ने झेली परेशानी
अग्रसेन चौक, विश्वकर्मा चौक, बिरला मंदिर चौक पर जाम से भी शहरवासियों को होना पड़ा दो चार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज प्रशासन की ओर से जिले भर में 185 बसों को लोकल और लंबे रूटों पर उतारा गया था, ताकि महिलाओं को किसी तरह की दिक्कत न हो। इसके बावजूद बसों में भीड़ से महिलाओं को दो चार होना पड़ा। इन बसों में कुरुक्षेत्र रोडवेज डिपो की 130 और पिहोवा सब डिपो की 55 बसें शामिल रही। खास बात यह रही कि सड़कों पर निजी बसें कम और रोडवेज की बसें ज्यादा दौड़ती नजर आईं। निजी बसों में भी निशुल्क सफर का एलान किया गया था। दूसरी ओर रक्षाबंधन पर शहर के अग्रसेन चौक, विश्वकर्मा चौक, बिरला मंदिर चौक पर जाम की समस्या बनी रही, जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रोडवेज की ओर से महिलाओं को रक्षाबंधन पर निशुल्क सफर कराने की आवश्यक तैयारी की गई थी, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण बसों में बड़ी संख्या में महिलाओं को खड़े होकर सफर करना पड़ा। वहीं निजी बसों के कम संचालन से भी बस यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। माना जा रहा है कि निशुल्क सफर के कारण ही अधिकतर निजी बस संचालकों ने सड़कों पर बसें ही नहीं उतारी, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ा। विदित हो कि महिलाओं के लिए बसों में निशुल्क सफर की व्यवस्था के मद्देनजर रोडवेज प्रशासन की ओर से 60 कर्मचारियों की ड्यूटियां बस अड्डाें और चौकों पर लगाई गई थी, जो कि महिलाओं को होने वाली समस्याओं पर नजर बनाए हुए थे। इनमें 30 निरीक्षक व उप निरीक्षक शामिल थे। वहीं 30 चालक परिचालक भी मैदान में उतारे गए थे, जो कि बस अड्डों पर महिलाओं को बसों में बैठने की व्यवस्था देख रहे थे। अल सुबह से ही महिलाएं अंबाला, यमुनानगर, चंडीगढ़, दिल्ली सहित कई अन्य रूटों पर सफर करने के लिए नए बस अड्डे पर पहुंचना शुरू हो गईं थीं। इसके बाद दिनभर शहर के नए बस अड्डे और पुराने बस अड्डे पर भीड़-भाड़ का माहौल बना रहा, जिससे महिला यात्रियों सहित दूसरे यात्रियों को बसों में चढ़ते समय परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुविधा के लिए बसों के बढ़ाए गए थे फेरे : बहादुर सिंह
डिपो ड्यूटी निरीक्षक बहादुर सिंह का कहना है कि रक्षाबंधन पर्व को लेकर डिपो की ओर से 185 बसों को रूटों पर उतारा गया था। यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के चलते बसों के कई अतिरिक्त फेरे भी लगवाए गए, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। यात्रियों की देखभाल व उन्हें सुविधा देने के लिए 60 कर्मचारी भी बस अड्डों पर तैनात रहे।
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प्रदेश सरकार की घोषणा का लाभ मिला : मनप्रीत कौर
महिला मनप्रीत कौर का कहना है कि वे पानीपत से कुरुक्षेत्र पहुंची हैं। बस में सफर के दौरान सफर काफी अच्छा रहा। किसी भी तरह का भुगतान नहीं करना पड़ा। प्रदेश सरकार की घोषणा का लाभ मिला है। इस योजना से सभी महिलाओं को फायदा मिला है। बहनों ने फ्री सफर कर अपने भाईयों को राखी बांधी हैं। इस बार निजी बसें कम और रोडवेज की बसें ज्यादा चलाई गई हैं।
नहीं करना पड़ा किसी भी तरह का भुगतान : आस्था
आस्था ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व के चलते अपने भाई को राखी बांधने के लिए रादौर से कैथल जा रही हैं। बस में सफर करने पर किसी भी तरह का भुगतान नहीं करना पड़ा। बस में बैठने के लिए सीट मिलने से सफर बेहतरीन रहा। प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के लिए की गई घोषणा फायदेमंद साबित हुई। इस बार काफी बसें रूटों पर सरकार की ओर से चलाई गई हैं।
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अग्रसेन चौक, विश्वकर्मा चौक, बिरला मंदिर चौक पर जाम से भी शहरवासियों को होना पड़ा दो चार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज प्रशासन की ओर से जिले भर में 185 बसों को लोकल और लंबे रूटों पर उतारा गया था, ताकि महिलाओं को किसी तरह की दिक्कत न हो। इसके बावजूद बसों में भीड़ से महिलाओं को दो चार होना पड़ा। इन बसों में कुरुक्षेत्र रोडवेज डिपो की 130 और पिहोवा सब डिपो की 55 बसें शामिल रही। खास बात यह रही कि सड़कों पर निजी बसें कम और रोडवेज की बसें ज्यादा दौड़ती नजर आईं। निजी बसों में भी निशुल्क सफर का एलान किया गया था। दूसरी ओर रक्षाबंधन पर शहर के अग्रसेन चौक, विश्वकर्मा चौक, बिरला मंदिर चौक पर जाम की समस्या बनी रही, जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रोडवेज की ओर से महिलाओं को रक्षाबंधन पर निशुल्क सफर कराने की आवश्यक तैयारी की गई थी, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण बसों में बड़ी संख्या में महिलाओं को खड़े होकर सफर करना पड़ा। वहीं निजी बसों के कम संचालन से भी बस यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। माना जा रहा है कि निशुल्क सफर के कारण ही अधिकतर निजी बस संचालकों ने सड़कों पर बसें ही नहीं उतारी, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ा। विदित हो कि महिलाओं के लिए बसों में निशुल्क सफर की व्यवस्था के मद्देनजर रोडवेज प्रशासन की ओर से 60 कर्मचारियों की ड्यूटियां बस अड्डाें और चौकों पर लगाई गई थी, जो कि महिलाओं को होने वाली समस्याओं पर नजर बनाए हुए थे। इनमें 30 निरीक्षक व उप निरीक्षक शामिल थे। वहीं 30 चालक परिचालक भी मैदान में उतारे गए थे, जो कि बस अड्डों पर महिलाओं को बसों में बैठने की व्यवस्था देख रहे थे। अल सुबह से ही महिलाएं अंबाला, यमुनानगर, चंडीगढ़, दिल्ली सहित कई अन्य रूटों पर सफर करने के लिए नए बस अड्डे पर पहुंचना शुरू हो गईं थीं। इसके बाद दिनभर शहर के नए बस अड्डे और पुराने बस अड्डे पर भीड़-भाड़ का माहौल बना रहा, जिससे महिला यात्रियों सहित दूसरे यात्रियों को बसों में चढ़ते समय परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सुविधा के लिए बसों के बढ़ाए गए थे फेरे : बहादुर सिंह
डिपो ड्यूटी निरीक्षक बहादुर सिंह का कहना है कि रक्षाबंधन पर्व को लेकर डिपो की ओर से 185 बसों को रूटों पर उतारा गया था। यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के चलते बसों के कई अतिरिक्त फेरे भी लगवाए गए, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। यात्रियों की देखभाल व उन्हें सुविधा देने के लिए 60 कर्मचारी भी बस अड्डों पर तैनात रहे।
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प्रदेश सरकार की घोषणा का लाभ मिला : मनप्रीत कौर
महिला मनप्रीत कौर का कहना है कि वे पानीपत से कुरुक्षेत्र पहुंची हैं। बस में सफर के दौरान सफर काफी अच्छा रहा। किसी भी तरह का भुगतान नहीं करना पड़ा। प्रदेश सरकार की घोषणा का लाभ मिला है। इस योजना से सभी महिलाओं को फायदा मिला है। बहनों ने फ्री सफर कर अपने भाईयों को राखी बांधी हैं। इस बार निजी बसें कम और रोडवेज की बसें ज्यादा चलाई गई हैं।
नहीं करना पड़ा किसी भी तरह का भुगतान : आस्था
आस्था ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व के चलते अपने भाई को राखी बांधने के लिए रादौर से कैथल जा रही हैं। बस में सफर करने पर किसी भी तरह का भुगतान नहीं करना पड़ा। बस में बैठने के लिए सीट मिलने से सफर बेहतरीन रहा। प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के लिए की गई घोषणा फायदेमंद साबित हुई। इस बार काफी बसें रूटों पर सरकार की ओर से चलाई गई हैं।