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94 गांवों में 182 अवैध मोबाइल टावर
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 20 May 2016 12:06 AM IST
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न प्रशासन का डर और न ही नियमों की परवाह। मोबाइल कंपनियों ने एक के बाद एक जिले के 94 गांवों में 182 अवैध टावरों का जाल बिछा दिया और प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। अब खंड अधिकारियों द्वारा जारी रिपोर्ट में टावरों के इस अवैध धंधे का खुलासा हुआ तो प्रशासन भी दंग रह गया। इन कंपनियों ने ये टावर लगाने के लिए न तो प्रशासन से अनुमति लेनी उचित समझी और न ही निर्धारित फीस जमा करवाई, जिसके चलते इनके मापदंडों पर भी सवाल उठने लगे हैं। इतनी संख्या में अवैध तौर पर लगाए गए टावरों का खुलासा होते ही प्रशासन एकाएक हरकत में आया और सभी कंपनियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया। जिसके अनुसार इस समय के दौरान संबंधित कंपनियों ने निर्धारित फीस जमा करवाकर अनुमति नहीं ली तो टावर बंद कर दिए जाएंगे। खंड अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों में विभिन्न कंपनियों के 182 मोबाइल टावर बिना किसी स्वीकृति के चल रहे हैं।
किसी भी मोबाइल कंपनी ने नियमानुसार हरियाणा पंचायती राज (संचार टावर विनियमन) नियम 2012 के अनुसार अनुमति नहीं ली है। जिसके चलते अब प्रशासन ने कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसके लिए कंपनियों को सरकारी फीस अदा कर अनुमति लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इस निर्धारित समयावधि के बाद टावरों को नियमानुसार बंद किया जा सकता है।
जिला परिषद के उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश ने मोबाइल कंपनियों को सूचना जारी करते हुए कहा कि हरियाणा पंचायती राज (संचार टावर विनियमन) नियम 2012 के अनुसार ग्राम पंचायतों में टावर लगाने के लिए जिला परिषद कार्यालय के सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी है और इस अधिनियम के तहत किसी भी ग्राम पंचायत के क्षेत्र में किसी भी कंपनी द्वारा कोई मोबाइल टावर लगाया जाता है तो उसके लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करके और डिप्टी सीईओ जिला परिषद से अनुमोदन करवाकर सरकारी खजाने में फीस जमा करवानी होती है। इस प्रक्रिया के बाद ही मोबाइल टावर लगाने की अनुमति दी जाती है। उन्होंने बताया कि जिला के खंड अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के अनुसार 182 मोबाइल टावर सरकार की बिना अनुमति के विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगे हैं। संबन्धित कम्पनी एक सप्ताह के अंदर अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर स्वीकृति लेनी होगी।
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इन गांवों में लगे हैं टावर
अरुणाय अरुणैचा, असमानपुर, बाखली, भेरीयां, भौर सैंयदा, बिलोचपुरा, बोधनी, दिवाना, गुमथला गढु, हरीगढ़ भौरख, इसाक, कलसा, मांगना, मुर्तजापुर, रामगढ़ रोड़, रत्नगढ़, ककराली, संधौला, सरस्वती खेड़ा, सारसा, स्योंसर, स्याणा सैयंदा, सिंगपुरा, थाना, छापरा, छापरी, दाऊमाजरा, हबाना, कलसाना, खरींडवा, खैरा, मोहड़ी, रावा, सुढपुर, तंगौर, तीगरी, यारा, यारी, ठोल, शांतिनगर, नैसी, जलबेहड़ा, मंदेड़ी, मलिकपुर, कैंथला, सलपानी कलां, झांसा, इस्माईलाबाद, ठसका मीराजी, अजरवार, लुखी, पिंडारसी, सुन्हेड़ी खालसा, कौलापुर, बीड़ पिपली, बारना, बगथला, मथाना, सराय सुखी, मसाना, खानपुर कोलियां, अमीन, जिरबड़ी, पिपली, ज्योतिसर, दबखेड़ी, बारवा, तिगरी खालसा, शादीपुर शहीदां, धीरपुर, अजराना कलां, कमोदा, हरियापुर, समसीपुर, हथीरा, चंद्रभानपुरा, धुराला, खासपुर, उमरी, संघोर, कलालमाजरा, बीड़ कालवा, बाबैन, जलालुदीन माजरा, बीड़ कालवा, बड़शामी, निवारसी, छलोंदी, बरोट, सलेमपु, बुढा, बहलोलपुर आदि गांवों मेें विभिन्न कम्पनियों के मोबाइल टावर लगे हुए हैं।
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किसी भी मोबाइल कंपनी ने नियमानुसार हरियाणा पंचायती राज (संचार टावर विनियमन) नियम 2012 के अनुसार अनुमति नहीं ली है। जिसके चलते अब प्रशासन ने कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसके लिए कंपनियों को सरकारी फीस अदा कर अनुमति लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इस निर्धारित समयावधि के बाद टावरों को नियमानुसार बंद किया जा सकता है।
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जिला परिषद के उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश ने मोबाइल कंपनियों को सूचना जारी करते हुए कहा कि हरियाणा पंचायती राज (संचार टावर विनियमन) नियम 2012 के अनुसार ग्राम पंचायतों में टावर लगाने के लिए जिला परिषद कार्यालय के सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी है और इस अधिनियम के तहत किसी भी ग्राम पंचायत के क्षेत्र में किसी भी कंपनी द्वारा कोई मोबाइल टावर लगाया जाता है तो उसके लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करके और डिप्टी सीईओ जिला परिषद से अनुमोदन करवाकर सरकारी खजाने में फीस जमा करवानी होती है। इस प्रक्रिया के बाद ही मोबाइल टावर लगाने की अनुमति दी जाती है। उन्होंने बताया कि जिला के खंड अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के अनुसार 182 मोबाइल टावर सरकार की बिना अनुमति के विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगे हैं। संबन्धित कम्पनी एक सप्ताह के अंदर अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर स्वीकृति लेनी होगी।
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इन गांवों में लगे हैं टावर
अरुणाय अरुणैचा, असमानपुर, बाखली, भेरीयां, भौर सैंयदा, बिलोचपुरा, बोधनी, दिवाना, गुमथला गढु, हरीगढ़ भौरख, इसाक, कलसा, मांगना, मुर्तजापुर, रामगढ़ रोड़, रत्नगढ़, ककराली, संधौला, सरस्वती खेड़ा, सारसा, स्योंसर, स्याणा सैयंदा, सिंगपुरा, थाना, छापरा, छापरी, दाऊमाजरा, हबाना, कलसाना, खरींडवा, खैरा, मोहड़ी, रावा, सुढपुर, तंगौर, तीगरी, यारा, यारी, ठोल, शांतिनगर, नैसी, जलबेहड़ा, मंदेड़ी, मलिकपुर, कैंथला, सलपानी कलां, झांसा, इस्माईलाबाद, ठसका मीराजी, अजरवार, लुखी, पिंडारसी, सुन्हेड़ी खालसा, कौलापुर, बीड़ पिपली, बारना, बगथला, मथाना, सराय सुखी, मसाना, खानपुर कोलियां, अमीन, जिरबड़ी, पिपली, ज्योतिसर, दबखेड़ी, बारवा, तिगरी खालसा, शादीपुर शहीदां, धीरपुर, अजराना कलां, कमोदा, हरियापुर, समसीपुर, हथीरा, चंद्रभानपुरा, धुराला, खासपुर, उमरी, संघोर, कलालमाजरा, बीड़ कालवा, बाबैन, जलालुदीन माजरा, बीड़ कालवा, बड़शामी, निवारसी, छलोंदी, बरोट, सलेमपु, बुढा, बहलोलपुर आदि गांवों मेें विभिन्न कम्पनियों के मोबाइल टावर लगे हुए हैं।