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21 नवंबर को छुड़ाया जाएगा गांव फतुहपुर की पंचायती जमीन से कब्जा
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गांव फतुहपुर की करीब 30 एकड़ से अधिक पंचायती जमीन से करीब दो दशक बाद प्रशासन द्वारा 21 नवंबर को कब्जा छुड़ाया जाएगा। बीडीपीओ विकास कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। पुलिस से लेकर अन्य संबंधित अधिकारियों को भी पत्र भेजकर तहसीलदार कार्यालय की ओर से सूचित किया गया है।
बता दें कि कब्जा छुड़ाने को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट ने पंचायत विभाग को आदेश जारी किए हुए हैं। इसके अनुसार प्रशासन को चार सप्ताह में कब्जा छुड़ाकर रिपोर्ट देनी है। गांव के सरपंच शमशेर सिंह के अनुसार इन आदेशों के अनुसार प्रशासन को यह कार्रवाई 29 अक्तूबर तक करनी थी। प्रशासन ने कार्रवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि तय की है। सरपंच ने बताया कि उन्होंने पहले प्रशासनिक स्तर पर कब्जा छुड़ाने की गुहार लगाई थी तो बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वर्ष 2006-07 में याचिका दायर की थी कि करीब 30 वर्षों से गांव की पंचायती जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। इससे पंचायत को करीब 25 लाख रुपये हर वर्ष का नुकसान हो रहा है। उन्होंने हाईकोर्ट में यह मामला 11 लोगों के खिलाफ दायर किया था जबकि करीब इतनी ही जमीन पर अन्य लोगों की ओर से भी कब्जा किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं और यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। अब हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजेश बिंदल व न्यायाधीश महाबीर सिंह सिंधू ने 29 अक्तूबर को स्टेट पंचायत विभाग को संबंधित जमीन से चार सप्ताह में कब्जा छुड़ाने के आदेश दिए हैं।
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कुरुक्षेत्र। गांव फतुहपुर की करीब 30 एकड़ से अधिक पंचायती जमीन से करीब दो दशक बाद प्रशासन द्वारा 21 नवंबर को कब्जा छुड़ाया जाएगा। बीडीपीओ विकास कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। पुलिस से लेकर अन्य संबंधित अधिकारियों को भी पत्र भेजकर तहसीलदार कार्यालय की ओर से सूचित किया गया है।
बता दें कि कब्जा छुड़ाने को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट ने पंचायत विभाग को आदेश जारी किए हुए हैं। इसके अनुसार प्रशासन को चार सप्ताह में कब्जा छुड़ाकर रिपोर्ट देनी है। गांव के सरपंच शमशेर सिंह के अनुसार इन आदेशों के अनुसार प्रशासन को यह कार्रवाई 29 अक्तूबर तक करनी थी। प्रशासन ने कार्रवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि तय की है। सरपंच ने बताया कि उन्होंने पहले प्रशासनिक स्तर पर कब्जा छुड़ाने की गुहार लगाई थी तो बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वर्ष 2006-07 में याचिका दायर की थी कि करीब 30 वर्षों से गांव की पंचायती जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। इससे पंचायत को करीब 25 लाख रुपये हर वर्ष का नुकसान हो रहा है। उन्होंने हाईकोर्ट में यह मामला 11 लोगों के खिलाफ दायर किया था जबकि करीब इतनी ही जमीन पर अन्य लोगों की ओर से भी कब्जा किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं और यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। अब हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजेश बिंदल व न्यायाधीश महाबीर सिंह सिंधू ने 29 अक्तूबर को स्टेट पंचायत विभाग को संबंधित जमीन से चार सप्ताह में कब्जा छुड़ाने के आदेश दिए हैं।
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