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...जहां बेटी बणा कै बहू बणा लैं यो ही है इनका डेरा 20-59-45
Updated Thu, 12 Oct 2017 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
रत्नावली फेस्ट में हरियाणवी लोक संस्कृति की बहुरंगी छटा के बीच सत्तारूढ़ दल के नेताओं से लेकर महंतों की भी पोल खोली। केयू छह मंचों में से एक ओपन एयर थियेटर में हरियाणवी हास्य नाटकों को मंचन हुआ तो यहां युवा कलाकारों ने देश के अन्नदाताओं की दुर्दशा का मार्मिक चित्रण किया तो उतनी ही बेबाकी से कई राजनेताओं और उनके दम पर दबंगई करने वाले परिवार के सदस्यों की पोल खोली। ओपन एयर थियेटर में हरियाणवी चुटकुलों और हास्य नाटिका का मंचन शुरू हुआ। इसमेें नशे की गिरफ्त में जकड़ती जा रही युवा पीढ़ी, बेरोजगारी, अशिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या, भ्रष्टाचार, राजनीति की आड़ में चल रहे अनैतिक धंधों पर वार किया गया। साथ ही प्रेम गुफा, पाखंडगिरी से महलमुना बन रहे मठों, आश्रमों और डेरों की भी बखिया उधेड़ी गई।
इस दौरान जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा... गीत को नई परिभाषा देते हुए युवा कलाकार ने हनीप्रीत और डेरा सच्चा सौदा के महंत राम रहीम पर तंज कसा। उन्होंने जहां बेटी बणा कै बहू बणा लैं यो ही है इनका डेरा... पेश किया। चंडीगढ़ में एक आईएएस की पुत्री के साथ राजनेता के पुत्र प्रकरण को नाटक में जगह दी गई। नाटकों के अलावा रत्नावली फेस्ट में हरियाणवी लघु फिल्मों ने भी दर्शकों को किया जागरूक और समाज में फैली कुरीतियों पर किया कटाक्ष किया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच हरियाणा के प्राचीन वाद्य यंत्र बेंजों, ढोलक, ताशा, गाढा, ढेरू, चिमटा, हरियाणा तुंबा, घुंघरू, मंजीरा, गबचू की कर्ण प्रिय धुनें पेश की गईं। हालांकि, खालिस हरियाणवी प्रस्तुतियों के अलावा प्रदेश के इन परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ हरियाणवी गायन में पॉप सांग तड़का भी लगाया गया। यहां रोचक पहलू ये भी रहा कि जहां शाह सतनाम कालेज के संचालक डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पर चुटकलों,नाटकों और भाषण और फिल्मों के जरिये तीखे प्रहार किए गए। डेरा प्रमुख के शाह सतनाम कॉलेज की एक होनहार प्रतियोगी छात्रा ने हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया।
छह दिन बाद चले केयू के वाईफाई
केयू प्रशासन ने इस बार डिजीटल रत्नावली के लिए जोरशोर से प्रचार किया था। हालांकि, बहुत हद तक ये प्रयास सफल रहे। बताया जा रहा है कि पहले ही दिन अपलोड की गई रत्नावली की वीडियो को देश विदेश में हजारों लाइक मिले हैं। यह लाइक और ज्यादा हो सकते थे, लेकिन पिछले शुक्रवार से केयू परिसर की वाईफाई सुविधा ठप थी। इस बारे में केयू आईटी सेल के निदेशक डॉ. सुनील ढींगडा ने बताया कि शुक्रवार को बीएसएनएल के तार कटने से सुविधा ठप थी।
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नाटिकाओं के चरित्र में छाए हरियाणा की बेटियां और किसान
रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन खुला मंच पर आयोजित हरियाणवी लघु नाटिका और चुटकुले प्रतियोगिता में युवा कलाकारों ने हास्य, व्यंग्य से न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया बल्कि हरियाणा की वर्तमान समस्याओं पर कटाक्ष कर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। नाटिकाओं में हरियाणा की बेटियां, किसान, शराबी, बुढ़ापा, पाखंडी बाबाओं के चरित्र छाए रहे। प्रतियोगिता में गवर्नमेंट कालेज भिवानी के कलाकारों ने किसानों की समस्याओं पर कटाक्ष किया। बताया कि किस तरह से आजादी के सात दशकों के बाद भी देश में किसान की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। यूनिवर्सिटी कालेज कुरुक्षेत्र की टीम ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान को केंद्र में रखकर अपनी लघु नाटिका प्रस्तुत की। यूटीडी की टीम ने अपनी प्रस्तुति में पाखंडी बाबाओं पर तीखा कटाक्ष किया, आईजी कालेज कैथल की टीम ने देश में बुजुर्गों की स्थिति पर प्रहार किया।
हरियाणा भाषण प्रतियोगिता के परिणाम
हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में शाह सतनाम जी कॉलेज सिरसा प्रथम, गवर्नमेंट कॉलेज नारनौल दूसरे, आरकेएसडी कॉलेज कैथल तीसरे, यूटीडी चौथे और गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमैन की टीम पांचवें स्थान पर रही।
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कुरुक्षेत्र।
रत्नावली फेस्ट में हरियाणवी लोक संस्कृति की बहुरंगी छटा के बीच सत्तारूढ़ दल के नेताओं से लेकर महंतों की भी पोल खोली। केयू छह मंचों में से एक ओपन एयर थियेटर में हरियाणवी हास्य नाटकों को मंचन हुआ तो यहां युवा कलाकारों ने देश के अन्नदाताओं की दुर्दशा का मार्मिक चित्रण किया तो उतनी ही बेबाकी से कई राजनेताओं और उनके दम पर दबंगई करने वाले परिवार के सदस्यों की पोल खोली। ओपन एयर थियेटर में हरियाणवी चुटकुलों और हास्य नाटिका का मंचन शुरू हुआ। इसमेें नशे की गिरफ्त में जकड़ती जा रही युवा पीढ़ी, बेरोजगारी, अशिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या, भ्रष्टाचार, राजनीति की आड़ में चल रहे अनैतिक धंधों पर वार किया गया। साथ ही प्रेम गुफा, पाखंडगिरी से महलमुना बन रहे मठों, आश्रमों और डेरों की भी बखिया उधेड़ी गई।
इस दौरान जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा... गीत को नई परिभाषा देते हुए युवा कलाकार ने हनीप्रीत और डेरा सच्चा सौदा के महंत राम रहीम पर तंज कसा। उन्होंने जहां बेटी बणा कै बहू बणा लैं यो ही है इनका डेरा... पेश किया। चंडीगढ़ में एक आईएएस की पुत्री के साथ राजनेता के पुत्र प्रकरण को नाटक में जगह दी गई। नाटकों के अलावा रत्नावली फेस्ट में हरियाणवी लघु फिल्मों ने भी दर्शकों को किया जागरूक और समाज में फैली कुरीतियों पर किया कटाक्ष किया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच हरियाणा के प्राचीन वाद्य यंत्र बेंजों, ढोलक, ताशा, गाढा, ढेरू, चिमटा, हरियाणा तुंबा, घुंघरू, मंजीरा, गबचू की कर्ण प्रिय धुनें पेश की गईं। हालांकि, खालिस हरियाणवी प्रस्तुतियों के अलावा प्रदेश के इन परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ हरियाणवी गायन में पॉप सांग तड़का भी लगाया गया। यहां रोचक पहलू ये भी रहा कि जहां शाह सतनाम कालेज के संचालक डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पर चुटकलों,नाटकों और भाषण और फिल्मों के जरिये तीखे प्रहार किए गए। डेरा प्रमुख के शाह सतनाम कॉलेज की एक होनहार प्रतियोगी छात्रा ने हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया।
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छह दिन बाद चले केयू के वाईफाई
केयू प्रशासन ने इस बार डिजीटल रत्नावली के लिए जोरशोर से प्रचार किया था। हालांकि, बहुत हद तक ये प्रयास सफल रहे। बताया जा रहा है कि पहले ही दिन अपलोड की गई रत्नावली की वीडियो को देश विदेश में हजारों लाइक मिले हैं। यह लाइक और ज्यादा हो सकते थे, लेकिन पिछले शुक्रवार से केयू परिसर की वाईफाई सुविधा ठप थी। इस बारे में केयू आईटी सेल के निदेशक डॉ. सुनील ढींगडा ने बताया कि शुक्रवार को बीएसएनएल के तार कटने से सुविधा ठप थी।
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नाटिकाओं के चरित्र में छाए हरियाणा की बेटियां और किसान
रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन खुला मंच पर आयोजित हरियाणवी लघु नाटिका और चुटकुले प्रतियोगिता में युवा कलाकारों ने हास्य, व्यंग्य से न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया बल्कि हरियाणा की वर्तमान समस्याओं पर कटाक्ष कर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। नाटिकाओं में हरियाणा की बेटियां, किसान, शराबी, बुढ़ापा, पाखंडी बाबाओं के चरित्र छाए रहे। प्रतियोगिता में गवर्नमेंट कालेज भिवानी के कलाकारों ने किसानों की समस्याओं पर कटाक्ष किया। बताया कि किस तरह से आजादी के सात दशकों के बाद भी देश में किसान की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। यूनिवर्सिटी कालेज कुरुक्षेत्र की टीम ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान को केंद्र में रखकर अपनी लघु नाटिका प्रस्तुत की। यूटीडी की टीम ने अपनी प्रस्तुति में पाखंडी बाबाओं पर तीखा कटाक्ष किया, आईजी कालेज कैथल की टीम ने देश में बुजुर्गों की स्थिति पर प्रहार किया।
हरियाणा भाषण प्रतियोगिता के परिणाम
हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में शाह सतनाम जी कॉलेज सिरसा प्रथम, गवर्नमेंट कॉलेज नारनौल दूसरे, आरकेएसडी कॉलेज कैथल तीसरे, यूटीडी चौथे और गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमैन की टीम पांचवें स्थान पर रही।