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Kurukshetra News: पॉलिसी का रुपया दिलाने के नाम पर आढ़ती से 18 लाख हड़पे
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कुरुक्षेत्र। बीमा पॉलिसी का रुपया वापस दिलाने के नाम पर एक आढ़ती से 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर लिए जाने का मामला सामने आया है। उनकी बातों में आकर आढ़ती कई बार में उनके बताए खाते में रुपया जमा करा चुका है।
थाना साइबर में दर्ज शिकायत में प्रवीण कुमार निवासी मॉडल टाउन पिहोवा ने बताया कि उसने वर्ष 2019 में बैंक अधिकारियों के कहने पर एक कंपनी की तीन पॉलिसी ली थी। उन्होंने उसे वर्ष 2029 में तीनों पॉलिसी के पूर्ण होने पर 55 लाख रुपये का भुगतान का आश्वासन दिया था। उसने कंपनी में साढ़े पांच लाख रुपये का प्रीमियम भी भरा था। साल 2020 में उसने कंपनी से अपनी एक पॉलिसी सरेंडर करने पर राशि मांगी तो पैसा देने से इनकार कर दिया। इस संबंध में उसने एक शिकायत लोकपाल को दी थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस नुकसान को लेकर वह काफी परेशान था। इसी बीच 27 सितंबर को उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। बातचीत में कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर कॉन्फ्रेंस पर अपनी अधिकारी से बातचीत भी कराई थी।
उन्होंने उसकी पॉलिसी के रुपये तीन दिन में निकलवाने का आश्वासन देकर 51 हजार रुपये मांगे थे। उनकी बातों में आकर उसने उनके बताए खाते में 51 हजार रुपये डाल दिए थे, मगर तीन दिन बाद भी उसका रुपया वापस नहीं आया। इसी दौरान उसके पास कंपनी के अन्य कर्मी व अधिकारियों की कॉल आती रही। उन पर विश्वास करके उसने अलग-अलग समय पर कुल 17 लाख 51 हजार 200 रुपए जमा करवा दिए। आरोपियों ने उससे 18 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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थाना साइबर में दर्ज शिकायत में प्रवीण कुमार निवासी मॉडल टाउन पिहोवा ने बताया कि उसने वर्ष 2019 में बैंक अधिकारियों के कहने पर एक कंपनी की तीन पॉलिसी ली थी। उन्होंने उसे वर्ष 2029 में तीनों पॉलिसी के पूर्ण होने पर 55 लाख रुपये का भुगतान का आश्वासन दिया था। उसने कंपनी में साढ़े पांच लाख रुपये का प्रीमियम भी भरा था। साल 2020 में उसने कंपनी से अपनी एक पॉलिसी सरेंडर करने पर राशि मांगी तो पैसा देने से इनकार कर दिया। इस संबंध में उसने एक शिकायत लोकपाल को दी थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस नुकसान को लेकर वह काफी परेशान था। इसी बीच 27 सितंबर को उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। बातचीत में कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर कॉन्फ्रेंस पर अपनी अधिकारी से बातचीत भी कराई थी।
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उन्होंने उसकी पॉलिसी के रुपये तीन दिन में निकलवाने का आश्वासन देकर 51 हजार रुपये मांगे थे। उनकी बातों में आकर उसने उनके बताए खाते में 51 हजार रुपये डाल दिए थे, मगर तीन दिन बाद भी उसका रुपया वापस नहीं आया। इसी दौरान उसके पास कंपनी के अन्य कर्मी व अधिकारियों की कॉल आती रही। उन पर विश्वास करके उसने अलग-अलग समय पर कुल 17 लाख 51 हजार 200 रुपए जमा करवा दिए। आरोपियों ने उससे 18 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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