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आज से रोडवेज का चक्का जाम, अधिकारी व कर्मचारी आमने-सामने
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। निजी बसों के विरोध में मंगलवार से दो दिन रोडवेज बसों का चक्का जाम रहेगा, जिसे सफल बनाने के लिए विभाग के कर्मचारियों की सभी सात यूनियनें लामबंद हो गई है। चक्का जाम को लेकर कर्मचारी व अधिकारी भी आमने-सामने आ गए है। जहां कर्मचारियों ने पूरी तरह से चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया है, वहीं अधिकारियों ने भी इससे निपटने के लिए रणनीति तैयार की है। हालांकि पहली रणनीति में अधिकारी सफल नहीं हो पाए और अदालत ने हड़ताल पर स्टे देने से इनकार कर दिया तो वहीं अब कर्मचारी बस अड्डा परिसर में ही अपना आंदोलन भी कर सकेंगे। इसके बावजूद अधिकारी एस्मा के तहत हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने के दावे जता रहे है। चक्का जाम को लेकर सोमवार को रोडवेज संयुक्त कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश नेता मायाराम उनियाल व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के जिला प्रधान नवीन शर्मा ने संयुक्त रूप से की। बैठक में कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति तय करते हुए एकजुटता दिखाने का भी आह्वान किया।
ये कर्मचारी नेता रहे बैठक में शामिल
हड़ताल को लेकर सोमवार को हुई संयुक्त बैठक में महासंघ के प्रधान सूरजभान, पूर्व प्रधान राजेश गोयल, एसकेएस के प्रधान बलवंत सिंह, सचिव मूलचंद तिगरी, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के सचिव रणजीत सिंह, इंटक के प्रधान नरेश सरवारा, गगन सिंह, बीएमएस के सुलतान सिंह व हॉकम सिंह, क्लेरिकल एसोसिएशन के सतपाल सिंह व राजेश जूड सहित अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे।
कुर्बानी देकर भी आंदोलन को बनाएंगे सफल : मायाराम
कर्मचारी नेता मायाराम उनियाल का कहना है कि प्रदेश सरकार व रोडवेज प्रशासन पांच सितंबर की हड़ताल को नाकाम बनाने में कामयाब रहा था, लेकिन इस बार चक्का जाम पूरी तरह से सफल होगा। इसके लिए कर्मचारी कोई भी कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस बार हड़ताल पूरी तरह से सफल रहेगी, जिसके लिए हर यूनियन से संबंधित कर्मचारी निर्णय ले चुके है। कुरुक्षेत्र बस अड्डे से पहली बस सुबह चार बजे निकलती है और उससे भी पहले ही जहां रात भर कर्मचारी यहीं रहते हुए निगरानी करेंगे बल्कि पहली बस से ही हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
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प्रर्दशन को लेकर 300 मीटर का दायरा भी खत्म
रोडवेज बस अड्डा व वर्कशॉप परिसर में प्रदर्शन-धरना आदि व हड़ताल पर अंकुश को लेकर रोडवेज प्रशासन ने अदालत की भी शरण ली और 14 कर्मचारी नेताओं को समन जारी किए गए। कर्मचारी नेताओं के अनुसार न्यायाधीश अभिमन्यु राजपूत की अदालत ने प्रशासन की अपील पर सुनवाई करते हुए इसे रद्द कर दिया। इसके बाद अब कर्मचारी रोडवेज व वर्कशॉप परिसर में ही धरना दे सकेंगे, इसके लिए कर्मचारी नेताओं ने बकायदा सोशल मीडिया का सहारा लेकर सभी कर्मचारियों को अवगत कराया।
पुलिस लाइन में खड़ी की बसें तो बस अड्डे पर भी पुलिस का पहरा
रोडवेज प्रशासन ने कर्मचारियों की हड़ताल विफल करने व कम से कम लंबे रूटों पर बसें चलाने की योजना के अनुसार दर्जन भर बसें पुलिस लाइन में खड़ी कर दी जबकि देर रात वापस आने वाली बसों को भी बाहर ही रोक दिया गया, ताकि अगले दिन हड़ताल के बावजूद ये बसें रूटों पर चलाई जा सके। वहीं बस अड्डे पर देर सायं से ही पुलिस का पहरा शुरू हो गया।
104 प्रोबेशन कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज : जीएम
जीएम लेखराज का कहना है कि सरकार ने हड़ताल को लेकर एस्मा लगाई हुई है और इसका उल्लंघन किया तो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने विशेष तौर पर निर्देश दिए हुए है कि प्रोबेशन पर चल रहे कर्मचारी हड़ताल पर जाते है तो उन्हें डिसमिस कर दिया जाएगा। कुरुक्षेत्र में ऐसे 104 कर्मचारी है। जीएम ने बताया कि भरसक प्रयास किए जाएंगे की बसें रूटों पर चले ताकि जनता को असुविधा न हो। सुरक्षा को लेकर भी पुलिस अधीक्षक को पूरी स्थिति से अवगत करवा दिया गया है और हड़ताल निपटने तक पुलिस बल बस अड्डे पर तैनात रहेगा।
पांच सितंबर को हड़ताल के चलते 41 कर्मचारियों का काटा गया था वेतन
बता दें कि पांच सितंबर को भी कर्मचारी हड़ताल पर उतरे थे। हालांकि यह हड़ताल सफल नहीं हो पाई थी जबकि हालात भी सामान्य ही रहे थे। इसके बावजूद प्रशासन ने 41 कर्मचारियों की सूची सरकार को भेजी थी और उनका वेतन भी काटा गया था।
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कुरुक्षेत्र। निजी बसों के विरोध में मंगलवार से दो दिन रोडवेज बसों का चक्का जाम रहेगा, जिसे सफल बनाने के लिए विभाग के कर्मचारियों की सभी सात यूनियनें लामबंद हो गई है। चक्का जाम को लेकर कर्मचारी व अधिकारी भी आमने-सामने आ गए है। जहां कर्मचारियों ने पूरी तरह से चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया है, वहीं अधिकारियों ने भी इससे निपटने के लिए रणनीति तैयार की है। हालांकि पहली रणनीति में अधिकारी सफल नहीं हो पाए और अदालत ने हड़ताल पर स्टे देने से इनकार कर दिया तो वहीं अब कर्मचारी बस अड्डा परिसर में ही अपना आंदोलन भी कर सकेंगे। इसके बावजूद अधिकारी एस्मा के तहत हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने के दावे जता रहे है। चक्का जाम को लेकर सोमवार को रोडवेज संयुक्त कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश नेता मायाराम उनियाल व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के जिला प्रधान नवीन शर्मा ने संयुक्त रूप से की। बैठक में कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति तय करते हुए एकजुटता दिखाने का भी आह्वान किया।
ये कर्मचारी नेता रहे बैठक में शामिल
हड़ताल को लेकर सोमवार को हुई संयुक्त बैठक में महासंघ के प्रधान सूरजभान, पूर्व प्रधान राजेश गोयल, एसकेएस के प्रधान बलवंत सिंह, सचिव मूलचंद तिगरी, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के सचिव रणजीत सिंह, इंटक के प्रधान नरेश सरवारा, गगन सिंह, बीएमएस के सुलतान सिंह व हॉकम सिंह, क्लेरिकल एसोसिएशन के सतपाल सिंह व राजेश जूड सहित अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे।
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कुर्बानी देकर भी आंदोलन को बनाएंगे सफल : मायाराम
कर्मचारी नेता मायाराम उनियाल का कहना है कि प्रदेश सरकार व रोडवेज प्रशासन पांच सितंबर की हड़ताल को नाकाम बनाने में कामयाब रहा था, लेकिन इस बार चक्का जाम पूरी तरह से सफल होगा। इसके लिए कर्मचारी कोई भी कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस बार हड़ताल पूरी तरह से सफल रहेगी, जिसके लिए हर यूनियन से संबंधित कर्मचारी निर्णय ले चुके है। कुरुक्षेत्र बस अड्डे से पहली बस सुबह चार बजे निकलती है और उससे भी पहले ही जहां रात भर कर्मचारी यहीं रहते हुए निगरानी करेंगे बल्कि पहली बस से ही हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
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प्रर्दशन को लेकर 300 मीटर का दायरा भी खत्म
रोडवेज बस अड्डा व वर्कशॉप परिसर में प्रदर्शन-धरना आदि व हड़ताल पर अंकुश को लेकर रोडवेज प्रशासन ने अदालत की भी शरण ली और 14 कर्मचारी नेताओं को समन जारी किए गए। कर्मचारी नेताओं के अनुसार न्यायाधीश अभिमन्यु राजपूत की अदालत ने प्रशासन की अपील पर सुनवाई करते हुए इसे रद्द कर दिया। इसके बाद अब कर्मचारी रोडवेज व वर्कशॉप परिसर में ही धरना दे सकेंगे, इसके लिए कर्मचारी नेताओं ने बकायदा सोशल मीडिया का सहारा लेकर सभी कर्मचारियों को अवगत कराया।
पुलिस लाइन में खड़ी की बसें तो बस अड्डे पर भी पुलिस का पहरा
रोडवेज प्रशासन ने कर्मचारियों की हड़ताल विफल करने व कम से कम लंबे रूटों पर बसें चलाने की योजना के अनुसार दर्जन भर बसें पुलिस लाइन में खड़ी कर दी जबकि देर रात वापस आने वाली बसों को भी बाहर ही रोक दिया गया, ताकि अगले दिन हड़ताल के बावजूद ये बसें रूटों पर चलाई जा सके। वहीं बस अड्डे पर देर सायं से ही पुलिस का पहरा शुरू हो गया।
104 प्रोबेशन कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज : जीएम
जीएम लेखराज का कहना है कि सरकार ने हड़ताल को लेकर एस्मा लगाई हुई है और इसका उल्लंघन किया तो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने विशेष तौर पर निर्देश दिए हुए है कि प्रोबेशन पर चल रहे कर्मचारी हड़ताल पर जाते है तो उन्हें डिसमिस कर दिया जाएगा। कुरुक्षेत्र में ऐसे 104 कर्मचारी है। जीएम ने बताया कि भरसक प्रयास किए जाएंगे की बसें रूटों पर चले ताकि जनता को असुविधा न हो। सुरक्षा को लेकर भी पुलिस अधीक्षक को पूरी स्थिति से अवगत करवा दिया गया है और हड़ताल निपटने तक पुलिस बल बस अड्डे पर तैनात रहेगा।
पांच सितंबर को हड़ताल के चलते 41 कर्मचारियों का काटा गया था वेतन
बता दें कि पांच सितंबर को भी कर्मचारी हड़ताल पर उतरे थे। हालांकि यह हड़ताल सफल नहीं हो पाई थी जबकि हालात भी सामान्य ही रहे थे। इसके बावजूद प्रशासन ने 41 कर्मचारियों की सूची सरकार को भेजी थी और उनका वेतन भी काटा गया था।