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सांय साढ़े पांच बजे छाई काली घटाएं तो हुई रात, सात एमएम हुई बरसात
Updated Mon, 14 May 2018 12:40 AM IST
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तेज तूफान से कई जगह टूटे तार, सात एमएम हुई बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
कुुरुक्षेत्र। शहर के साथ-साथ जिलाभर में रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अचानक मौसम बदलने पर आसमान में काली घटाएं छाईं तो आधी रात जैसा नजारा हो गया। सड़कों पर वाहन चालक लाइटें जलाकर रेंगते रहे तो इसके साथ ही तेज तूफान के साथ करीब सात एमएम बारिश हुई। देर रात तक तेज हवा चलने के साथ बूंदाबांदी जारी रही, जिसके चलते मौसम सुहाना हो गया। बारिश की वजह से लोगों को बढ़ रही गर्मी से राहत मिल पाई है। दिन में अंधेरा हो जाने व तूफान आने से लोग भय के चलते अपने-अपने घरों में दुबक गए तो वहीं ज्योतिसर व ढांड रोड पर पेड़ गिरने के साथ कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। जिससे शहर के ही अधिकतर क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई तो वहीं तूफान और बारिश का असर मुख्यमंत्री के 19 मई को होने वाले रोड शो को लेकर की जा रही तैयारियों पर भी पड़ा है। रेलवे रोड पर चल रहे निर्माण कार्य के साथ
कई जगहों पर हो रहे कार्य रुक गए। दिन में मौसम पूरी तरह से साफ रहा, लेकिन शाम पांच बजे मौसम में परिवर्तन होना शुरू हुआ। साढ़े पांच बजे तेज हवा चलने शुरू हुई तो पूरी तरह से अंधेरा छा गया। इसके साथ ही आए तेज तूफान के बाद जिलाभर में बरसात हुई और रात आठ बजे तक भी बूंदाबांदी होती रही।
जिलाभर में ठप हुई बिजली सप्लाई, देर रात तक जारी रही पेट्रोलिंग
तूफान के चलते जिला भर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे चारों तरफ अंधेरा छा गया। अधिकतर फीडर एहतियातन बंद कर दिए गए। वहीं बिजली निगम की ओर से देर रात तक पेट्रोलिंग की जाती रही, ताकि कहीं बिजली के खंभे व टूटे तारों को किसी हादसे से पहले ठीक किया जा सके। बिजली अधिकारियों के अनुसार ज्योतिसर के आसपास व ढांड रोड पर कई पेड़ तेज तूफान के चलते गिर गए, जिससे कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। इसके चलते ही रात 9 बजे तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।
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कई टीमें उतारी फील्ड में, बिजली सुचारू करने का प्रयास जारी : जिंदल
बिजली निगम के एक्सईएन एमजी जिंदल का कहना है कि आशंका है कि तेज तूफान के कारण कई जगहों पर बिजली के तार व खंभे टूटे होंगे । पूरी लाइनों की जांच करवाई जा रही है। जहां पर तार टूटे हैं उन्हें दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
रेलवे रोड का निर्माण कार्य रुका
मुख्यमंत्री के रोड शो से पहले रेलवे रोड का निर्माण पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। तेज तूफान और बारिश का असर इस पर भी पड़ा है। बरसात के कारण काम रुक गया है। अब सोमवार को इस कार्य के शुरू होने की संभावना नहीं है। बता दें कि मुख्यमंत्री का रोड शो गोल बैंक से गीता निकेतन विद्यालय तक रेलवे रोड से गुजरेगा। इसी के चलते यहां पिछले कई दिनों से युद्ध स्तर पर काम चल रहा था।
ढैंचा और चारे की बिजाई के लिए अनुकूल समय : कर्मचंद
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि जिलाभर में बरसात हुई है। करीब सात एमएम हुई बरसात से जहां मौसम सुहाना हो गया है, वहीं अब किसान ढैंचा व पशु चारे की बिजाई कर सकेंगे। धान के लिए खेत भी अच्छी तरह से तैयार कर सकेंगे।
मंडी में भीगी गेहूं से भरी एक लाख बोरियां
गेहूं के सीजन में कई बार मौसम द्वारा दिखाए आइने से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया, जिसके चलते धीमी उठान के कारण रविवार को भी नई अनाज मंडी में गेहूं से भरी करीब एक लाख बोरियां भीग गईं। आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि भले ही अब गेहूं की आवक न के बराबर रह गई है, लेकिन धीमी उठान के चलते रविवार को भी मंडी में एक लाख बोरियां उठान का इंतजार करती रहीं। ये बोरियां रविवार शाम को हुई बारिश में भीग गईं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुुरुक्षेत्र। शहर के साथ-साथ जिलाभर में रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अचानक मौसम बदलने पर आसमान में काली घटाएं छाईं तो आधी रात जैसा नजारा हो गया। सड़कों पर वाहन चालक लाइटें जलाकर रेंगते रहे तो इसके साथ ही तेज तूफान के साथ करीब सात एमएम बारिश हुई। देर रात तक तेज हवा चलने के साथ बूंदाबांदी जारी रही, जिसके चलते मौसम सुहाना हो गया। बारिश की वजह से लोगों को बढ़ रही गर्मी से राहत मिल पाई है। दिन में अंधेरा हो जाने व तूफान आने से लोग भय के चलते अपने-अपने घरों में दुबक गए तो वहीं ज्योतिसर व ढांड रोड पर पेड़ गिरने के साथ कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। जिससे शहर के ही अधिकतर क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई तो वहीं तूफान और बारिश का असर मुख्यमंत्री के 19 मई को होने वाले रोड शो को लेकर की जा रही तैयारियों पर भी पड़ा है। रेलवे रोड पर चल रहे निर्माण कार्य के साथ
कई जगहों पर हो रहे कार्य रुक गए। दिन में मौसम पूरी तरह से साफ रहा, लेकिन शाम पांच बजे मौसम में परिवर्तन होना शुरू हुआ। साढ़े पांच बजे तेज हवा चलने शुरू हुई तो पूरी तरह से अंधेरा छा गया। इसके साथ ही आए तेज तूफान के बाद जिलाभर में बरसात हुई और रात आठ बजे तक भी बूंदाबांदी होती रही।
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जिलाभर में ठप हुई बिजली सप्लाई, देर रात तक जारी रही पेट्रोलिंग
तूफान के चलते जिला भर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे चारों तरफ अंधेरा छा गया। अधिकतर फीडर एहतियातन बंद कर दिए गए। वहीं बिजली निगम की ओर से देर रात तक पेट्रोलिंग की जाती रही, ताकि कहीं बिजली के खंभे व टूटे तारों को किसी हादसे से पहले ठीक किया जा सके। बिजली अधिकारियों के अनुसार ज्योतिसर के आसपास व ढांड रोड पर कई पेड़ तेज तूफान के चलते गिर गए, जिससे कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। इसके चलते ही रात 9 बजे तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।
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कई टीमें उतारी फील्ड में, बिजली सुचारू करने का प्रयास जारी : जिंदल
बिजली निगम के एक्सईएन एमजी जिंदल का कहना है कि आशंका है कि तेज तूफान के कारण कई जगहों पर बिजली के तार व खंभे टूटे होंगे । पूरी लाइनों की जांच करवाई जा रही है। जहां पर तार टूटे हैं उन्हें दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
रेलवे रोड का निर्माण कार्य रुका
मुख्यमंत्री के रोड शो से पहले रेलवे रोड का निर्माण पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। तेज तूफान और बारिश का असर इस पर भी पड़ा है। बरसात के कारण काम रुक गया है। अब सोमवार को इस कार्य के शुरू होने की संभावना नहीं है। बता दें कि मुख्यमंत्री का रोड शो गोल बैंक से गीता निकेतन विद्यालय तक रेलवे रोड से गुजरेगा। इसी के चलते यहां पिछले कई दिनों से युद्ध स्तर पर काम चल रहा था।
ढैंचा और चारे की बिजाई के लिए अनुकूल समय : कर्मचंद
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि जिलाभर में बरसात हुई है। करीब सात एमएम हुई बरसात से जहां मौसम सुहाना हो गया है, वहीं अब किसान ढैंचा व पशु चारे की बिजाई कर सकेंगे। धान के लिए खेत भी अच्छी तरह से तैयार कर सकेंगे।
मंडी में भीगी गेहूं से भरी एक लाख बोरियां
गेहूं के सीजन में कई बार मौसम द्वारा दिखाए आइने से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया, जिसके चलते धीमी उठान के कारण रविवार को भी नई अनाज मंडी में गेहूं से भरी करीब एक लाख बोरियां भीग गईं। आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि भले ही अब गेहूं की आवक न के बराबर रह गई है, लेकिन धीमी उठान के चलते रविवार को भी मंडी में एक लाख बोरियां उठान का इंतजार करती रहीं। ये बोरियां रविवार शाम को हुई बारिश में भीग गईं।