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हरे रामा, हरे कृष्णा के जयकारे के साथ ब्रह्मसरोवर से रवाना हुई भगवान जगन्नाथ रथयात्रा
Updated Sun, 18 Mar 2018 12:20 AM IST
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हरे रामा, हरे कृष्णा के जयकारे के साथ ब्रह्मसरोवर से रवाना हुई भगवान जगन्नाथ रथयात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हरे-रामा, हरे कृष्णा की गूंज के बीच शनिवार को देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने धर्मनगरी में भगवान जगन्नाथ रथ भव्य रथ का रस्सा खींचा। सभी रथ को ब्रह्मसरोवर से सेक्टर-13 लेकर पहुंचे। रथयात्रा में इंग्लैंड, रूस, जापान, फिलीपींस आदि देशों के अलावा भारत के विभिन्न हिस्सों से आये श्रद्धालु शामिल हुए। पिछले करीब तीन दशक से इस्कॉन संस्था द्वारा चलाई जा रही भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में श्रद्धालु भक्तिरस में चूर होकर जमकर झूमे ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित श्रीव्यास गौड़िया मठ से भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को विधायक सुभाष सुधा, डीसी डॉ एसएस फुलिया और इस्कॉन संत साक्षी गोपाल दास ने रवाना किया। इस मौके पर इस्कॉन संत गोपाल कृष्ण गोस्वामी, रुस के संत अंबरीश महाराज, फिलीपींस से संत जनार्धन महाराज के अलावा अन्य कई संत महात्मा यहां पहुंचे थे। भगवान जगन्नाथ के भक्तों ने रथयात्रा के आगे झाडू़ लगाई और इसके बाद रस्सों की मदद से खींचते हुए रथ का नगर के मुख्यमार्गों से भ्रमण कराया। रथ यात्रा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। इस्कॉन जीबीसी एवं बीबीटी ट्रस्टी गोपाल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि पांच हजार वर्ष पहले इस यात्रा का शुभारंभ धर्मनगरी से ही शुरू हुआ था। उन्होंने बताया कि कंस वध के बाद भगवान श्रीकृष्ण को पहली बार गोपियां सूर्यग्रहण स्नान के समय ब्रह्मसरोवर पर मिली थी और उस समय उन्हें यहीं से रथ में बैठाकर वे अपने साथ ले गई थीं। विधायक और डीसी ने भगवान जगन्नाथ यात्रा के शुभारंभ पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर सीतापति दास, स्वामी पचेता दास, इक्ष्वाकू दास, कालिंदीनाथ दास, सहस्त्रभुज दास, रोहिणी ह्रदय नंदन दास, बहुलाश्व दास, दीनवत्सल दास, शुद्ध भक्तिविलास दास, बलियज्ञ दास, पचेता दास, शिबी महाराज दास, राजभोग दास, रक्तनयन दास, सर्वश्रेष्ठ दास, रामलीलाधर दास, स्वागत कृष्ण दास आदि उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हरे-रामा, हरे कृष्णा की गूंज के बीच शनिवार को देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने धर्मनगरी में भगवान जगन्नाथ रथ भव्य रथ का रस्सा खींचा। सभी रथ को ब्रह्मसरोवर से सेक्टर-13 लेकर पहुंचे। रथयात्रा में इंग्लैंड, रूस, जापान, फिलीपींस आदि देशों के अलावा भारत के विभिन्न हिस्सों से आये श्रद्धालु शामिल हुए। पिछले करीब तीन दशक से इस्कॉन संस्था द्वारा चलाई जा रही भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में श्रद्धालु भक्तिरस में चूर होकर जमकर झूमे ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित श्रीव्यास गौड़िया मठ से भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को विधायक सुभाष सुधा, डीसी डॉ एसएस फुलिया और इस्कॉन संत साक्षी गोपाल दास ने रवाना किया। इस मौके पर इस्कॉन संत गोपाल कृष्ण गोस्वामी, रुस के संत अंबरीश महाराज, फिलीपींस से संत जनार्धन महाराज के अलावा अन्य कई संत महात्मा यहां पहुंचे थे। भगवान जगन्नाथ के भक्तों ने रथयात्रा के आगे झाडू़ लगाई और इसके बाद रस्सों की मदद से खींचते हुए रथ का नगर के मुख्यमार्गों से भ्रमण कराया। रथ यात्रा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। इस्कॉन जीबीसी एवं बीबीटी ट्रस्टी गोपाल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि पांच हजार वर्ष पहले इस यात्रा का शुभारंभ धर्मनगरी से ही शुरू हुआ था। उन्होंने बताया कि कंस वध के बाद भगवान श्रीकृष्ण को पहली बार गोपियां सूर्यग्रहण स्नान के समय ब्रह्मसरोवर पर मिली थी और उस समय उन्हें यहीं से रथ में बैठाकर वे अपने साथ ले गई थीं। विधायक और डीसी ने भगवान जगन्नाथ यात्रा के शुभारंभ पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर सीतापति दास, स्वामी पचेता दास, इक्ष्वाकू दास, कालिंदीनाथ दास, सहस्त्रभुज दास, रोहिणी ह्रदय नंदन दास, बहुलाश्व दास, दीनवत्सल दास, शुद्ध भक्तिविलास दास, बलियज्ञ दास, पचेता दास, शिबी महाराज दास, राजभोग दास, रक्तनयन दास, सर्वश्रेष्ठ दास, रामलीलाधर दास, स्वागत कृष्ण दास आदि उपस्थित रहे।