{"_id":"5aa574d84f1c1bbf088b4a6f","slug":"171520792792-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी कर्मियों की दो महीने के लिए की हड़ताल स्थगित, सोमवार से खुलेंगे केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी कर्मियों की दो महीने के लिए की हड़ताल स्थगित, सोमवार से खुलेंगे केंद्र
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंगनबाड़ी कर्मियों की दो महीने के लिए हड़ताल स्थगित, सोमवार से खुलेंगे केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अपनी मांगों को लेकर पिछले 27 दिनों से आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी कर्मियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद अपनी हड़ताल दो महीने के लिए स्थगित कर दी है। यूनियन ने मुख्यमंत्री को मांगों पर कार्रवाई के लिए 10 मई तक का समय दिया है। यदि सरकार ने 10 मई तक आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो यूनियन 10 मई को बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगी।
यूनियन ने आंदोलन में मीडिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री से बातचीत करने गए प्रतिनिधिमंडल से वापस लौटी जिला सचिव कलावती ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यूनियन के पदाधिकारियों को आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। अभी सरकार ने आंगनबाड़ी वर्करों को श्रमिक का दर्जा दिया है। इसके अलावा मिनी आंगनबाड़ी वर्कर का वेतन भी 4070 से बढ़कर 10256 रुपये कर दिया है। आंगनबाड़ी वर्कर को दो श्रेणियों में बांटा गया है। इसके अलावा हेल्पर से वर्कर और वर्कर से सुपरवाइजर की पदोन्नति की वर्तमान 25 फीसदी की सीमा को 50 प्रतिशत करने पर भी सहमति बनी है। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बड़े शहरों में 5000 रुपये, छोटे शहरों में 3000 रुपये और गांवों में 750 रुपये करने पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि यूनियन ने बैठक कर अपना आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। सोमवार से सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अपनी मांगों को लेकर पिछले 27 दिनों से आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी कर्मियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद अपनी हड़ताल दो महीने के लिए स्थगित कर दी है। यूनियन ने मुख्यमंत्री को मांगों पर कार्रवाई के लिए 10 मई तक का समय दिया है। यदि सरकार ने 10 मई तक आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो यूनियन 10 मई को बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगी।
यूनियन ने आंदोलन में मीडिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री से बातचीत करने गए प्रतिनिधिमंडल से वापस लौटी जिला सचिव कलावती ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यूनियन के पदाधिकारियों को आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। अभी सरकार ने आंगनबाड़ी वर्करों को श्रमिक का दर्जा दिया है। इसके अलावा मिनी आंगनबाड़ी वर्कर का वेतन भी 4070 से बढ़कर 10256 रुपये कर दिया है। आंगनबाड़ी वर्कर को दो श्रेणियों में बांटा गया है। इसके अलावा हेल्पर से वर्कर और वर्कर से सुपरवाइजर की पदोन्नति की वर्तमान 25 फीसदी की सीमा को 50 प्रतिशत करने पर भी सहमति बनी है। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बड़े शहरों में 5000 रुपये, छोटे शहरों में 3000 रुपये और गांवों में 750 रुपये करने पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि यूनियन ने बैठक कर अपना आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। सोमवार से सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे।
विज्ञापन